बेंगलुरु। कर्नाटक में 23 अक्टूबर को होने वाले विधान परिषद की चार सीटों के चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जनता दल (सेक्युलर) यानी JDS ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। दोनों दलों ने इन चुनावों में मिलकर मैदान में उतरने और निर्वाचन क्षेत्रों में बेहतर समन्वय के साथ काम करने पर जोर दिया है। शनिवार को बेंगलुरु में BJP और JDS के वरिष्ठ नेताओं की बैठक हुई, जिसमें चुनावी रणनीति, संगठन और दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच तालमेल को लेकर चर्चा की गई।

विधान परिषद की जिन चार सीटों पर चुनाव होना है, उनमें दो स्नातक और दो शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। इनमें कर्नाटक दक्षिण-पूर्व स्नातक, कर्नाटक पश्चिम स्नातक, कर्नाटक उत्तर-पूर्व शिक्षक और बेंगलुरु शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। इन सीटों के मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल नवंबर में समाप्त होने वाला है। चुनाव आयोग की घोषित समय-सारिणी के अनुसार 23 अक्टूबर को मतदान होगा और 27 अक्टूबर को मतगणना की जाएगी।

शनिवार को हुई बैठक में BJP के प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र और केंद्रीय मंत्री एवं JDS नेता एचडी कुमारस्वामी समेत दोनों दलों के प्रमुख नेता शामिल हुए। बैठक में निर्वाचन क्षेत्रवार तैयारियों पर चर्चा की गई। इसके साथ ही कार्यकर्ताओं को एक-दूसरे के साथ समन्वय बनाकर चुनावी गतिविधियों को आगे बढ़ाने की बात कही गई।

बैठक का एक प्रमुख विषय दोनों दलों के बीच जमीनी स्तर पर तालमेल रहा। नेताओं ने चुनावी क्षेत्रों में संगठन की स्थिति, कार्यकर्ताओं की भूमिका और वोटों के समन्वय से जुड़े पहलुओं पर चर्चा की। BJP और JDS के नेताओं ने आगामी चुनाव को गठबंधन के तौर पर साथ मिलकर लड़ने की रणनीति पर सहमति जताई है।

केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे ने बैठक के बाद कहा कि दोनों दलों को मिलकर काम करना है और चुनाव का सामना भी साथ मिलकर करना है। उन्होंने कहा कि BJP-JDS को चारों सीटों पर मिलकर चुनाव लड़ना चाहिए। उनके बयान से गठबंधन की चुनावी रणनीति में आपसी सहयोग पर दिए जा रहे जोर का संकेत मिलता है।

BJP प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने भी कहा कि दोनों दलों ने चार विधान परिषद सीटों के चुनाव में संयुक्त रूप से उतरने का फैसला किया है। उन्होंने बताया कि बैठक विशेष रूप से चुनाव की रणनीति तैयार करने के लिए बुलाई गई थी। दोनों दलों के नेताओं के बीच आने वाले दिनों में भी समन्वय के साथ चुनावी गतिविधियां आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई।

इन चार सीटों में बेंगलुरु शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में JDS का उम्मीदवार मैदान में है। उपलब्ध चुनावी जानकारी के अनुसार JDS ने एपी रंगनाथ को उम्मीदवार बनाया है। वहीं BJP ने दक्षिण-पूर्व स्नातक, पश्चिम स्नातक और उत्तर-पूर्व शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए अपने उम्मीदवार घोषित किए हैं।

BJP की ओर से दक्षिण-पूर्व स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में केएम सुरेश, पश्चिम स्नातक सीट पर एसवी संकनूर और उत्तर-पूर्व शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में शशिल जी नामोशी को उम्मीदवार बनाया गया है। बेंगलुरु शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में JDS के एपी रंगनाथ का मुकाबला कांग्रेस के मौजूदा सदस्य पुत्तन्ना से होगा।

विधान परिषद की इन चार सीटों का चुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह BJP और JDS के बीच चुनावी तालमेल की जमीनी परीक्षा का एक अवसर है। दोनों दल राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी NDA के सहयोगी हैं और कर्नाटक में आगे भी संयुक्त राजनीतिक गतिविधियों को बढ़ाने की बात कर चुके हैं।

शनिवार की बैठक में केवल उम्मीदवारों और चुनावी क्षेत्रों पर ही चर्चा नहीं हुई, बल्कि दोनों दलों के संगठनात्मक समन्वय पर भी जोर दिया गया। नेताओं ने कार्यकर्ताओं से संयुक्त रूप से चुनाव अभियान चलाने और स्थानीय स्तर पर आपसी तालमेल बनाए रखने की बात कही। इससे चुनावी क्षेत्रों में दोनों संगठनों के बीच समन्वय स्थापित करने की कोशिश की जा रही है।

विधान परिषद में फिलहाल कांग्रेस सबसे बड़ा दल है। कर्नाटक विधान परिषद की आधिकारिक वेबसाइट पर 7 अगस्त 2026 की पार्टी स्थिति के अनुसार कांग्रेस के 38, BJP के 24 और JDS के 6 सदस्य हैं। इसके अलावा एक निर्दलीय सदस्य और पांच रिक्त सीटें दर्ज हैं। परिषद की कुल क्षमता 75 सदस्यों की है।

ऐसे में चार सीटों का आगामी चुनाव परिषद की मौजूदा राजनीतिक स्थिति के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण है। हालांकि इन चार सीटों के नतीजों से पूरे सदन की तस्वीर अकेले नहीं बदलेगी, लेकिन चुनावी क्षेत्रों में दलों के संगठनात्मक प्रदर्शन और गठबंधन के स्तर पर तालमेल का आकलन जरूर होगा।

दक्षिण-पूर्व स्नातक और पश्चिम स्नातक सीटों के साथ उत्तर-पूर्व शिक्षक और बेंगलुरु शिक्षक सीट पर अलग-अलग मतदाता समूह चुनाव में हिस्सा लेंगे। स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में पंजीकृत स्नातक मतदाता और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में पात्र शिक्षक मतदाता मतदान करते हैं। इसलिए इन क्षेत्रों में सामान्य विधानसभा चुनावों से अलग तरह का चुनावी संगठन और मतदाता संपर्क महत्वपूर्ण होता है।

BJP और JDS की संयुक्त रणनीति में इसी कारण निर्वाचन क्षेत्र के हिसाब से अलग योजना बनाने पर जोर दिया जा रहा है। दोनों दलों के स्थानीय संगठन और कार्यकर्ता अपने-अपने प्रभाव वाले क्षेत्रों में सक्रिय रहेंगे और गठबंधन के उम्मीदवारों के पक्ष में समन्वय के साथ काम करने की कोशिश करेंगे।

बैठक में केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी, शोभा करंदलाजे, विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक, विधान परिषद में विपक्ष के नेता चलवाड़ी नारायणस्वामी और दोनों दलों के अन्य वरिष्ठ नेता भी शामिल हुए। इससे स्पष्ट है कि दोनों दलों के शीर्ष स्तर के नेताओं ने इन चुनावों की तैयारियों को लेकर संगठनात्मक बैठक शुरू कर दी है।

चुनाव कार्यक्रम के अनुसार 29 सितंबर को अधिसूचना जारी होगी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर है, 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 9 अक्टूबर तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकेंगे। इसके बाद 23 अक्टूबर को मतदान होगा और 27 अक्टूबर को मतगणना की जाएगी।

BJP और JDS के बीच सीटों को लेकर बनी व्यवस्था के तहत तीन सीटों पर BJP और एक सीट पर JDS के उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। दोनों दलों का जोर अब संयुक्त संगठनात्मक गतिविधियों और मतदाताओं तक पहुंच बनाने पर है।

विधान परिषद चुनाव के बाद दोनों दलों के बीच तालमेल की आगे की दिशा को लेकर भी संकेत मिल सकते हैं। फिलहाल नेताओं ने आगामी चुनाव में संयुक्त रूप से काम करने और संगठन के स्तर पर समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया है। दोनों दलों के लिए अब अगले कुछ सप्ताह चुनावी तैयारियों और क्षेत्रवार रणनीति को लागू करने के होंगे।

23 अक्टूबर के मतदान से पहले BJP और JDS के नेता अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों में संगठनात्मक बैठकें और चुनावी तैयारियां आगे बढ़ाएंगे। चार सीटों के इस चुनाव में दोनों दलों का संयुक्त अभियान किस तरह आगे बढ़ता है, इस पर अब राजनीतिक और संगठनात्मक स्तर पर नजर रहेगी।

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