बेंगलुरु। कर्नाटक में सूखे की स्थिति के बावजूद बिजली आपूर्ति को लेकर सरकार ने बड़ा आश्वासन दिया है। ऊर्जा मंत्री के.जे. जॉर्ज ने मंगलवार को कहा कि राज्य में बिजली सप्लाई में किसी तरह की कमी या बाधा न आए, इसके लिए सरकार ने पहले से जरूरी तैयारियां कर ली हैं।

उन्होंने कहा कि बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए विभाग को भविष्य की जरूरतों के लिए एक व्यापक योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का लक्ष्य है कि घरेलू, कृषि और औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति लगातार बनी रहे।

बिजली आपूर्ति को लेकर सरकार सतर्क

बेंगलुरु में आयोजित ‘भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट एंड एग्जीबिशन-2026’ के रोड शो के उद्घाटन कार्यक्रम में मंत्री के.जे. जॉर्ज ने राज्य की बिजली व्यवस्था को लेकर जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि सूखे के कारण बिजली उत्पादन और संसाधनों पर दबाव बढ़ सकता है, लेकिन सरकार ने पहले से ही वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर काम शुरू कर दिया है।

मंत्री ने कहा कि बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है और इसके लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।

पावर एक्सचेंज से खरीदी गई थी अतिरिक्त बिजली

के.जे. जॉर्ज ने बताया कि पिछली गर्मियों में बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए पावर एक्सचेंज समझौतों के माध्यम से उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा से अतिरिक्त बिजली खरीदी गई थी।

उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर भविष्य में भी अन्य राज्यों से बिजली खरीदने की व्यवस्था जारी रखी जाएगी।

मंत्री ने कहा कि बिजली की मांग और उपलब्धता के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए सरकार लगातार स्थिति की समीक्षा कर रही है।

ओपन मार्केट से भी खरीदी जाएगी बिजली

ऊर्जा मंत्री ने कहा कि अगर जरूरत पड़ती है तो सरकार ओपन मार्केट से भी बिजली खरीदने के लिए तैयार है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि बिजली आपूर्ति बनाए रखने के लिए आर्थिक संसाधनों की कमी नहीं आने दी जाएगी। सरकार राज्य के नागरिकों और उद्योगों को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक खर्च उठाने को तैयार है।

भविष्य की मांग को देखते हुए तैयार होगी योजना

मंत्री ने बताया कि ऊर्जा विभाग को आने वाले वर्षों में बिजली की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए एक विस्तृत योजना तैयार करने को कहा गया है।

इस योजना में बिजली उत्पादन बढ़ाने, नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने और आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने जैसे पहलुओं को शामिल किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि राज्य में उद्योगों, शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की जरूरत लगातार बढ़ रही है, इसलिए लंबे समय की रणनीति बनाना जरूरी है।

नवीकरणीय ऊर्जा पर सरकार का जोर

‘भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट एंड एग्जीबिशन-2026’ के रोड शो के दौरान मंत्री ने नवीकरणीय ऊर्जा के महत्व पर भी जोर दिया।

उन्होंने कहा कि भविष्य में सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा और अन्य हरित ऊर्जा स्रोतों की भूमिका बढ़ेगी। इससे बिजली उत्पादन को स्थिर बनाने में मदद मिलेगी और पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम होगी।

सूखे का बिजली उत्पादन पर असर

कर्नाटक में सूखे की स्थिति के कारण जल संसाधनों पर असर पड़ा है। राज्य में कई बिजली परियोजनाएं जल उपलब्धता से भी जुड़ी हुई हैं।

ऐसे में सरकार वैकल्पिक स्रोतों से बिजली उपलब्ध कराने की तैयारी कर रही है। मंत्री ने कहा कि सूखे की चुनौती के बावजूद आम जनता को बिजली संकट का सामना नहीं करना पड़ेगा।

किसानों और उद्योगों को राहत का भरोसा

बिजली आपूर्ति में कमी का सबसे ज्यादा असर किसानों और उद्योगों पर पड़ सकता है। सरकार का कहना है कि कृषि पंपों, छोटे उद्योगों और बड़े औद्योगिक क्षेत्रों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बिजली प्रबंधन किया जा रहा है।

मंत्री ने भरोसा दिलाया कि बिजली आपूर्ति को लेकर किसी भी वर्ग को परेशानी नहीं होने दी जाएगी।

सरकार ने तैयार किया वैकल्पिक इंतजाम

के.जे. जॉर्ज ने कहा कि राज्य सरकार बिजली की मांग, उत्पादन और उपलब्धता पर लगातार नजर रख रही है। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त बिजली खरीदने के सभी विकल्प खुले रखे गए हैं।

उन्होंने कहा कि बिजली व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए विभागीय स्तर पर लगातार समीक्षा की जा रही है।

कर्नाटक सरकार का कहना है कि सूखे जैसी परिस्थितियों के बावजूद राज्य में बिजली आपूर्ति को स्थिर रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। आने वाले समय में बढ़ती मांग को देखते हुए नई योजनाओं और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।

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