बेंगलुरु। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में 13 साल के बच्चे के अपहरण और हत्या के मामले ने सनसनी फैला दी है। पुलिस ने इस मामले में 28 वर्षीय **भास्कर रेड्डी** को गिरफ्तार किया है, जो कुछ महीने पहले ब्रिटेन से मास्टर डिग्री की पढ़ाई पूरी कर भारत लौटा था। पुलिस का आरोप है कि भास्कर ने अपने एक साथी के साथ मिलकर अपने पूर्व पड़ोसी के बेटे **एम प्रज्वल** का अपहरण किया और उसके परिवार से करीब एक करोड़ रुपये की फिरौती मांगने की योजना बनाई। वारदात के पीछे आरोपी के परिवार पर करीब तीन करोड़ रुपये का कर्ज होने की बात शुरुआती जांच में सामने आई है।मृतक प्रज्वल आठवीं कक्षा का छात्र था। आरोपी भास्कर उसके परिवार को पहले से जानता था। दोनों परिवार येलहंका इलाके में कई वर्षों तक आसपास रहते थे। बाद में प्रज्वल का परिवार उसी इलाके की दूसरी गली में रहने चला गया था। पुलिस के अनुसार दोनों परिवारों के बीच किसी पुरानी दुश्मनी या कारोबारी विवाद की जानकारी नहीं मिली है।मामले में भास्कर के कथित साथी **एडुकोंडालु** की तलाश की जा रही है। पुलिस के मुताबिक वह एक निजी स्कूल बस में क्लीनर का काम करता है। इस पूरे मामले में आरोप अभी जांच के अधीन हैं और अंतिम कानूनी निष्कर्ष अदालत की प्रक्रिया से तय होगा।
ब्रिटेन से पढ़ाई करके लौटा था आरोपी
पुलिस के मुताबिक भास्कर मूल रूप से आंध्र प्रदेश का रहने वाला है, लेकिन उसकी परवरिश बेंगलुरु में हुई। वह कुछ महीने पहले लंदन से मास्टर डिग्री की पढ़ाई पूरी करके वापस आया था। इसके बाद उसने बेंगलुरु की एक निजी कंपनी में नौकरी शुरू की थी। एक रिपोर्ट के मुताबिक वह कंपनी के फाइनेंस सेक्शन में काम कर रहा था।जांच में पुलिस को पता चला कि भास्कर के परिवार पर करीब तीन करोड़ रुपये का कर्ज था। आरोप है कि इसी कर्ज को चुकाने के लिए उसने एक करोड़ रुपये की फिरौती हासिल करने की योजना बनाई।प्रज्वल के पिता रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े हैं। आरोपी परिवार को पहले से जानता था और कथित तौर पर उसे लगा कि बच्चे का अपहरण करने के बाद बड़ी रकम हासिल की जा सकती है।
बच्चे के कारों के शौक का उठाया फायदा
पुलिस के मुताबिक प्रज्वल को कारों में काफी दिलचस्पी थी और आरोपी इस बात को जानता था। 16 सितंबर की शाम भास्कर अपनी एसयूवी लेकर प्रज्वल के पास पहुंचा।आरोप है कि उसने बच्चे से कहा कि वे गणपति उत्सव के लिए पटाखे खरीदने जा रहे हैं। साथ ही उसने प्रज्वल को कार चलाने का मौका देने की बात भी कही। परिचित व्यक्ति होने के कारण बच्चे को उस पर संदेह नहीं हुआ और वह उसके साथ कार में बैठ गया।पुलिस के अनुसार उस समय प्रज्वल के पिता घर पर मौजूद नहीं थे। बच्चा अपनी मां को बताए बिना आरोपी के साथ चला गया।यही वह भरोसा था जिसका कथित तौर पर आरोपी ने फायदा उठाया। पुलिस का कहना है कि बच्चे को बहला-फुसलाकर ले जाने की योजना पहले से तैयार की गई थी।
सुनसान जगह पर ले जाकर बनाया वीडियो
आरोप है कि भास्कर और उसका साथी प्रज्वल को बागलूर के पास एक सुनसान निर्माण स्थल की ओर ले गए। वहां बच्चे को बंधक बनाया गया।जांच के मुताबिक आरोपियों ने एक वीडियो भी रिकॉर्ड किया, जिसे बाद में बच्चे के परिवार को भेजकर फिरौती मांगने की योजना थी। वीडियो में कथित रूप से बच्चे को अपने पिता से पैसे देने की अपील करने के लिए मजबूर किया गया।रिपोर्ट के मुताबिक बच्चे के शरीर और सिर पर पट्टियां भी बांधी गई थीं, ताकि वीडियो देखकर ऐसा लगे कि उसके साथ मारपीट की गई है।पुलिस का कहना है कि योजना वीडियो के जरिए परिवार को डराकर फिरौती हासिल करने की थी।
एक करोड़ रुपये मांगने की थी योजना
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों की योजना बच्चे के पिता से करीब **एक करोड़ रुपये** मांगने की थी।जांच अधिकारियों के मुताबिक भास्कर के पिता पर लगभग तीन करोड़ रुपये का कर्ज होने की बात सामने आई है और आशंका है कि इसी आर्थिक दबाव के चलते फिरौती की साजिश रची गई।हालांकि आर्थिक कर्ज और अपराध के बीच संबंध फिलहाल पुलिस की प्रारंभिक जांच का हिस्सा है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम और उद्देश्य की अंतिम तस्वीर स्पष्ट होगी।
लकड़ी और ईंट से हमले का आरोप
पुलिस का आरोप है कि वीडियो बनाने के बाद बच्चे पर हमला किया गया। पहले उसके सिर पर लकड़ी के टुकड़े से वार किया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गया।इसके बाद आरोपियों ने कथित तौर पर बच्चे को दूसरी सुनसान जगह पहुंचाया और उसके सिर के पिछले हिस्से पर खोखली सीमेंट की ईंटों से हमला किया। गंभीर चोट लगने से उसकी मौत हो गई।जांच में यह भी दावा किया गया है कि वारदात के समय दोनों आरोपी नशे में थे। पुलिस अब घटनास्थलों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरी वारदात की कड़ियां जोड़ रही है।
शव को नेल्लोर ले जाकर ठिकाने लगाने की थी कोशिश
हत्या के बाद कथित साथी एडुकोंडालु वहां से चला गया। इसके बाद भास्कर ने बच्चे के शव को ठिकाने लगाने की कोशिश की।पुलिस के अनुसार उसने शव को एक पुराने और फटे गद्दे में लपेटा और अपनी एसयूवी की डिक्की में रख लिया। इसके बाद वह शव को आंध्र प्रदेश के नेल्लोर की तरफ ले जाने की कोशिश करने लगा।लेकिन रास्ते में हुई एक घटना ने पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया।
कार दुर्घटना ने खोल दिया पूरा राज
पुलिस के मुताबिक शव लेकर जा रहे भास्कर की एसयूवी पहले एक बिजली के खंभे से टकराई। इसके बावजूद वह आगे बढ़ता रहा।चिक्काजाला इलाके में एक अपार्टमेंट के पास उसकी गाड़ी वहां खड़ी दो अन्य कारों से जा टकराई। लगातार हुई टक्करों की आवाज सुनकर आसपास मौजूद सुरक्षाकर्मी और स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए।लोगों ने चालक को रोक लिया। उसकी गतिविधियों और जवाबों पर संदेह होने के बाद वाहन की जांच की गई।एसयूवी की डिक्की खुलने पर वहां 13 वर्षीय प्रज्वल का शव मिला। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
हादसा बताने की कोशिश
रिपोर्ट के मुताबिक शुरुआत में आरोपी ने लोगों को यह बताने की कोशिश की कि बच्चे के साथ दुर्घटना हुई है और वह उसे अस्पताल लेकर जा रहा है।लेकिन कार की डिक्की में शव मिलने और परिस्थितियों पर संदेह होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पूछताछ और शुरुआती जांच में अपहरण तथा हत्या की कथित साजिश सामने आई।यही कार दुर्घटना इस मामले के खुलासे की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी बन गई। अगर रास्ते में वाहन दुर्घटनाग्रस्त नहीं होता तो आरोपी कथित तौर पर शव को दूसरी जगह ले जाने की कोशिश कर रहा था।
भास्कर गिरफ्तार, दूसरे आरोपी की तलाश
पुलिस ने भास्कर रेड्डी को गिरफ्तार कर लिया है। उससे पूछताछ कर घटनाक्रम को दोबारा समझने और वारदात से जुड़े साक्ष्य जुटाने की कोशिश की जा रही है।वहीं उसके कथित साथी एडुकोंडालु की तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि उसके संभावित ठिकानों के संबंध में कुछ सुराग मिले हैं।मामले में अपहरण और हत्या से संबंधित कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि फिरौती की योजना कब बनाई गई, इसमें कौन-कौन शामिल था और हत्या का निर्णय किन परिस्थितियों में लिया गया।
दोनों परिवारों में नहीं थी कोई पुरानी दुश्मनी
बेंगलुरु नॉर्थ-ईस्ट डिवीजन के डीसीपी जीके मिथुन कुमार के मुताबिक शुरुआती जांच में पीड़ित परिवार और आरोपी के परिवार के बीच किसी तरह की पुरानी दुश्मनी या कारोबारी प्रतिद्वंद्विता सामने नहीं आई है।दोनों परिवार पहले पड़ोसी थे और एक-दूसरे को जानते थे। इसी परिचय के कारण प्रज्वल आरोपी के साथ जाने को तैयार हो गया। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने बच्चे की कारों में रुचि का फायदा उठाया।
कर्ज चुकाने के लिए रची गई साजिश की जांच
अब पुलिस की जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा आरोपी के परिवार पर बताए जा रहे तीन करोड़ रुपये के कर्ज और एक करोड़ रुपये की कथित फिरौती की योजना है।पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आर्थिक संकट कब से चल रहा था और बच्चे को ही निशाना बनाने का फैसला कैसे लिया गया। साथ ही आरोपी के फरार साथी की भूमिका और दोनों के बीच हुई बातचीत से संबंधित सबूत भी जुटाए जा रहे हैं।बेंगलुरु की इस वारदात में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि आरोपी पीड़ित परिवार के लिए कोई अनजान व्यक्ति नहीं था। वह वर्षों तक उनका पड़ोसी रह चुका था। पुलिस के मुताबिक इसी पुराने परिचय और बच्चे के भरोसे का इस्तेमाल उसे कार में बैठाने के लिए किया गया।फिलहाल गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ जारी है और दूसरे आरोपी की तलाश की जा रही है। पुलिस ने जो घटनाक्रम बताया है वह प्रारंभिक जांच पर आधारित है। मामले में आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद होगी।