बेंगलुरु: कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने रविवार को कहा कि राज्य सरकार शिक्षा क्षेत्र में सुधार और छात्रों को बेहतर मौके देने के लिए कदम उठा रही है। साथ ही, उन्होंने मंत्री प्रियांक खड़गे के इस्तीफे की बीजेपी की मांग को खारिज कर दिया।

कैबिनेट मंत्री प्रियांक खड़गे के इस्तीफे की बीजेपी की मांग और आर. अशोक के आरोपों पर सीएम डीके शिवकुमार ने पत्रकारों से कहा, "...उन्हें जो कहना है, कहने दें। उन्हें नहीं पता कि हमारे खजाने में क्या है। उन्हें सपने देखने दें। सपने देखने में कोई बुराई नहीं है; उन्हें ख्याली पुलाव पकाने दें।"

उन्होंने कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) परीक्षा भर्ती विवाद की जांच की ज़रूरत पर भी ज़ोर दिया।

"...मुझे कोई जल्दी नहीं है। राज्य के विकास के लिए किसानों, छात्रों और परीक्षाओं पर चर्चा होनी चाहिए। हमने पहले ही गाइडलाइंस जारी कर दी हैं कि परीक्षाएं निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कैसे आयोजित की जानी चाहिए। चाहे कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) हो, हम सब अनुशासन लाने की कोशिश कर रहे हैं। मैं अभी इस पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगा कि पहले कौन चेयरमैन थे, कौन शामिल था, किसने ज़मीन खरीदी या क्या हुआ। सबसे पहले जांच होनी चाहिए, और उसके बाद, जिसे भी कुछ कहना होगा, वह दस्तावेज़ी सबूतों के साथ अपनी बात रखेगा..."

राज्य में शिक्षा सुधार और विदेश में पढ़ाई की पहल पर उन्होंने कहा कि सभी संबंधित मंत्री एक ही राय रखते हैं।

"...स्कूल शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा और उच्च शिक्षा संभालने वाले सभी मंत्री मिलकर काम कर रहे हैं। हमने शिक्षा पर एक कैबिनेट उप-समिति भी बनाई है। हम सुधार करना चाहते थे; हम छात्रों की मदद करना चाहते थे। मेरी पार्टी और मेरे नेता राहुल गांधी का हम सभी के लिए एक अलग संदेश है। वर्किंग कमेटी में भी हमें निर्देश दिए गए हैं कि हम अपनी युवा पीढ़ी की मदद कैसे कर सकते हैं। आप जानते हैं कि कर्नाटक में बहुत टैलेंट है, और इसीलिए हम इस दिशा में बड़ी पहल कर रहे हैं..."

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