बेंगलुरु : 46वीं सिटी सिविल कोर्ट में अभिनेत्री और पूर्व सांसद राम्या को सोशल मीडिया पर कथित तौर पर अश्लील और अभद्र संदेश भेजने के मामले में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान आरोपी और उनके परिवार के सदस्यों ने कोर्ट परिसर में राम्या से माफी मांगी और केस वापस लेने की अपील की। हालांकि, राम्या अपने फैसले पर कायम रहीं और उन्होंने आरोपियों को माफ करने से इनकार कर दिया।
मामले में आरोपियों ने भावुक होकर राम्या से गुहार लगाई, लेकिन अभिनेत्री ने साफ कर दिया कि वह इस मामले में पीछे नहीं हटेंगी।
कोर्ट परिसर में आरोपियों ने मांगी माफी
जानकारी के अनुसार, सुनवाई के दौरान आरोपी और उनके परिवार वाले कोर्ट पहुंचे। उन्होंने राम्या से माफी मांगते हुए मामले को खत्म करने की अपील की।
बताया जा रहा है कि आरोपी कोर्ट परिसर में राम्या के पैरों में गिर गए और अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगने लगे। उन्होंने कहा कि उनसे बड़ी गलती हो गई है और इस बार उन्हें माफ कर दिया जाए।
हालांकि, राम्या ने उनकी अपील स्वीकार नहीं की।
राम्या ने केस वापस लेने से किया इनकार
राम्या ने कोर्ट में स्पष्ट किया कि वह आरोपियों को माफ करने के पक्ष में नहीं हैं और केस वापस नहीं लेंगी।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया और इंटरनेट का इस्तेमाल किसी व्यक्ति के खिलाफ अश्लील या अपमानजनक टिप्पणी करने का अधिकार नहीं देता।
राम्या ने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या सिर्फ मोबाइल फोन और इंटरनेट की सुविधा होने से कोई भी व्यक्ति किसी के खिलाफ आपत्तिजनक बातें कह सकता है।
आरोपी बताए जा रहे हैं दर्शन के फैन
मामले में सामने आया है कि आरोपी कथित तौर पर अभिनेता दर्शन के प्रशंसक हैं।
बताया जा रहा है कि सोशल मीडिया पर किए गए कथित आपत्तिजनक संदेशों को लेकर यह मामला दर्ज किया गया था। अब अदालत में सुनवाई के दौरान आरोपियों की ओर से माफी मांगने का प्रयास किया गया।
पहले भी की जा चुकी है केस वापस लेने की अपील
बताया गया कि पिछली सुनवाई के दौरान भी आरोपियों ने राम्या से मामला वापस लेने का अनुरोध किया था।
इस बार आरोपियों के परिवार के सदस्य भी कोर्ट पहुंचे और उन्होंने राम्या से आग्रह किया कि मामले को आगे न बढ़ाया जाए।
लेकिन राम्या ने अपने रुख में कोई बदलाव नहीं किया।
सोशल मीडिया व्यवहार पर उठाया सवाल
राम्या ने इस मामले के जरिए सोशल मीडिया पर जिम्मेदार व्यवहार की जरूरत पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को ऑनलाइन माध्यमों का इस्तेमाल कर किसी की गरिमा को ठेस पहुंचाने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
उनका कहना है कि ऐसे मामलों में कार्रवाई जरूरी है, ताकि लोगों को यह संदेश मिले कि सोशल मीडिया पर भी कानून के दायरे में रहकर ही अपनी बात रखनी चाहिए।
कानूनी प्रक्रिया जारी
मामले की सुनवाई अब अदालत में जारी है। कोर्ट आरोपों, सबूतों और दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय करेगा।
फिलहाल राम्या की ओर से केस वापस लेने से इनकार किए जाने के बाद मामला आगे बढ़ने की संभावना है।
सार्वजनिक हस्तियों के खिलाफ ऑनलाइन दुर्व्यवहार पर चर्चा
इस मामले ने एक बार फिर सोशल मीडिया पर सार्वजनिक हस्तियों के खिलाफ होने वाली अभद्र टिप्पणियों और ऑनलाइन उत्पीड़न को लेकर बहस छेड़ दी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ जिम्मेदारी भी जरूरी है।
राम्या के इस रुख को कई लोग ऑनलाइन दुर्व्यवहार के खिलाफ सख्त संदेश के तौर पर देख रहे हैं।
अदालत में हुई इस सुनवाई के बाद अब सभी की नजर मामले की आगे की कार्रवाई पर है।