बिदादी टाउनशिप मुद्दे पर डीके शिवकुमार बोले- सड़क रोकने से जनता को परेशानी
बेंगलुरु। बिदादी टाउनशिप परियोजना को लेकर चल रहे विवाद के बीच कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने एक बार फिर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि इस मामले में वह कोई नया काम नहीं कर रहे हैं, बल्कि केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी की ओर से शुरू की गई प्रक्रिया को ही आगे बढ़ा रहे हैं।
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने बेंगलुरु में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि किसी भी स्थिति में सड़कों को अवरुद्ध नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सड़क जाम करने से आम लोगों को परेशानी होती है और इससे किसी समस्या का समाधान नहीं निकलता।
शिवकुमार ने कहा, “किसी को भी सड़क अवरुद्ध नहीं करनी चाहिए। सड़क क्यों अवरुद्ध की जानी चाहिए? सड़क अवरुद्ध करने से जनता को परेशानी हो रही है।” उन्होंने लोगों से अपील की कि वे विरोध दर्ज कराने के लिए ऐसे तरीकों का इस्तेमाल न करें जिससे आम नागरिक प्रभावित हों।
बिदादी टाउनशिप मुद्दे को लेकर किसानों और स्थानीय लोगों के बीच चिंता सामने आने के बाद मुख्यमंत्री ने अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि किसी भी किसान को अपनी जमीन देने के लिए मजबूर नहीं किया गया है। जिन लोगों की इच्छा होगी, वे अपनी जमीन देंगे और जो नहीं देना चाहते, वे अपनी जमीन नहीं देंगे।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जमीन देने की प्रक्रिया पूरी तरह किसानों की इच्छा पर निर्भर करेगी। उन्होंने कहा कि किसी पर भी दबाव नहीं बनाया जाएगा और किसानों के हितों का ध्यान रखा जाएगा।
डीके शिवकुमार ने यह भी कहा कि बिदादी टाउनशिप से जुड़ी योजना को लेकर जो भी कदम उठाए जा रहे हैं, वे पहले से चल रही प्रक्रिया का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि वह केवल उस काम को आगे बढ़ा रहे हैं जिसे पहले केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी के समय शुरू किया गया था।
उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर अनावश्यक भ्रम फैलाने की जरूरत नहीं है। सरकार का उद्देश्य विकास को आगे बढ़ाना है, लेकिन इसके साथ ही किसानों और स्थानीय लोगों के हितों का भी ध्यान रखा जाएगा।
बिदादी क्षेत्र बेंगलुरु के आसपास का महत्वपूर्ण इलाका है और यहां विकास योजनाओं को लेकर लंबे समय से चर्चा होती रही है। टाउनशिप परियोजना को लेकर सरकार की ओर से विकास और शहरी विस्तार की बात कही जा रही है, जबकि कुछ स्थानीय लोगों और किसानों की ओर से अपनी चिंताएं सामने रखी गई हैं।
मुख्यमंत्री के बयान के बाद एक बार फिर यह मुद्दा राजनीतिक चर्चा में आ गया है। उन्होंने अपने बयान में विकास योजनाओं के साथ-साथ किसानों की सहमति और आम जनता की सुविधा को प्राथमिकता देने की बात कही।
शिवकुमार ने सड़क अवरोध को लेकर कहा कि विरोध का असर आम लोगों पर नहीं पड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि सड़कें जनता के आवागमन के लिए होती हैं और इन्हें रोकने से रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित होती है।
उन्होंने किसानों से भी संवाद के जरिए समाधान निकालने की बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सभी पक्षों की बात सुनने के लिए तैयार है और किसी भी निर्णय में संबंधित लोगों के हितों को ध्यान में रखा जाएगा।
बिदादी टाउनशिप को लेकर सामने आए विवाद के बीच मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब परियोजना को लेकर अलग-अलग पक्ष अपनी राय रख रहे हैं। कुछ लोग इसे क्षेत्र के विकास के लिए जरूरी बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग जमीन और स्थानीय हितों को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जमीन देने या नहीं देने का फैसला किसानों का अपना होगा। उन्होंने दोहराया कि किसी भी किसान को जमीन देने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि विकास कार्यों को लेकर जनता को जानकारी देना और उनकी चिंताओं को समझना जरूरी है। सरकार का प्रयास रहेगा कि विकास योजनाएं आगे बढ़ें और किसी भी वर्ग को परेशानी न हो।
डीके शिवकुमार ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उनकी कोई व्यक्तिगत प्रतिष्ठा या श्रेय लेने की बात नहीं है। वह केवल पहले से चल रही प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि यह उसी दिशा में जारी काम है।
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद बिदादी टाउनशिप को लेकर सरकार का रुख स्पष्ट हुआ है। उन्होंने जहां विकास परियोजना को आगे बढ़ाने की बात कही, वहीं किसानों की सहमति को भी महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने कहा कि सड़क जाम जैसी गतिविधियों से आम लोगों को परेशानी होती है। इसलिए विरोध करने वालों को भी ऐसा रास्ता अपनाना चाहिए जिससे जनता प्रभावित न हो।
बिदादी टाउनशिप परियोजना को लेकर आने वाले दिनों में सरकार और स्थानीय लोगों के बीच बातचीत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जमीन से जुड़े मामलों में किसानों की सहमति और विकास योजनाओं के बीच संतुलन बनाना सरकार के सामने बड़ी चुनौती है।
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने साफ किया कि सरकार किसी भी किसान पर दबाव नहीं बनाएगी। जिन किसानों की इच्छा होगी, वे अपनी जमीन देंगे और जो नहीं चाहते, उन्हें मजबूर नहीं किया जाएगा।
फिलहाल बिदादी टाउनशिप मुद्दे पर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा जारी है। मुख्यमंत्री के बयान से सरकार ने अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि विकास प्रक्रिया जारी रहेगी, लेकिन आम जनता और किसानों के हितों का ध्यान रखा जाएगा।