बेंगलुरु में ‘फ्रीडम फ्रॉम वेस्ट’ अभियान सफल एक महीने में हटाया 1.40 लाख टन कचरा
बेंगलुरु। सिलिकॉन सिटी बेंगलुरु को स्वच्छ और कचरा-मुक्त बनाने के लिए ग्रेटर बैंगलोर अथॉरिटी (GBA) की ओर से चलाया गया ‘फ्रीडम फ्रॉम वेस्ट’ अभियान बड़े पैमाने पर कचरा हटाने के साथ पूरा हुआ है। 1 अगस्त से 1 सितंबर तक चले विशेष सफाई अभियान के दौरान शहर के अलग-अलग हिस्सों से कुल 1,40,277 टन कचरा हटाया गया। अभियान के दौरान निर्माण और तोड़फोड़ से निकलने वाले मलबे पर भी विशेष ध्यान दिया गया और 3,378 स्थानों से कुल 82,124 टन निर्माण एवं विध्वंस कचरा हटाया गया।
GBA के मुताबिक एक महीने के अभियान के दौरान कचरा हटाने से संबंधित कुल 6,819 अनुरोध मिले। अगस्त में प्रतिदिन औसतन करीब 2,650 टन कचरा हटाया गया। इतने बड़े स्तर पर सफाई अभियान चलाकर शहर के सार्वजनिक स्थानों, सड़कों और कचरा जमा होने वाले स्थानों को साफ करने का प्रयास किया गया।
एक महीने में हटाया 1.40 लाख टन से ज्यादा कचरा
‘फ्रीडम फ्रॉम वेस्ट’ अभियान की शुरुआत 1 अगस्त को की गई थी। इसका उद्देश्य शहर में लंबे समय से जमा कचरे को हटाने के साथ उन स्थानों की पहचान करना था जहां बार-बार कचरा फेंका जाता है।
अभियान 1 सितंबर तक चला। इस अवधि में कुल 1,40,277 टन कचरा हटाए जाने का आंकड़ा सामने आया है। यह अभियान के व्यापक स्तर को दर्शाता है। सफाई कर्मचारियों और संबंधित एजेंसियों ने अलग-अलग क्षेत्रों में अभियान चलाकर कचरे को एकत्र किया और उसे निर्धारित स्थानों तक पहुंचाया।
बेंगलुरु जैसे बड़े महानगर में प्रतिदिन बड़ी मात्रा में ठोस कचरा निकलता है। इसके अलावा सड़क किनारे और खाली स्थानों पर जमा होने वाला मलबा भी शहरी व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बनता है।
3,378 जगहों से निर्माण का मलबा साफ
अभियान में निर्माण और तोड़फोड़ से निकलने वाले कचरे को हटाने पर विशेष जोर दिया गया। GBA के मुताबिक शहर में 3,378 ऐसे स्थानों की पहचान की गई जहां निर्माण और विध्वंस से जुड़ा मलबा जमा था।
इन स्थानों से कुल 82,124 टन निर्माण एवं विध्वंस कचरा हटाया गया। यह अभियान के दौरान हटाए गए कुल कचरे का एक बड़ा हिस्सा है।
निर्माण का मलबा सड़क किनारे या सार्वजनिक स्थानों पर पड़े रहने से यातायात में बाधा उत्पन्न होने के साथ धूल और प्रदूषण की समस्या भी बढ़ सकती है। बारिश के दौरान यही मलबा नालियों में पहुंचकर जल निकासी को प्रभावित कर सकता है। इसलिए इसे हटाना शहरी स्वच्छता के साथ बुनियादी ढांचे के रखरखाव के लिए भी महत्वपूर्ण है।
हर दिन औसतन 2,650 टन कचरा हटाया
GBA के अनुसार अगस्त महीने में प्रतिदिन औसतन करीब 2,650 टन कचरा हटाया गया। इसके लिए सफाई कर्मचारियों, कचरा परिवहन वाहनों और स्थानीय टीमों को अलग-अलग इलाकों में लगाया गया।
अभियान को केवल प्रमुख सड़कों तक सीमित रखने के बजाय विभिन्न क्षेत्रों में फैले कचरे के ढेर और निर्माण मलबे को भी हटाया गया। इसके लिए स्थानीय स्तर पर मिलने वाली सूचनाओं का इस्तेमाल किया गया।
प्रतिदिन इतनी बड़ी मात्रा में कचरा हटाने के लिए परिवहन और निस्तारण व्यवस्था भी महत्वपूर्ण रही। कचरा एकत्र करने के बाद उसे उचित स्थान तक पहुंचाने की जिम्मेदारी संबंधित टीमों ने संभाली।
GBA को मिले 6,819 अनुरोध
एक महीने तक चले अभियान के दौरान GBA को कुल 6,819 अनुरोध प्राप्त हुए। ये अनुरोध शहर के विभिन्न क्षेत्रों में कचरा हटाने से संबंधित थे। इससे पता चलता है कि अभियान में नागरिकों की शिकायतों और सूचनाओं को भी महत्व दिया गया।
किसी स्थान पर कचरे का ढेर दिखाई देने या निर्माण मलबा जमा होने की जानकारी मिलने पर संबंधित टीम को वहां भेजकर सफाई कराने का प्रयास किया गया।
शहरी सफाई अभियानों की सफलता में नागरिकों की भागीदारी महत्वपूर्ण होती है। प्रशासन के पास हर स्थान की तत्काल जानकारी उपलब्ध होना संभव नहीं होता। ऐसे में स्थानीय लोगों की ओर से मिलने वाली शिकायतें और सूचनाएं कचरे के ढेर की पहचान करने में मदद करती हैं।
बेंगलुरु के लिए कचरा प्रबंधन बड़ी चुनौती
देश के प्रमुख आईटी और कारोबारी केंद्रों में शामिल बेंगलुरु तेजी से बढ़ता महानगर है। आबादी, निर्माण गतिविधियों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की संख्या बढ़ने के साथ शहर में पैदा होने वाले कचरे की मात्रा भी बढ़ रही है।
घरेलू कचरे के अलावा निर्माण मलबा, व्यावसायिक कचरा और सार्वजनिक स्थानों पर फेंका जाने वाला कचरा नगर निकायों के लिए चुनौती बना रहता है। इसे समय पर नहीं हटाए जाने पर सड़क, नाली और सार्वजनिक स्थान प्रभावित होते हैं।
‘फ्रीडम फ्रॉम वेस्ट’ अभियान के जरिए GBA ने एक साथ बड़ी मात्रा में पुराने और जमा कचरे को हटाने पर जोर दिया।
अब दोबारा कचरा जमा होने से रोकना चुनौती
एक महीने में 1.40 लाख टन से ज्यादा कचरा हटाने के बाद अब प्रशासन के सामने साफ किए गए स्थानों पर दोबारा कचरा जमा होने से रोकने की चुनौती होगी। नियमित निगरानी और समय पर कचरा संग्रहण के बिना साफ किए गए स्थान फिर से डंपिंग पॉइंट में बदल सकते हैं।
निर्माण मलबे के उचित निस्तारण को लेकर भी निगरानी जरूरी होगी। निर्माण करने वालों और ठेकेदारों को निर्धारित व्यवस्था के तहत मलबे का निस्तारण करने के लिए प्रोत्साहित करने के साथ नियमों का पालन सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण होगा।
‘फ्रीडम फ्रॉम वेस्ट’ अभियान के आंकड़े बताते हैं कि बेंगलुरु में कचरे की समस्या का पैमाना बड़ा है। एक महीने में 1,40,277 टन कचरा हटाने के बाद अब इस अभियान के प्रभाव को लंबे समय तक बनाए रखना GBA की अगली बड़ी चुनौती होगी।