शिवमोगा। कर्नाटक के शिवमोगा जिले में रेत खनन के नियमों का उल्लंघन करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। जिले में अवैध रेत खनन और अन्य नियमों के उल्लंघन के मामलों में 28 रेत ठेकेदारों को कुल 68 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना लगाने के नोटिस जारी किए गए हैं। सरकार की इस कार्रवाई से रेत खनन कारोबार से जुड़े ठेकेदारों में हड़कंप की स्थिति है।

यह जानकारी कर्नाटक विधान परिषद में सदस्य बल्कीश बानू द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में खनन एवं भू-विज्ञान मंत्री एस.एस. मल्लिकार्जुन ने दी। मंत्री ने सदन को बताया कि शिवमोगा जिले में रेत खनन से जुड़े मामलों में नियमों के उल्लंघन को गंभीरता से लिया गया है और संबंधित ठेकेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।

28 ठेकेदारों को नोटिस

सरकार के मुताबिक, शिवमोगा जिले में रेत खनन के दौरान विभिन्न नियमों का उल्लंघन पाए जाने के बाद कुल 28 ठेकेदारों को नोटिस जारी किए गए हैं। इन मामलों में अवैध खनन समेत कई तरह के उल्लंघन शामिल बताए गए हैं।

इन सभी मामलों में सरकार ने मिलाकर 68 करोड़ रुपये से अधिक की जुर्माना राशि निर्धारित की है। संबंधित ठेकेदारों से नियमों के तहत जवाब मांगा गया है और बकाया जुर्माने की वसूली के लिए आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

सरकार का यह कदम ऐसे समय में सामने आया है जब राज्य में प्राकृतिक संसाधनों के अवैध दोहन को लेकर प्रशासन पर लगातार निगरानी और कार्रवाई का दबाव रहता है। रेत खनन को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने कई नियम और प्रक्रियाएं निर्धारित की हैं, ताकि नदियों और पर्यावरण पर अवैध खनन के प्रतिकूल प्रभाव को रोका जा सके।

डब्बानागड्डे में 2,116 मीट्रिक टन रेत का मामला

इन मामलों में सबसे प्रमुख कार्रवाई तीर्थहल्ली तालुक के डब्बानागड्डे गांव से जुड़े मामले में सामने आई है। यहां एक ठेकेदार पर कथित तौर पर 2,116 मीट्रिक टन रेत के अवैध खनन का मामला दर्ज किया गया है।

इस मामले में संबंधित ठेकेदार को 1.08 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाने का नोटिस जारी किया गया है। सरकार की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, निर्धारित नियमों के खिलाफ जाकर रेत निकालने के मामले में यह कार्रवाई की गई।

रेत खनन को लेकर निर्धारित मात्रा और क्षेत्र से बाहर जाकर खनन करना गंभीर उल्लंघन माना जाता है। ऐसे मामलों में खनन की गई रेत की मात्रा, पर्यावरणीय नुकसान और संबंधित नियमों के आधार पर जुर्माना तय किया जा सकता है।

विधान परिषद में उठा मामला

शिवमोगा में रेत खनन से जुड़े मामलों का मुद्दा विधान परिषद में MLC बल्कीश बानू के सवाल के जरिए उठा। उन्होंने सरकार से जिले में रेत खनन के दौरान नियमों के उल्लंघन, लगाए गए जुर्माने और बकाया राशि की स्थिति को लेकर जानकारी मांगी थी।

जवाब में मंत्री एस.एस. मल्लिकार्जुन ने जिले में की गई कार्रवाई और नोटिसों की जानकारी सदन के सामने रखी। उन्होंने बताया कि जिन मामलों में जुर्माने की राशि अभी बकाया है, उन्हें जिला स्तरीय रेत समिति के समक्ष रखा जाएगा।

मंत्री के अनुसार, समिति के स्तर पर मामलों की समीक्षा के बाद लागू नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। इससे संकेत मिलता है कि सरकार बकाया जुर्माने की वसूली को लेकर भी प्रक्रिया आगे बढ़ाने की तैयारी में है।

बकाया राशि की वसूली पर जोर

सरकार के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती निर्धारित जुर्माने की राशि की वसूली है। केवल नोटिस जारी करना ही पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि नियमों के अनुसार संबंधित ठेकेदारों से बकाया राशि वसूलने के लिए प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

जिला स्तरीय रेत समिति को ऐसे मामलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी। समिति के सामने मामलों को रखने के बाद दस्तावेजों और उपलब्ध रिकॉर्ड की समीक्षा की जा सकती है। इसके आधार पर संबंधित ठेकेदारों के खिलाफ आगे की कार्रवाई तय होगी।

अवैध रेत खनन पर सरकार का सख्त रुख

नदियों से अनियंत्रित और अवैध तरीके से रेत निकालने से नदी के प्राकृतिक प्रवाह, तटों और आसपास के पर्यावरण पर असर पड़ सकता है। इसके अलावा अवैध खनन से सरकारी राजस्व को भी नुकसान पहुंचता है। इसी वजह से राज्य सरकार रेत खनन को निर्धारित नियमों के तहत संचालित करने पर जोर दे रही है।

शिवमोगा जैसे प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध जिले में रेत खनन गतिविधियों की निगरानी प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण है। 28 ठेकेदारों के खिलाफ 68 करोड़ रुपये से अधिक के जुर्माने के नोटिस जारी होना इस बात का संकेत है कि नियमों के उल्लंघन को लेकर सरकार कार्रवाई करने के मूड में है।

आगे की कार्रवाई पर नजर

फिलहाल 28 ठेकेदारों को जारी किए गए नोटिस और बकाया जुर्माने से जुड़े मामलों पर आगे की कार्रवाई जिला स्तरीय रेत समिति और संबंधित विभागों के स्तर पर होनी है। डब्बानागड्डे में 2,116 मीट्रिक टन रेत के कथित अवैध खनन के मामले में 1.08 करोड़ रुपये के जुर्माने का नोटिस भी इसी प्रक्रिया का हिस्सा है।

सरकार के जवाब के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित ठेकेदारों से जुर्माने की कितनी राशि वसूल की जाती है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे कौन-कौन से कदम उठाए जाते हैं। इस कार्रवाई से अवैध रेत खनन पर निगरानी बढ़ने और नियमों के पालन को लेकर प्रशासन की सख्ती का संदेश भी गया है।

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