भद्रावती। पुलिस से बचने के लिए एक झील में छिपे कथित हिस्ट्रीशीटर को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी की पहचान भद्रावती निवासी दिलीप उर्फ करिया (19) के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक आरोपी लंबे समय से अदालत में पेश नहीं हो रहा था और गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था। उसके खिलाफ अदालत की ओर से तीन बार गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किए जा चुके थे, इसके बावजूद वह पुलिस के सामने पेश नहीं हुआ।
पुलिस जब उसकी तलाश करते हुए उसके ठिकाने तक पहुंची तो आरोपी ने बचने का अनोखा तरीका अपनाया। वह पुलिस से बचने के लिए एक झील में जाकर छिप गया। हालांकि पुलिसकर्मियों ने उसका पीछा नहीं छोड़ा और आखिरकार उसे खोजकर हिरासत में ले लिया। गिरफ्तारी के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
तीन बार जारी हुआ था गैर-जमानती वारंट
पुलिस के मुताबिक दिलीप उर्फ करिया के खिलाफ अदालत ने तीन बार गैर-जमानती वारंट जारी किया था। उसे अदालत के समक्ष पेश होना था, लेकिन वह लगातार इससे बचता रहा।
पुलिस भी लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी। उसके संभावित ठिकानों पर नजर रखी जा रही थी, लेकिन आरोपी बार-बार स्थान बदलकर पुलिस को चकमा देने में सफल हो रहा था।
गैर-जमानती वारंट जारी होने के बाद पुलिस के लिए आरोपी को तलाश कर अदालत के सामने पेश करना जरूरी हो गया था। इसी के तहत उसकी तलाश तेज की गई।
पुलिस को देखते ही भागने लगा आरोपी
तलाश के दौरान पुलिस को आरोपी के ठिकाने के बारे में जानकारी मिली। पुलिस टीम उसे पकड़ने के लिए पहुंची तो आरोपी को कार्रवाई की भनक लग गई।
पुलिस से बचने के लिए उसने वहां से भागने की कोशिश की। बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी से बचने के प्रयास में वह एक झील तक पहुंच गया और पानी में जाकर छिप गया। आरोपी को उम्मीद थी कि इस तरह वह पुलिस की नजरों से बच जाएगा।
लेकिन पुलिस टीम ने इलाके को छोड़ने के बजाय उसकी तलाश जारी रखी। झील और उसके आसपास निगरानी रखी गई ताकि आरोपी किसी दूसरे रास्ते से निकलकर फरार न हो सके।
झील में छिपकर पुलिस को चकमा देने की कोशिश
आरोपी द्वारा झील को छिपने के स्थान के रूप में इस्तेमाल किए जाने से पुलिस के सामने भी चुनौती खड़ी हो गई। पानी में छिपे व्यक्ति को तलाशना सामान्य जगह की तुलना में मुश्किल हो सकता है।
पुलिस ने सावधानी के साथ तलाशी अभियान जारी रखा। आखिरकार आरोपी का पता लगा लिया गया और उसे पकड़कर बाहर लाया गया।
इस पूरी कार्रवाई के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली। लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी को अब संबंधित अदालत में पेश करने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
लंबे समय से था फरार
पुलिस का कहना है कि दिलीप लंबे समय से फरार था। अदालत में पेश होने के निर्देशों के बावजूद वह सामने नहीं आ रहा था। पुलिस जब भी उसकी तलाश करती, वह किसी न किसी तरीके से बच निकलने की कोशिश करता था।
इसी वजह से अदालत से उसके खिलाफ बार-बार गैर-जमानती वारंट जारी हुआ। तीन NBW के बावजूद उसकी गिरफ्तारी नहीं हो पाना पुलिस के लिए भी चुनौती बन गया था।
आखिरकार आरोपी की गतिविधियों के बारे में सूचना जुटाकर पुलिस उसके पास पहुंची और इस बार वह झील में छिपने के बावजूद बच नहीं सका।
पुलिस खंगाल रही पुराना रिकॉर्ड
आरोपी को हिस्ट्रीशीटर बताया गया है। ऐसे में पुलिस उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और उससे जुड़े मामलों की भी जानकारी जुटा रही है।
यह पता लगाया जा सकता है कि उसके खिलाफ कितने मामले दर्ज हैं और किन मामलों में उसे अदालत के सामने पेश होना था। इसके साथ ही पुलिस यह भी जांच सकती है कि फरारी के दौरान वह कहां-कहां रहा और किन लोगों ने उसे मदद दी।
यदि किसी व्यक्ति ने जानबूझकर आरोपी को पुलिस से बचाने या छिपने में सहायता की होगी तो उसकी भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है।
अदालत में पेश करने की तैयारी
गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब आरोपी को संबंधित अदालत के सामने पेश करेगी। उसके खिलाफ पहले से जारी गैर-जमानती वारंट के संबंध में अदालत को गिरफ्तारी की जानकारी दी जाएगी।
आगे आरोपी के खिलाफ चल रहे मामलों के आधार पर कानूनी प्रक्रिया होगी। उसके खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय अदालत करेगी।
पुलिस के लिए यह गिरफ्तारी इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि आरोपी तीन बार गैर-जमानती वारंट जारी होने के बावजूद गिरफ्तारी से बच रहा था।
फरार आरोपियों के खिलाफ अभियान
पुलिस समय-समय पर अदालत से वारंट जारी होने के बावजूद पेश नहीं होने वाले आरोपियों की तलाश के लिए अभियान चलाती है। ऐसे मामलों में आरोपियों के पुराने पते, परिचितों और संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई जाती है।
इस मामले में भी पुलिस को आरोपी तक पहुंचने के लिए लगातार उसकी गतिविधियों पर नजर रखनी पड़ी। झील में छिपने की कोशिश के बावजूद उसकी गिरफ्तारी से पुलिस की तलाश पूरी हुई।
झील भी नहीं बचा सकी गिरफ्तारी से
तीन गैर-जमानती वारंट के बावजूद फरार चल रहे दिलीप उर्फ करिया ने पुलिस से बचने के लिए आखिर तक कोशिश की। गिरफ्तारी का खतरा सामने आते ही उसने झील में छिपकर पुलिस को चकमा देने का प्रयास किया, लेकिन उसकी योजना सफल नहीं हुई।
पुलिस ने उसे खोजकर गिरफ्तार कर लिया है और अब उसके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। मामले ने इसलिए भी ध्यान खींचा है क्योंकि आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए सामान्य ठिकानों के बजाय झील को अपना छिपने का स्थान बनाया था।