बेंगलुरु। कर्नाटक सरकार बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) राशन कार्ड के लिए निर्धारित सालाना आय सीमा में बदलाव करने पर विचार कर रही है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रिजवान अरशद ने सोमवार को विधानसभा में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में बीपीएल कार्ड के लिए सालाना आय की पात्रता सीमा 1.20 लाख रुपये है, लेकिन बदलती परिस्थितियों को देखते हुए इस सीमा की समीक्षा की जरूरत महसूस की जा रही है।

मंत्री ने कहा कि आय सीमा में बदलाव का मामला कई पहलुओं से जुड़ा हुआ है और इस पर सभी संबंधित पक्षों के साथ विस्तार से चर्चा की जानी जरूरी है। उन्होंने विधानसभा को भरोसा दिलाया कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी वास्तविक और पात्र लाभार्थी सरकारी खाद्य योजनाओं के लाभ से वंचित न हो।

अरशद बांगरपेट के विधायक एसएन नारायणस्वामी के सवाल का जवाब दे रहे थे। विधायक ने बीपीएल कार्ड के लिए निर्धारित आय सीमा और पात्र लाभार्थियों को कार्ड उपलब्ध कराने से जुड़े मुद्दे पर सरकार से जानकारी मांगी थी।

1.20 लाख रुपये है मौजूदा आय सीमा

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री के मुताबिक, वर्तमान व्यवस्था में बीपीएल कार्ड के लिए सालाना आय की सीमा 1.20 लाख रुपये निर्धारित है। हालांकि, सरकार अब इस सीमा में बदलाव की संभावना पर विचार कर रही है।

मंत्री ने कहा कि आय की पात्रता सीमा में संशोधन करना केवल एक प्रशासनिक फैसला नहीं है, बल्कि इसके कई सामाजिक और आर्थिक पहलू हैं। इसलिए अंतिम निर्णय लेने से पहले संबंधित विभागों और अन्य हितधारकों से विचार-विमर्श किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि वह इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री के साथ भी चर्चा करेंगे। सरकार की कोशिश होगी कि पात्रता के नियम ऐसे हों, जिससे जरूरतमंद लोगों को सरकारी खाद्य सुरक्षा योजनाओं का लाभ मिल सके।

पात्र लाभार्थियों को अधिकार से वंचित नहीं किया जाएगा

अरशद ने विधानसभा में स्पष्ट किया कि सरकार किसी भी वास्तविक लाभार्थी को उसके अधिकार से वंचित नहीं होने देगी। उन्होंने कहा कि पात्र लोगों को बीपीएल कार्ड और उससे जुड़े लाभ मिलना सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है।

आय सीमा को लेकर समीक्षा की जरूरत इसलिए भी महसूस की जा रही है क्योंकि समय के साथ परिवारों की आय, महंगाई और जीवन-यापन की लागत में बदलाव आया है। ऐसे में पुराने मानकों के आधार पर पात्रता तय किए जाने से कुछ जरूरतमंद परिवार सरकारी योजनाओं के दायरे से बाहर रह सकते हैं।

हालांकि, सरकार को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि आय सीमा में बदलाव के बाद ऐसे लोग बीपीएल श्रेणी में शामिल न हो जाएं जो वास्तव में इसके पात्र नहीं हैं।

रद्द किए गए कार्डों की दोबारा जांच

मंत्री ने विधानसभा को यह भी बताया कि विभाग को रद्द किए गए बीपीएल कार्डों की दोबारा जांच करने का निर्देश दिया गया है। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि कहीं किसी वास्तविक लाभार्थी का कार्ड गलती से तो रद्द नहीं किया गया।

उन्होंने कहा कि जांच के दौरान डुप्लीकेट कार्ड, अपात्र लाभार्थियों और अन्य अनियमितताओं की भी पहचान की जाएगी। इसके जरिए राशन कार्ड व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने की कोशिश की जा रही है।

बीपीएल कार्ड सरकारी खाद्य वितरण व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पात्र परिवारों को इन कार्डों के माध्यम से निर्धारित सरकारी योजनाओं के तहत खाद्यान्न और अन्य सुविधाएं मिलती हैं। इसलिए कार्डों की सही पहचान और रिकॉर्ड का अद्यतन होना जरूरी है।

डुप्लीकेट कार्ड और अपात्र लाभार्थियों पर नजर

सरकार के सामने एक बड़ी चुनौती यह भी है कि खाद्य सुरक्षा योजनाओं का लाभ केवल पात्र लोगों तक पहुंचे। यदि एक व्यक्ति या परिवार के नाम पर एक से अधिक कार्ड मौजूद हों या अपात्र लोग बीपीएल श्रेणी का लाभ ले रहे हों, तो वास्तविक जरूरतमंदों के हिस्से के संसाधनों पर असर पड़ सकता है।

इसी वजह से विभाग द्वारा रद्द किए गए कार्डों की समीक्षा के साथ-साथ रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। इस प्रक्रिया में वास्तविक लाभार्थियों की पहचान और अपात्र कार्डों को हटाने के बीच संतुलन बनाए रखना महत्वपूर्ण होगा।

मंत्री के मुताबिक, विभाग को इस दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार चाहती है कि किसी भी स्तर पर होने वाली गड़बड़ी के कारण पात्र परिवारों को नुकसान न हो।

आय सीमा बदलने से बढ़ सकता है लाभार्थियों का दायरा

यदि सरकार बीपीएल कार्ड की आय सीमा बढ़ाने का फैसला करती है तो इससे पात्र परिवारों की संख्या में बदलाव आ सकता है। नई सीमा के आधार पर ऐसे परिवार भी बीपीएल श्रेणी में शामिल हो सकते हैं जो वर्तमान आय मानक के कारण इससे बाहर हैं।

हालांकि, इसका असर राज्य की खाद्य सब्सिडी और सार्वजनिक वितरण प्रणाली पर भी पड़ सकता है। अधिक लाभार्थियों के शामिल होने से सरकार को खाद्यान्न और संबंधित योजनाओं के लिए अतिरिक्त संसाधनों की जरूरत पड़ सकती है। इसलिए सरकार सभी पहलुओं का अध्ययन करने के बाद ही अंतिम निर्णय लेना चाहती है।

मुख्यमंत्री से चर्चा करेंगे मंत्री

अरशद ने कहा कि वह बीपीएल आय सीमा में बदलाव के मुद्दे पर मुख्यमंत्री से भी चर्चा करेंगे। इसके बाद संबंधित पक्षों से बातचीत और विभागीय स्तर पर समीक्षा के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

मंत्री के बयान से स्पष्ट है कि फिलहाल आय सीमा में बदलाव पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है। मौजूदा सीमा 1.20 लाख रुपये ही है और सरकार केवल इसकी समीक्षा करने पर विचार कर रही है।

विधानसभा में उठा अहम मुद्दा

बीपीएल कार्ड से जुड़ा यह मुद्दा ऐसे समय विधानसभा में उठा है जब राज्य में खाद्य सुरक्षा और सरकारी योजनाओं के लाभ को लेकर लगातार चर्चा होती रही है। बीपीएल कार्ड गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए सरकारी सहायता हासिल करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।

सरकार की ओर से आय सीमा की समीक्षा और रद्द किए गए कार्डों की दोबारा जांच की पहल से उम्मीद है कि पात्र लाभार्थियों की पहचान अधिक प्रभावी तरीके से हो सकेगी। साथ ही डुप्लीकेट और अपात्र कार्डों पर कार्रवाई से सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

फिलहाल सरकार ने आय सीमा में बदलाव को लेकर अंतिम निर्णय नहीं लिया है। मंत्री ने संकेत दिया है कि संबंधित पक्षों से चर्चा और मुख्यमंत्री से विचार-विमर्श के बाद इस पर आगे कदम उठाया जाएगा। सरकार के सामने अब दोहरी चुनौती है—एक तरफ वास्तविक जरूरतमंद परिवारों को बीपीएल योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करना और दूसरी तरफ अपात्र लोगों तथा फर्जी या डुप्लीकेट कार्डों पर रोक लगाना।

Tags: