बेंगलुरु। पूर्व प्रधानमंत्री और जनता दल (सेक्युलर) यानी JD(S) के प्रमुख एच.डी. देवेगौड़ा ने सोमवार को कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने बिदादी टाउनशिप प्रोजेक्ट को लेकर राज्य सरकार पर किसानों की जमीन और उनकी आजीविका प्रभावित करने का आरोप लगाया। देवेगौड़ा ने कहा कि किसानों की रोजी-रोटी खत्म करने की कोशिश के खिलाफ वह पीछे नहीं हटेंगे और उनकी पार्टी इस मुद्दे पर अपना विरोध जारी रखेगी।

देवेगौड़ा बिदादी टाउनशिप प्रोजेक्ट के विरोध में JD(S) की ओर से आयोजित पदयात्रा में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने किसानों के हितों को लेकर राज्य सरकार को कड़ा संदेश दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार से कहा कि उन्हें राज्य पर शासन करने से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन किसानों की आजीविका को नुकसान पहुंचाने वाली किसी भी कोशिश का विरोध किया जाएगा।

'किसानों की रोजी-रोटी पर नहीं बनने देंगे इमारतें'

पदयात्रा के दौरान देवेगौड़ा ने कहा कि जब तक किसानों की रोजी-रोटी खत्म करने की कोशिश नहीं रोकी जाती, तब तक वह पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि उनकी उम्र 93 साल है, लेकिन किसानों के मुद्दे पर संघर्ष करने का उनका संकल्प कमजोर नहीं हुआ है।

पूर्व प्रधानमंत्री ने अपने बेटे और केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी तथा पोते निखिल कुमारस्वामी का भी उल्लेख करते हुए कहा कि वे भी किसानों के हित में पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि किसानों की बर्बाद रोजी-रोटी की कीमत पर किसी भी तरह की इमारतें नहीं बनने दी जाएंगी।

उनके इस बयान को बिदादी टाउनशिप परियोजना के खिलाफ पार्टी के आंदोलन को और तेज करने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

टाउनशिप प्रोजेक्ट को लेकर विरोध

बिदादी टाउनशिप प्रोजेक्ट को लेकर किसानों और JD(S) की ओर से विरोध किया जा रहा है। पार्टी का आरोप है कि प्रस्तावित परियोजना से किसानों की जमीन और उनकी आजीविका प्रभावित हो सकती है। इसी मुद्दे को लेकर JD(S) ने पदयात्रा का आयोजन किया।

पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने परियोजना के खिलाफ अपनी आपत्ति दर्ज कराई और सरकार से किसानों के हितों को प्राथमिकता देने की मांग की। पदयात्रा में देवेगौड़ा की मौजूदगी ने इस आंदोलन को राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण बना दिया।

किसानों की जमीन और आजीविका का मुद्दा

देवेगौड़ा ने अपने संबोधन में केवल जमीन अधिग्रहण या विकास परियोजना की बात नहीं की, बल्कि किसानों की आजीविका को मुख्य मुद्दा बनाया। उन्होंने कहा कि जमीन किसानों के लिए केवल संपत्ति नहीं है, बल्कि उनके परिवार की आय और जीवनयापन का आधार है।

उनका कहना था कि विकास के नाम पर ऐसी कोई परियोजना नहीं होनी चाहिए जिससे किसान अपनी पारंपरिक आजीविका से वंचित हो जाएं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की चिंताओं को गंभीरता से सुनने और परियोजना को लेकर पुनर्विचार करने की मांग की।

शिवकुमार पर सीधा निशाना

देवेगौड़ा ने मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार को सीधे संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें सरकार चलाने से कोई आपत्ति नहीं है। उनका विरोध किसानों की आजीविका को प्रभावित करने वाली नीति या परियोजना से है।

उन्होंने मुख्यमंत्री को चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक किसानों की रोजी-रोटी खत्म करने की कथित कोशिश नहीं रुकती, तब तक वह और उनके परिवार के सदस्य संघर्ष से पीछे नहीं हटेंगे।

पूर्व प्रधानमंत्री के इस बयान से बिदादी टाउनशिप प्रोजेक्ट को लेकर राज्य की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप और तेज होने की संभावना है।

JD(S) का आंदोलन जारी रखने का संकेत

पदयात्रा के दौरान JD(S) नेताओं ने परियोजना के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। पार्टी की ओर से संकेत दिया गया कि किसानों के मुद्दे को लेकर आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा।

देवेगौड़ा की सक्रिय भागीदारी से पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ा। उम्र के बावजूद पदयात्रा में शामिल होकर उन्होंने किसानों के साथ खड़े होने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता और जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और मजबूत किया जाएगा।

विकास बनाम किसानों के हित का सवाल

बिदादी टाउनशिप प्रोजेक्ट को लेकर सामने आए विरोध ने विकास परियोजनाओं और किसानों के हितों के बीच संतुलन का सवाल भी खड़ा कर दिया है। एक ओर शहरों के विस्तार और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए नई परियोजनाओं की जरूरत बताई जाती है, वहीं दूसरी ओर जमीन और आजीविका से जुड़े किसानों की चिंताओं को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

JD(S) का कहना है कि विकास की कीमत किसानों की रोजी-रोटी नहीं होनी चाहिए। पार्टी इस मुद्दे को किसानों के अधिकारों से जोड़कर सरकार के सामने उठा रही है।

आगे बढ़ सकता है राजनीतिक टकराव

बिदादी टाउनशिप प्रोजेक्ट को लेकर देवेगौड़ा के तीखे बयान के बाद कर्नाटक की राजनीति में इस मुद्दे पर टकराव बढ़ने के संकेत हैं। JD(S) पहले ही पदयात्रा के जरिए अपना विरोध दर्ज करा चुकी है। अब पार्टी की नजर सरकार की अगली कार्रवाई पर होगी।

देवेगौड़ा के बयान से साफ है कि वह इस मुद्दे पर पीछे हटने के मूड में नहीं हैं। उन्होंने किसानों की आजीविका की रक्षा को अपना प्रमुख मुद्दा बताते हुए सरकार को स्पष्ट संदेश दिया है कि परियोजना के खिलाफ उनका विरोध जारी रहेगा।

फिलहाल बिदादी टाउनशिप प्रोजेक्ट को लेकर किसानों और सरकार के बीच मतभेद का मुद्दा राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। JD(S) की ओर से आंदोलन जारी रखने की घोषणा और देवेगौड़ा के कड़े तेवरों के बाद आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।

Tags: