बेंगलुरु। कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की 29 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाली बैठक में शामिल होने के लिए कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया सोमवार को दिल्ली रवाना होंगे। बैठक में चुनाव आयोग और वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) से जुड़े विवादों पर चर्चा होने की संभावना है।

CWC कांग्रेस की शीर्ष निर्णय लेने वाली संस्थाओं में से एक है। नई दिल्ली में होने वाली इस बैठक में देश के अलग-अलग हिस्सों से पार्टी के वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के करने की उम्मीद है।

कर्नाटक से मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के अलावा पूर्व मुख्यमंत्री वीरप्पा मोइली और कांग्रेस सांसद नासिर हुसैन भी बैठक में राज्य का प्रतिनिधित्व करेंगे। कर्नाटक के इन नेताओं की मौजूदगी में राज्य से जुड़े राजनीतिक और संगठनात्मक मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है।

बैठक के एजेंडे में चुनाव आयोग और मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन यानी SIR को लेकर जारी विवाद प्रमुख विषयों में शामिल हो सकता है। SIR मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया है, जिसके तहत मतदाता सूची में दर्ज जानकारी की समीक्षा और आवश्यक सुधार किए जाते हैं।

कांग्रेस लगातार SIR से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर चुनाव आयोग के सामने सवाल उठाती रही है। पार्टी नेताओं की ओर से मतदाता सूची में नामों के सत्यापन, हटाए जाने और प्रक्रिया से जुड़े अन्य पहलुओं पर चर्चा की जाती रही है। ऐसे में CWC की बैठक में पार्टी की आगे की रणनीति पर विचार होने की संभावना है।

नई दिल्ली में होने वाली बैठक ऐसे समय में हो रही है, जब चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और SIR को लेकर विपक्षी दलों की ओर से लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। कांग्रेस की शीर्ष नेतृत्व वाली बैठक में इन मुद्दों पर पार्टी के रुख और आगे के कार्यक्रम को लेकर विचार-विमर्श किया जा सकता है।

कर्नाटक में भी कांग्रेस संगठन और सरकार की ओर से राष्ट्रीय स्तर पर उठाए जा रहे इन मुद्दों पर नजर रखी जा रही है। मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार का बैठक में शामिल होना इसलिए भी महत्वपूर्ण होगा क्योंकि वह राज्य सरकार में प्रमुख जिम्मेदारी संभाल रहे हैं और कांग्रेस के संगठनात्मक मामलों में भी सक्रिय भूमिका निभाते हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया भी CWC की बैठक में शामिल होंगे। उनके साथ पूर्व मुख्यमंत्री वीरप्पा मोइली और सांसद नासिर हुसैन के शामिल होने से कर्नाटक की ओर से पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी रहेगी।

29 सितंबर को होने वाली बैठक में देश के विभिन्न राज्यों से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिल्ली पहुंचेंगे। बैठक में राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी के सामने मौजूद राजनीतिक मुद्दों, संगठनात्मक विषयों और चुनाव से जुड़े मामलों पर चर्चा की जा सकती है।

SIR को लेकर चल रही बहस के बीच कांग्रेस की शीर्ष संस्था की बैठक का महत्व बढ़ गया है। पार्टी इस मुद्दे पर अपने नेताओं के बीच समन्वय और आगे की कार्रवाई को लेकर चर्चा कर सकती है। चुनाव आयोग के साथ जुड़े मामलों पर पार्टी की ओर से उठाए जाने वाले कदमों को लेकर भी विचार-विमर्श संभव है।

मतदाता सूची चुनाव प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। चुनाव से पहले मतदाता सूची का पुनरीक्षण किया जाता है, ताकि पात्र मतदाताओं के नाम सूची में शामिल किए जा सकें और रिकॉर्ड में आवश्यक बदलाव किए जा सकें। SIR को लेकर राजनीतिक दलों के बीच अलग-अलग मत सामने आए हैं।

कांग्रेस की बैठक में इस विषय पर चर्चा के दौरान विभिन्न राज्यों के नेताओं के अनुभव और उनके सामने आए मुद्दों को भी सामने रखा जा सकता है। इससे पार्टी के स्तर पर एक साझा रणनीति तैयार करने की कोशिश हो सकती है।

कर्नाटक के लिए भी यह बैठक महत्वपूर्ण होगी। राज्य में कांग्रेस की सरकार है और मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार राष्ट्रीय राजधानी में पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व के साथ बैठक में हिस्सा लेंगे। वहीं सिद्धारमैया लंबे समय से पार्टी के प्रमुख नेताओं में शामिल रहे हैं।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की अध्यक्षता में होने वाली संभावित बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेता अपने-अपने राज्यों से जुड़े राजनीतिक घटनाक्रमों की जानकारी भी साझा कर सकते हैं। राष्ट्रीय मुद्दों के साथ राज्यों में पार्टी की स्थिति और संगठन से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हो सकती है।

कांग्रेस के लिए चुनाव आयोग और SIR का मुद्दा फिलहाल राजनीतिक बहस का प्रमुख विषय बना हुआ है। पार्टी के नेता अलग-अलग मंचों पर इससे जुड़े सवाल उठा रहे हैं। ऐसे में CWC की बैठक में इस मुद्दे पर पार्टी की आधिकारिक रणनीति और आगे के कार्यक्रम को लेकर चर्चा होने की संभावना है।

कर्नाटक से बैठक में शामिल होने वाले नेताओं में मुख्यमंत्री शिवकुमार और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया प्रमुख नाम हैं। इसके अलावा वीरप्पा मोइली और नासिर हुसैन भी राज्य का प्रतिनिधित्व करेंगे। चारों नेताओं की मौजूदगी से कर्नाटक से जुड़े विचार पार्टी के राष्ट्रीय मंच पर सामने रखे जा सकेंगे।

सोमवार को दिल्ली रवाना होने के बाद कर्नाटक के नेता 29 सितंबर की बैठक में हिस्सा लेंगे। बैठक के बाद SIR और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर कांग्रेस की ओर से आगे क्या रुख अपनाया जाता है, इस पर नजर रहेगी।

फिलहाल बैठक का प्रमुख फोकस चुनाव आयोग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़े विवादों पर रहने की उम्मीद है। इसके साथ ही पार्टी के राष्ट्रीय स्तर के अन्य राजनीतिक और संगठनात्मक मुद्दों पर भी चर्चा हो सकती है।

29 सितंबर की CWC बैठक में देशभर से कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की भागीदारी होगी। कर्नाटक से मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार, पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, पूर्व मुख्यमंत्री वीरप्पा मोइली और सांसद नासिर हुसैन इसमें शामिल होंगे। बैठक के दौरान SIR और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर होने वाली चर्चा को लेकर राजनीतिक हलकों में नजर बनी हुई है।

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