बेंगलुरु: कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने रविवार को वीरशैव लिंगायत समुदाय के एक कार्यक्रम में एकता और सामाजिक समरसता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि केवल वीरशैव लिंगायत समुदाय का एकजुट होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि पूरे राज्य और सभी समुदायों को साथ आना होगा।

मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार बेंगलुरु के विजयनगर स्थित श्री बसवेश्वर सुज्ञान मंडप में आयोजित ‘वीरशैव लिंगायत धर्म संरक्षण सम्मेलन’ के उद्घाटन कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे।

सभी समुदायों की एकजुटता पर दिया जोर

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीके शिवकुमार ने कहा कि समाज की मजबूती के लिए सभी वर्गों के बीच एकता जरूरी है। उन्होंने कहा कि सभी समुदायों को मिलकर आगे बढ़ने की दिशा में कदम उठाने चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल किसी एक समुदाय की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि पूरे समाज का कर्तव्य है कि वह एकता और भाईचारे को मजबूत करे।

बसवण्णा के विचारों का किया उल्लेख

डीके शिवकुमार ने अपने संबोधन में समाज सुधारक बसवण्णा के योगदान का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बसवण्णा ने दुनिया में लोकतांत्रिक विचारों को आगे बढ़ाने का काम किया था।

उन्होंने कहा कि वीरशैव लिंगायत परंपरा ने समानता और सामाजिक न्याय के विचारों को महत्व दिया है। इसी कारण बसवण्णा को ‘विश्वगुरु’ कहा जाता है।

मानवता और शांति का संदेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि धर्म का उद्देश्य मानवता की रक्षा और समाज में शांति स्थापित करना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पूर्वजों ने भी मानवता को सबसे ऊपर रखने का संदेश दिया था।

उन्होंने मठों के प्रमुखों से भी अपील की कि वे समाज में सकारात्मक भूमिका निभाएं और मानव कल्याण के लिए काम करें।

मठों की भूमिका को बताया महत्वपूर्ण

डीके शिवकुमार ने कहा कि मठ केवल धार्मिक संस्थाएं नहीं हैं, बल्कि सामाजिक सेवा और जनकल्याण के केंद्र भी हैं।

उन्होंने कहा कि मठों की ताकत और प्रभाव लोगों के समर्थन और मानवता की सेवा से आता है। समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने से ही इन संस्थाओं की भूमिका मजबूत होती है।

समानता और अधिकारों की बात

मुख्यमंत्री ने कहा कि वीरशैव धर्म सभी लोगों के लिए समानता और समान अधिकारों का संदेश देता है। उन्होंने इस विचारधारा को आगे बढ़ाने और उसकी रक्षा करने की जरूरत बताई।

उन्होंने कहा कि समाज में सभी वर्गों को सम्मान और अवसर मिलना चाहिए।

सम्मेलन में धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा

‘वीरशैव लिंगायत धर्म संरक्षण सम्मेलन’ में समुदाय से जुड़े धार्मिक और सामाजिक विषयों पर चर्चा की गई। कार्यक्रम में कई मठों के प्रमुख, धार्मिक नेता और समुदाय के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

सम्मेलन का उद्देश्य समुदाय की परंपराओं, विचारों और सामाजिक योगदान पर चर्चा करना बताया गया।

सामाजिक एकता पर फोकस

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने सामाजिक एकता, शिक्षा और समाज सेवा जैसे मुद्दों पर भी विचार रखे। नेताओं ने कहा कि बदलते समय में समाज को अपनी परंपराओं के साथ-साथ आधुनिक चुनौतियों का सामना करने के लिए भी तैयार रहना होगा।

आगे बढ़ने का आह्वान

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में सभी वर्गों से मिलकर काम करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समाज में शांति, समानता और मानवता को मजबूत करना सभी की जिम्मेदारी है।

वीरशैव लिंगायत धर्म के मूल विचारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि समान अधिकार और सामाजिक सद्भाव के सिद्धांतों को आगे बढ़ाया जाना चाहिए।

सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री के बयान को समुदाय और सामाजिक एकता से जोड़कर देखा जा रहा है। कार्यक्रम में मौजूद प्रतिनिधियों ने भी समाज में आपसी सहयोग और समरसता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

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