बेंगलुरु। कर्नाटक के मंत्री जमीर अहमद खान ने विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि उन्हें देश के प्रति अपने प्रेम और निष्ठा का प्रमाण किसी से लेने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि वह हिंदुस्तानी हैं और कन्नडिगा भी हैं। देश के प्रति उनका सम्मान और प्रेम हमेशा से रहा है और इसके लिए उन्हें किसी राजनीतिक दल से सीख लेने की आवश्यकता नहीं है।

मंत्री जमीर अहमद खान शनिवार को अपने गृह निर्वाचन क्षेत्र चामराजपेट के ऐतिहासिक ईदगाह मैदान में आयोजित 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल हुए थे। इस दौरान बेंगलुरु दक्षिण के असिस्टेंट कमिश्नर विश्वनाथ ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। ध्वजारोहण कार्यक्रम के बाद मंत्री ने मीडिया से बातचीत की और हाल ही में उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अपनी प्रतिक्रिया दी।

उन्होंने विपक्षी नेताओं के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व सभी भारतीयों के लिए गर्व और सम्मान का अवसर होते हैं। उन्होंने कहा कि देश के प्रति उनकी भावना पर सवाल उठाना गलत है। उन्होंने दोहराया कि वह भारत के नागरिक हैं और देश की एकता एवं अखंडता के प्रति पूरी तरह समर्पित हैं।

जमीर अहमद खान ने कहा कि उन्हें भारतीय होने और देश से प्रेम करने की भावना किसी से साबित करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के मूल्यों और संविधान के प्रति उनका पूरा विश्वास है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए देशभक्ति पर सवाल उठाना उचित नहीं है।

विजयनगर जिले में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर झंडा फहराने से छूट मांगने के मामले पर भी मंत्री ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि मंत्री बनने के बाद किसी भी जिले में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राष्ट्रीय ध्वज फहराना हर जनप्रतिनिधि के लिए गर्व और सम्मान की बात होती है। उन्होंने बताया कि इससे पहले जब वह हावेरी और बेल्लारी जिलों के प्रभारी मंत्री थे, तब उन्होंने वहां स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ध्वजारोहण किया था।

मंत्री ने बताया कि इस बार काम के अत्यधिक दबाव और व्यस्त कार्यक्रम के कारण उन्होंने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार से अनुरोध किया था कि विजयनगर जिले में स्थानीय विधायक बसवंथप्पा को ध्वजारोहण करने की अनुमति दी जाए। उन्होंने कहा कि यह फैसला किसी अनादर या किसी अन्य कारण से नहीं लिया गया था, बल्कि प्रशासनिक और व्यावहारिक परिस्थितियों को देखते हुए लिया गया था।

उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस का समारोह सभी के लिए समान रूप से महत्वपूर्ण है और इसमें भाग लेना हर भारतीय के लिए सम्मान की बात है। उन्होंने विपक्ष के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए कहा कि उनके देशप्रेम पर सवाल उठाने का कोई आधार नहीं है।

चामराजपेट के ईदगाह मैदान में आयोजित समारोह में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान देशभक्ति के नारे लगाए गए और लोगों ने उत्साह के साथ स्वतंत्रता दिवस मनाया। मंत्री ने उपस्थित लोगों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं और देश की प्रगति एवं विकास के लिए सभी से मिलकर काम करने की अपील की।

उन्होंने कहा कि भारत की ताकत उसकी विविधता और आपसी भाईचारे में है। सभी धर्मों, भाषाओं और समुदायों के लोग मिलकर देश को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने युवाओं से देश के संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान करने का आह्वान किया।

मंत्री जमीर अहमद खान के बयान के बाद राज्य में राजनीतिक बहस तेज हो गई है। विपक्ष जहां उनके रुख पर सवाल उठा रहा था, वहीं मंत्री ने अपने जवाब के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की कि राष्ट्रीय पर्वों और देशभक्ति को राजनीति से अलग रखा जाना चाहिए।

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