कर्नाटक : उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने सोमवार को कहा कि नेपाल-तिब्बत सीमा और आसपास के इलाकों में आई अचानक बाढ़ के बाद राज्य के करीब 13 लोग अब भी लापता हैं। राज्य सरकार लगातार केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय (MEA) के संपर्क में है ताकि लापता लोगों की जानकारी जुटाई जा सके और उन्हें सुरक्षित वापस लाने के प्रयास किए जा सकें।
डीके शिवकुमार ने बताया कि सरकार ने प्रभावित लोगों की तलाश और सहायता के लिए अधिकारियों को सक्रिय कर दिया है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों का पता चल चुका है, लेकिन एक समूह के बारे में अभी जानकारी नहीं मिल पाई है।
13 लोगों की तलाश जारी
डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि नेपाल और तिब्बत ऑटोनॉमस रीजन (TAR) में फंसे कर्नाटक के लोगों को लेकर राज्य सरकार गंभीर है।
उन्होंने कहा, "लगभग 13 लोगों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। हमारे अधिकारी विदेश मंत्रालय और केंद्र सरकार के अधिकारियों के लगातार संपर्क में हैं। हमने संपर्क के लिए अपने प्रतिनिधि भी भेजे हैं।"
उन्होंने बताया कि एक समूह के बारे में अभी जानकारी नहीं मिली है, जबकि अन्य लोगों की स्थिति का पता चल चुका है।
केंद्र सरकार से लगातार संपर्क
डीके शिवकुमार ने कहा कि राज्य सरकार विदेश मंत्रालय के माध्यम से नेपाल और तिब्बत क्षेत्र में फंसे लोगों की जानकारी जुटा रही है।
उन्होंने बताया कि रविवार रात वह निजी कार्य से नई दिल्ली पहुंचे थे, जहां उन्होंने अधिकारियों के साथ इस मुद्दे पर चर्चा की।
उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने वहां फंसे कुछ लोगों से बातचीत की है और उनकी स्थिति की जानकारी ली है।
28 लोगों के फंसे होने की जानकारी
इससे पहले शुक्रवार को कर्नाटक सरकार ने बताया था कि स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर ने नेपाल और तिब्बत ऑटोनॉमस रीजन में फंसे या लापता कर्नाटक के 28 लोगों की जानकारी जुटाई है।
इनमें से 23 लोग बेंगलुरु शहर जिले के रहने वाले बताए गए थे।
सरकार की ओर से लगातार प्रभावित लोगों और उनके परिवारों से संपर्क बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है।
अचानक आई बाढ़ से बिगड़े हालात
नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में अचानक आई बाढ़ के कारण कई इलाकों में हालात खराब हो गए हैं।
बाढ़ और भूस्खलन के कारण कई स्थानों पर संपर्क मार्ग प्रभावित हुए हैं, जिससे वहां मौजूद लोगों तक पहुंचने में मुश्किलें आ रही हैं।
ऐसे हालात में भारत सरकार और संबंधित राज्य सरकारें राहत और बचाव कार्यों के लिए आपसी समन्वय से काम कर रही हैं।
परिवारों में बढ़ी चिंता
लापता लोगों के परिवारों में चिंता का माहौल है। परिजन लगातार अपने रिश्तेदारों की जानकारी मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
कर्नाटक सरकार का कहना है कि वह प्रभावित परिवारों के संपर्क में है और हर संभव मदद उपलब्ध कराने की कोशिश कर रही है।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि लापता लोगों की तलाश और उनकी सुरक्षित वापसी के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएं।
प्रतिनिधि भेजने की तैयारी
डीके शिवकुमार ने बताया कि स्थिति पर नजर रखने और बेहतर समन्वय के लिए राज्य सरकार ने अपने प्रतिनिधियों को सक्रिय किया है।
इन प्रतिनिधियों के माध्यम से स्थानीय अधिकारियों, केंद्र सरकार और संबंधित एजेंसियों के साथ संपर्क बनाए रखा जा रहा है।
राहत और बचाव अभियान पर नजर
फिलहाल राज्य सरकार की प्राथमिकता लापता लोगों का पता लगाना और प्रभावित लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है।
अधिकारियों का कहना है कि जैसे-जैसे नई जानकारी मिलेगी, परिवारों और आम लोगों को इसकी जानकारी दी जाएगी।
नेपाल-तिब्बत क्षेत्र में आई प्राकृतिक आपदा के बाद कर्नाटक सरकार की सक्रियता बढ़ गई है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि लापता 13 लोगों के बारे में कब तक कोई ठोस जानकारी मिल पाती है और उन्हें सुरक्षित वापस लाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।