कर्नाटक : डिप्टी लोकायुक्त जस्टिस के.एन. फणींद्र ने बेंगलुरु मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (BMTC) को यात्रियों की सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। उन्होंने राजधानी के सभी BMTC बस स्टैंड पर यात्रियों के लिए तुरंत प्राथमिक चिकित्सा और जरूरी मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध कराने को कहा है।
यह निर्देश एक बुजुर्ग यात्री के साथ हुई घटना के बाद दिया गया है, जहां समय पर प्राथमिक उपचार नहीं मिलने के कारण उसे काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
बुजुर्ग यात्री को बस स्टैंड पर पड़ा था दौरा
जानकारी के अनुसार, हाल ही में रामामूर्तिनगर से शिवाजीनगर जा रहे एक बुजुर्ग यात्री को बस स्टैंड पहुंचने के बाद अचानक मिर्गी का गंभीर दौरा पड़ा।
घटना के समय बस स्टैंड पर तत्काल प्राथमिक उपचार की कोई व्यवस्था उपलब्ध नहीं थी। न ही वहां प्राथमिक चिकित्सा किट मौजूद थी और न ही कोई मेडिकल सहायता मिल सकी।
इसके बाद बस के ड्राइवर और कंडक्टर ने यात्री को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की, लेकिन इसमें 30 मिनट से ज्यादा का समय लग गया।
अखबार की खबर पर लिया स्वत: संज्ञान
इस घटना से जुड़ी खबरें प्रकाशित होने के बाद डिप्टी लोकायुक्त जस्टिस के.एन. फणींद्र ने मामले को गंभीरता से लिया।
उन्होंने स्वत: संज्ञान (suo motu) लेते हुए इस मामले में कार्रवाई शुरू की और BMTC को यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था बेहतर करने के निर्देश जारी किए।
डिप्टी लोकायुक्त ने कहा कि सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
सभी बस स्टैंड पर मेडिकल सुविधा के निर्देश
डिप्टी लोकायुक्त ने BMTC को निर्देश दिया है कि बेंगलुरु के सभी बस स्टैंड पर प्राथमिक चिकित्सा किट उपलब्ध कराई जाए।
इसके साथ ही आपात स्थिति में यात्रियों को तुरंत चिकित्सा सहायता मिल सके, इसके लिए जरूरी मेडिकल सुविधाएं भी विकसित करने को कहा गया है।
उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि किसी यात्री को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर इलाज के लिए इंतजार न करना पड़े।
12 अक्टूबर तक मांगा जवाब
इस मामले में डिप्टी लोकायुक्त ने BMTC से 12 अक्टूबर तक स्पष्टीकरण देने को कहा है।
अधिकारियों से पूछा गया है कि बस स्टैंड पर प्राथमिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध क्यों नहीं थीं और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।
सार्वजनिक स्थानों पर स्वास्थ्य सुविधा की जरूरत
डिप्टी लोकायुक्त ने इस मामले के जरिए सार्वजनिक स्थानों पर आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधाओं की जरूरत पर जोर दिया है।
बस स्टैंड जैसे स्थानों पर रोजाना हजारों लोग आते-जाते हैं। ऐसे में अचानक किसी यात्री की तबीयत खराब होने पर तुरंत मदद मिलना बेहद जरूरी है।
यात्रियों की सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना ने सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था होना जरूरी है, ताकि दुर्घटना या अचानक बीमारी की स्थिति में शुरुआती उपचार मिल सके।
BMTC पर बढ़ी जिम्मेदारी
डिप्टी लोकायुक्त के निर्देश के बाद अब BMTC पर बस स्टैंडों की स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने की जिम्मेदारी बढ़ गई है।
संस्था को यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी प्रमुख बस अड्डों पर प्राथमिक चिकित्सा किट, प्रशिक्षित कर्मचारी और आपातकालीन सहायता की व्यवस्था मौजूद हो।
समय पर मदद से बच सकती है जान
चिकित्सकों के अनुसार, कई स्वास्थ्य आपात स्थितियों में शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। समय पर प्राथमिक उपचार मिलने से मरीज की स्थिति को गंभीर होने से रोका जा सकता है।
इसी को देखते हुए डिप्टी लोकायुक्त ने BMTC को तत्काल कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
अब BMTC की ओर से दिए जाने वाले जवाब और इसके बाद की कार्रवाई पर नजर रहेगी। यह कदम बेंगलुरु में सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।