कर्नाटक कैबिनेट में फेरबदल के संकेत, खड़गे से मिले शिवकुमार

Update: 2026-08-10 06:48 GMT

बेंगलुरु/नई दिल्ली। कर्नाटक में मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल और नए मंत्रियों को विभाग आवंटित किए जाने को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने रविवार रात कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात कर इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की। सूत्रों के मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच राजाजी मार्ग स्थित खड़गे के आवास पर दो घंटे से अधिक समय तक बातचीत हुई। बैठक में राज्य मंत्रिमंडल में मामूली फेरबदल और नए मंत्रियों को विभागों के बंटवारे से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।

रविवार को शहर पहुंचने के बाद शिवकुमार सीधे खड़गे के आवास पहुंचे। उनके पहुंचने के बाद दोनों नेताओं के बीच बंद कमरे में लंबी बैठक हुई। बैठक को कर्नाटक सरकार और कांग्रेस संगठन के बीच समन्वय की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

महिला विधायक को मंत्री बनाने पर चर्चा

सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मंत्रिमंडल में मामूली फेरबदल के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस फेरबदल में एक महिला विधायक को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की संभावना है। हालांकि, नए मंत्री का नाम और उन्हें मिलने वाले विभाग को लेकर अंतिम निर्णय की औपचारिक घोषणा अभी बाकी है।

महिला विधायक को मंत्रिमंडल में शामिल करने की चर्चा ऐसे समय में सामने आई है, जब कर्नाटक सरकार में प्रतिनिधित्व और विभागों के संतुलन को लेकर पार्टी के भीतर लगातार विचार-विमर्श चल रहा है। संभावित फेरबदल को सीमित रखते हुए सरकार के कामकाज को और प्रभावी बनाने पर जोर दिए जाने की संभावना है।

नए मंत्रियों को विभाग देने पर भी मंथन

बैठक में केवल मंत्रिमंडल में बदलाव ही नहीं, बल्कि नए मंत्रियों को विभाग आवंटित करने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। मंत्रिमंडल में किसी नए सदस्य को शामिल किए जाने के बाद विभागों का पुनर्विन्यास सरकार के लिए महत्वपूर्ण होगा।

सूत्रों के मुताबिक, शिवकुमार और खड़गे ने संभावित फेरबदल के राजनीतिक और प्रशासनिक पहलुओं पर विचार किया। विभागों का बंटवारा इस तरह करने पर जोर हो सकता है, जिससे सरकार के विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों के कामकाज में बेहतर समन्वय कायम रहे।

कर्नाटक सरकार में कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी पहले से ही अलग-अलग मंत्रियों के पास है। ऐसे में नए मंत्री को जिम्मेदारी सौंपने के साथ कुछ विभागों के पुनर्वितरण की जरूरत पड़ सकती है। इसी को लेकर कांग्रेस नेतृत्व के स्तर पर चर्चा की गई।

दिल्ली पहुंचते ही खड़गे से मुलाकात

डीके शिवकुमार रविवार को शहर पहुंचे और इसके तुरंत बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर गए। दोनों नेताओं की बैठक दो घंटे से अधिक समय तक चली। बैठक की लंबी अवधि को देखते हुए इसे केवल औपचारिक मुलाकात के बजाय कर्नाटक सरकार और पार्टी से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर गंभीर चर्चा के रूप में देखा जा रहा है।

कांग्रेस नेतृत्व राज्य में संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने पर जोर देता रहा है। ऐसे में कैबिनेट फेरबदल को लेकर खड़गे के साथ शिवकुमार की चर्चा महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की भूमिका भी अहम

कर्नाटक मंत्रिमंडल में किसी भी बदलाव के लिए मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। संभावित फेरबदल और विभागों के पुनर्वितरण को लेकर मुख्यमंत्री और प्रदेश नेतृत्व के बीच भी समन्वय आवश्यक होगा।

डीके शिवकुमार उपमुख्यमंत्री होने के साथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भी रह चुके हैं और राज्य संगठन तथा सरकार के बीच समन्वय में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व के साथ उनकी बैठक को राज्य में पार्टी की आगामी रणनीति से जोड़कर भी देखा जा रहा है।

राजनीतिक संतुलन साधने की कोशिश

मंत्रिमंडल में मामूली फेरबदल के पीछे राजनीतिक संतुलन साधने की कोशिश भी मानी जा रही है। महिला विधायक को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की संभावना से सरकार में महिला प्रतिनिधित्व को लेकर पार्टी का संदेश मजबूत हो सकता है।

इसके अलावा, नए मंत्रियों को विभाग आवंटित करने से क्षेत्रीय और सामाजिक प्रतिनिधित्व से जुड़े समीकरणों को भी ध्यान में रखा जा सकता है। कर्नाटक जैसे बड़े राज्य में मंत्रिमंडल के गठन और विभागों के बंटवारे में क्षेत्रीय संतुलन हमेशा महत्वपूर्ण राजनीतिक मुद्दा रहा है।

फैसले की औपचारिक घोषणा का इंतजार

फिलहाल कांग्रेस नेतृत्व की ओर से संभावित फेरबदल को लेकर औपचारिक घोषणा नहीं की गई है। सूत्रों के मुताबिक, खड़गे की मंजूरी के बाद अब आगे की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा सकता है। नए मंत्री के नाम, शपथ की तारीख और विभागों के आवंटन को लेकर आने वाले दिनों में स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

रविवार रात डीके शिवकुमार और मल्लिकार्जुन खड़गे के बीच हुई लंबी बैठक ने कर्नाटक की राजनीति में कैबिनेट फेरबदल की अटकलों को तेज कर दिया है। महिला विधायक को मंत्रिमंडल में शामिल करने और नए मंत्रियों को विभाग सौंपने की चर्चा के बीच अब नजरें कांग्रेस नेतृत्व के अंतिम फैसले पर टिकी हैं। यदि प्रस्तावित बदलाव लागू होता है, तो इसका असर सरकार के भीतर विभागीय जिम्मेदारियों और राजनीतिक समीकरणों पर भी पड़ सकता है।

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