बेंगलुरु। विपक्ष के नेता (LOP) आर. अशोक ने राहुल गांधी पर तीखा हमला करते हुए उनके आचरण पर सवाल उठाए हैं। अशोक ने कहा कि राहुल गांधी विपक्ष के नेता की तरह व्यवहार नहीं कर रहे हैं और उनका आचरण गरिमापूर्ण नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस पार्टी, राहुल गांधी और मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार पर देश की संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाने का आरोप लगाया।एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए आर. अशोक ने चुनाव आयोग से जुड़े चल रहे विवाद का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की ओर से इस मामले में अपनी स्थिति पहले ही स्पष्ट की जा चुकी है। अशोक के मुताबिक मुख्य चुनाव आयुक्त ने प्रेस मीट के दौरान इस मुद्दे पर स्पष्टीकरण दिया है।
अशोक ने कहा, "मुख्य चुनाव आयुक्त ने प्रेस मीट में इस बात को स्पष्ट कर दिया है। हमें कोई समस्या नहीं है। उन्होंने कहा कि हमने मिलकर फैसला लिया है; हमने जो भी फैसला लिया है, वह मिलकर लिया है।"आर. अशोक ने राहुल गांधी के राजनीतिक व्यवहार पर सवाल उठाते हुए कहा कि विपक्ष के नेता का पद महत्वपूर्ण और जिम्मेदारी वाला पद है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी जिस तरह का व्यवहार कर रहे हैं, वह इस पद के अनुरूप नहीं है। अशोक ने उनके आचरण को लेकर भी आपत्ति जताई और कहा कि विपक्ष के नेता के रूप में उनसे गरिमापूर्ण व्यवहार की अपेक्षा की जाती है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अशोक ने कांग्रेस के रुख को भी निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी और उसके नेता संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने इस संदर्भ में राहुल गांधी के साथ मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार का भी नाम लिया।अशोक ने चुनाव आयोग से जुड़े विवाद को लेकर कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त की ओर से स्थिति स्पष्ट किए जाने के बाद इस मामले में भ्रम की स्थिति नहीं रहनी चाहिए। उनके अनुसार चुनाव आयोग ने यह बताया है कि फैसले सामूहिक रूप से लिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने प्रेस मीट के माध्यम से स्पष्ट किया है कि जो भी निर्णय लिए गए, वे मिलकर लिए गए हैं। अशोक ने इसी बयान का हवाला देते हुए चुनाव आयोग के रुख का उल्लेख किया और कहा कि उन्हें इस पर कोई समस्या नहीं है।आर. अशोक की टिप्पणी ऐसे समय सामने आई है जब चुनाव आयोग को लेकर राजनीतिक बयानबाजी जारी है। अशोक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपनी बात रखते हुए कांग्रेस और राहुल गांधी पर सीधा हमला किया और चुनाव आयोग की ओर से दिए गए स्पष्टीकरण को प्रमुखता से सामने रखा।
उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं की अपनी भूमिका और जिम्मेदारी होती है। इसी संदर्भ में उन्होंने कांग्रेस पार्टी के रवैये की आलोचना की। अशोक का आरोप है कि कांग्रेस, राहुल गांधी और मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार की ओर से संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाया जा रहा है।अशोक ने राहुल गांधी के विपक्ष के नेता के रूप में व्यवहार पर विशेष रूप से सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस पद पर बैठे व्यक्ति से एक निश्चित स्तर की गरिमा बनाए रखने की उम्मीद की जाती है। उनका आरोप है कि राहुल गांधी का मौजूदा व्यवहार उस अपेक्षा के अनुरूप नहीं है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव आयोग का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। अशोक ने कहा कि चुनाव आयोग ने चल रहे विवाद को लेकर अपना पक्ष पहले ही रख दिया है। मुख्य चुनाव आयुक्त की प्रेस मीट का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आयोग की ओर से निर्णय प्रक्रिया के संबंध में भी स्थिति स्पष्ट की गई है।अशोक के अनुसार मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा है कि निर्णय मिलकर लिए गए हैं। उन्होंने इसी बात को आधार बनाते हुए कहा कि चुनाव आयोग के स्पष्टीकरण के बाद उनकी तरफ से इस विषय पर कोई समस्या नहीं है।
आर. अशोक ने अपनी टिप्पणी में कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए कहा कि राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं को लेकर अपनाए जा रहे रुख पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। हालांकि ये आरोप अशोक की ओर से लगाए गए हैं।उन्होंने मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार को भी अपनी आलोचना के दायरे में रखा। अशोक ने कांग्रेस पार्टी, राहुल गांधी और मुख्यमंत्री का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि उनकी ओर से देश की संवैधानिक संस्थाओं पर हमला किया जा रहा है।
इस दौरान राहुल गांधी को लेकर अशोक के बयान काफी तीखे रहे। उन्होंने विपक्ष के नेता के पद की जिम्मेदारी का उल्लेख करते हुए कहा कि राहुल गांधी का व्यवहार उस पद के अनुरूप नहीं है। साथ ही उन्होंने उनके आचरण को गरिमापूर्ण नहीं बताया।चुनाव आयोग को लेकर अशोक ने मुख्य चुनाव आयुक्त के बयान को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि आयोग पहले ही स्थिति स्पष्ट कर चुका है। उनके अनुसार आयोग की ओर से यह साफ किया गया है कि फैसले सामूहिक रूप से लिए गए हैं।आर. अशोक की प्रेस कॉन्फ्रेंस का मुख्य केंद्र राहुल गांधी का राजनीतिक आचरण और चुनाव आयोग को लेकर चल रहा विवाद रहा। उन्होंने एक तरफ राहुल गांधी पर विपक्ष के नेता के पद के अनुरूप व्यवहार नहीं करने का आरोप लगाया, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस और उसके नेताओं पर संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाने का आरोप लगाया।
अशोक ने अपनी बात के समर्थन में मुख्य चुनाव आयुक्त की प्रेस मीट का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है और बताया है कि फैसले मिलकर लिए गए हैं। इसी आधार पर उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर उन्हें कोई समस्या नहीं है।कुल मिलाकर आर. अशोक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए राहुल गांधी, कांग्रेस पार्टी और मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार पर निशाना साधा। उन्होंने राहुल गांधी के आचरण को विपक्ष के नेता के पद के अनुरूप नहीं बताया और कांग्रेस नेताओं पर संवैधानिक संस्थाओं पर हमला करने का आरोप लगाया। वहीं चुनाव आयोग के संबंध में उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त की ओर से स्थिति पहले ही स्पष्ट की जा चुकी है।
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