बेंगलुरु। कर्नाटक के जल संसाधन मंत्री एन. चालुवरयास्वामी ने अपर कृष्णा प्रोजेक्ट-3 (UKP-3) को लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कृष्णा भाग्य जल निगम लिमिटेड (KBJNL) के अधिकारियों से कहा है कि परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी तरह कानून के अनुसार की जाए और किसी भी तरह के राजनीतिक दबाव में काम न किया जाए।

मंत्री ने कहा कि UKP-3 राज्य की एक महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजना है और इसके सफल क्रियान्वयन के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरा करना जरूरी है।

1.33 लाख हेक्टेयर जमीन अधिग्रहण बड़ी चुनौती

कृष्णा भाग्य जल निगम लिमिटेड की परियोजनाओं की प्रगति को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री ने कहा कि अपर कृष्णा प्रोजेक्ट-3 के तहत अतिरिक्त 100 टीएमसी पानी के भंडारण की योजना है।

इस परियोजना के लिए नहरों, गांवों और अन्य बुनियादी ढांचे से जुड़े कार्यों के लिए कुल 1,33,887 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी मात्रा में जमीन का अधिग्रहण एक चुनौतीपूर्ण प्रक्रिया है, जिसे सावधानी और नियमों के अनुसार पूरा करना होगा।

87 गांवों के नोटिफिकेशन जल्द पूरे करने के निर्देश

मंत्री चालुवरयास्वामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना के दायरे में आने वाले गांवों की अधिसूचना प्रक्रिया में तेजी लाई जाए।

उन्होंने कहा कि कुल 184 गांवों में से 87 गांवों के लिए नोटिफिकेशन की प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी की जानी चाहिए, ताकि परियोजना के अगले चरणों का काम समय पर आगे बढ़ सके।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जमीन अधिग्रहण से जुड़े सभी मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए और प्रभावित लोगों को कानून के तहत मिलने वाले अधिकारों का ध्यान रखा जाए।

राजनीतिक दबाव से दूर रहने की हिदायत

मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में कहा कि जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया के दौरान किसी भी राजनेता के दबाव में नहीं आना है। उन्होंने स्थानीय विधायकों समेत किसी भी राजनीतिक हस्तक्षेप से प्रभावित हुए बिना नियमों के तहत काम करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि परियोजनाओं को सफल बनाने के लिए प्रशासनिक निर्णय निष्पक्ष और पारदर्शी होने चाहिए। किसी भी व्यक्ति या समूह के दबाव में आकर प्रक्रिया में बदलाव नहीं किया जाना चाहिए।

किसानों और प्रभावित परिवारों के हितों पर जोर

UKP-3 परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण से कई गांव और ग्रामीण क्षेत्र प्रभावित होंगे। ऐसे में सरकार के सामने विकास कार्यों के साथ-साथ प्रभावित लोगों के हितों को सुरक्षित रखने की चुनौती भी है।

मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जमीन अधिग्रहण के दौरान किसानों और जमीन मालिकों के साथ उचित प्रक्रिया अपनाई जाए और उन्हें नियमों के अनुसार मुआवजा और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

क्षेत्रीय आयुक्तों और महाप्रबंधकों के साथ होगी बैठक

एन. चालुवरयास्वामी ने कहा कि इस मामले को लेकर वह जल्द ही क्षेत्रीय आयुक्तों और KBJNL के महाप्रबंधकों के साथ एक विशेष बैठक करेंगे।

इस बैठक में जमीन अधिग्रहण की प्रगति, लंबित मामलों और परियोजना से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों की समीक्षा की जाएगी।

मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि परियोजना में किसी भी तरह की देरी से बचने के लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाया जाए।

सिंचाई क्षमता बढ़ाने की योजना

अपर कृष्णा प्रोजेक्ट-3 को कर्नाटक की महत्वपूर्ण सिंचाई योजनाओं में शामिल किया जाता है। इसका उद्देश्य राज्य के सूखा प्रभावित क्षेत्रों में जल उपलब्धता बढ़ाना और कृषि क्षेत्र को मजबूत करना है।

परियोजना के तहत अतिरिक्त जल भंडारण और नहर नेटवर्क के विस्तार से बड़ी संख्या में किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

सरकार की प्राथमिकता में UKP-3

मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सिंचाई परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि तकनीकी, प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रियाओं को समय पर पूरा किया जाए।

उन्होंने कहा कि UKP-3 जैसी बड़ी परियोजनाओं के लिए मजबूत योजना और प्रभावी कार्यान्वयन जरूरी है।

अपर कृष्णा प्रोजेक्ट-3 के लिए जमीन अधिग्रहण को लेकर मंत्री के सख्त निर्देशों के बाद अब KBJNL अधिकारियों पर प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी है। सरकार का लक्ष्य है कि कानूनी नियमों का पालन करते हुए परियोजना को निर्धारित समय में पूरा किया जाए।

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