शिवमोगा। कर्नाटक के शिवमोगा में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान उस समय माहौल गरमा गया, जब बीजेपी विधायक एस.एन. चन्नाबसप्पा ने ‘वंदे मातरम’ को केवल दो छंदों तक सीमित किए जाने पर नाराजगी जताते हुए कार्यक्रम से वॉकआउट कर दिया। विधायक ने राष्ट्रगीत के गायन को बीच में रोकने पर सवाल उठाया और राज्य सरकार से इस मामले में केंद्र सरकार के निर्देशों का पालन करने की मांग की।

यह घटनाक्रम शिवमोगा के डॉ. बी.आर. अंबेडकर भवन में आयोजित ‘अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस’ समारोह के दौरान हुआ। कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और अन्य गणमान्य लोगों की मौजूदगी थी। समारोह के दौरान निर्धारित कार्यक्रम के तहत ‘वंदे मातरम’ का गायन किया गया। हालांकि, दो छंद गाए जाने के बाद गायन समाप्त कर दिया गया, जिस पर विधायक चन्नाबसप्पा ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई।

दो छंदों के बाद गायन समाप्त करने पर सवाल

विधायक चन्नाबसप्पा ने सवाल उठाया कि ‘वंदे मातरम’ को बीच में ही क्यों रोक दिया गया। उनका कहना था कि राष्ट्रगीत के गायन के दौरान निर्धारित प्रक्रिया और संबंधित दिशा-निर्देशों का पालन किया जाना चाहिए।

दो छंदों के बाद जब गीत रोक दिया गया तो विधायक ने अपनी नाराजगी जाहिर की। इसके बाद उन्होंने कार्यक्रम से बाहर निकलने का फैसला किया। उनके वॉकआउट के बाद समारोह में मौजूद लोगों के बीच भी इस घटनाक्रम को लेकर चर्चा शुरू हो गई।

चन्नाबसप्पा ने इस मामले को केवल कार्यक्रम की व्यवस्था से जुड़ा विषय नहीं माना, बल्कि इसे राष्ट्रीय गीत और उससे जुड़े सम्मान से जोड़कर देखा। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि ऐसे मामलों में केंद्र सरकार की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाए।

केंद्र के निर्देशों का पालन करने की मांग

बीजेपी विधायक ने राज्य सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि ‘वंदे मातरम’ के गायन को दो छंदों तक सीमित करने का निर्णय किस आधार पर लिया गया। उन्होंने मांग की कि सरकार इस बारे में स्थिति स्पष्ट करे और यह सुनिश्चित करे कि राष्ट्रीय गीत से संबंधित सभी नियमों और निर्देशों का पालन हो।

चन्नाबसप्पा ने यह भी सवाल उठाया कि अगर कार्यक्रम में ‘वंदे मातरम’ को शामिल किया गया था, तो उसे बीच में रोकने की जरूरत क्यों पड़ी। उनके मुताबिक, राष्ट्रीय महत्व से जुड़े गीतों और कार्यक्रमों के आयोजन में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार को केंद्र के दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए और इस तरह के मामलों में स्पष्ट प्रोटोकॉल होना जरूरी है।

अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस समारोह में हुआ विवाद

शिवमोगा के डॉ. बी.आर. अंबेडकर भवन में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस समारोह का उद्देश्य लोकतांत्रिक मूल्यों, संविधान और नागरिक अधिकारों के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देना था। समारोह में लोकतंत्र की भूमिका और देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़े विभिन्न विषयों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए।

इसी दौरान ‘वंदे मातरम’ का गायन रखा गया था। कार्यक्रम के दौरान दो छंद गाए गए और इसके बाद इसे समाप्त कर दिया गया। विधायक चन्नाबसप्पा ने इसी बात पर आपत्ति जताई। उनका कहना था कि गीत को इस तरह बीच में रोकना उचित नहीं है।

 

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