मंगलुरु। फास्ट फूड रेस्टोरेंट चेन KFC ने सोमवार को मंगलुरु स्थित अपने एक आउटलेट को लेकर उठे विवाद पर सफाई दी है। कंपनी ने कहा कि हाल ही में ग्राहक की शिकायत और उसके बाद हुई खाद्य सुरक्षा जांच को लेकर जो जानकारी सामने आ रही है, वह पूरी तरह सही तथ्यों को नहीं दर्शाती है।

KFC ने दावा किया कि उसके सभी आउटलेट्स पर खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता से जुड़े तय नियमों का पालन किया जाता है। कंपनी ने कहा कि ग्राहकों को परोसे जाने वाले चिकन और अन्य खाद्य सामग्री को निर्धारित मानकों के अनुसार ही रखा और तैयार किया जाता है।

कंपनी की यह प्रतिक्रिया उस मामले के बाद आई है, जिसमें एक ग्राहक ने मंगलुरु स्थित KFC आउटलेट पर कथित तौर पर बासी चिकन परोसे जाने का आरोप लगाया था। शिकायत के बाद राज्य के स्वास्थ्य मंत्री यू.टी. खादर के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने संबंधित रेस्टोरेंट की जांच की थी।

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आउटलेट पहुंचकर वहां रखे गए खाद्य पदार्थों, साफ-सफाई व्यवस्था और खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों की जांच की थी। इस जांच के बाद मामला चर्चा में आ गया था।

KFC ने कहा कि सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर मामले को लेकर जो बातें सामने आई हैं, उनमें कई ऐसी जानकारियां हैं जो वास्तविक स्थिति को पूरी तरह नहीं दिखाती हैं। कंपनी ने कहा कि वह अपने ग्राहकों की सुरक्षा और संतुष्टि को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है।

कंपनी के अनुसार, उसके सभी रेस्टोरेंट्स में भोजन तैयार करने, रखने और परोसने के लिए निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन किया जाता है। चिकन की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए तापमान नियंत्रण, स्टोरेज और हैंडलिंग से जुड़े नियमों का पालन किया जाता है।

KFC ने यह भी कहा कि खाद्य सुरक्षा से जुड़े किसी भी मामले को वह गंभीरता से लेती है और ग्राहकों की शिकायतों पर तुरंत ध्यान दिया जाता है।

इस मामले की शुरुआत तब हुई जब एक ग्राहक ने मंगलुरु आउटलेट में चिकन की गुणवत्ता को लेकर शिकायत की थी। ग्राहक का आरोप था कि उसे खराब या बासी चिकन परोसा गया। शिकायत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया और जांच शुरू की।

कर्नाटक सरकार पहले ही राज्य में खाद्य सुरक्षा को लेकर सख्ती बरतने की बात कह चुकी है। स्वास्थ्य मंत्री यू.टी. खादर ने हाल ही में कहा था कि लोगों के स्वास्थ्य से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

स्वास्थ्य विभाग ने राज्यभर में होटल, रेस्टोरेंट, फास्ट फूड आउटलेट और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच शुरू की है। अधिकारियों का कहना है कि खराब गुणवत्ता वाला खाना उपलब्ध कराने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

मंत्री खादर ने कहा था कि खाद्य सुरक्षा जांच किसी को परेशान करने के लिए नहीं बल्कि लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की जा रही है।

खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, फास्ट फूड आउटलेट्स में चिकन और अन्य मांसाहारी खाद्य पदार्थों के रखरखाव में विशेष सावधानी जरूरी होती है। सही तापमान और स्वच्छता नियमों का पालन नहीं होने पर स्वास्थ्य संबंधी खतरे पैदा हो सकते हैं।

इस विवाद के बाद ग्राहकों के बीच भी खाद्य सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है। लोग अब रेस्टोरेंट्स में मिलने वाले खाने की गुणवत्ता और साफ-सफाई को लेकर ज्यादा सतर्क हो रहे हैं।

KFC ने अपनी सफाई में कहा है कि वह लगातार अपने आउटलेट्स की निगरानी करता है और खाद्य सुरक्षा मानकों को बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाता है।

कंपनी ने ग्राहकों से अपील की है कि किसी भी तरह की शिकायत होने पर वे सीधे कंपनी के आधिकारिक माध्यमों से संपर्क करें, ताकि समस्या का समाधान जल्द किया जा सके।

वहीं, स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की दिशा तय होगी। अगर जांच में किसी तरह की लापरवाही सामने आती है तो नियमों के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।

फिलहाल KFC की सफाई के बाद भी यह मामला खाद्य सुरक्षा और रेस्टोरेंट्स में गुणवत्ता नियंत्रण को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है। प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग की निगरानी के बीच अब जांच रिपोर्ट का इंतजार है।

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