बेंगलुरु। कर्नाटक सरकार इस साल मैसूरु दशहरा को पहले से अधिक भव्य और आकर्षक बनाने की तैयारी में जुट गई है। मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने राज्य के ऐतिहासिक मैसूरु दशहरा समारोह में दक्षिण भारत के सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को आमंत्रित करने का फैसला किया है।
मुख्यमंत्री शिवकुमार ने गुरुवार को दशहरा समारोह की तैयारियों की समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस वर्ष के आयोजन को विशेष और यादगार बनाया जाए। उन्होंने कहा कि मैसूरु दशहरा केवल कर्नाटक का त्योहार नहीं, बल्कि देश की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है।
बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय सहित सभी दक्षिणी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को तुरंत निमंत्रण भेजने के निर्देश दिए।
दक्षिण भारत की सांस्कृतिक एकता पर जोर
डी.के. शिवकुमार का यह कदम दक्षिण भारतीय राज्यों के बीच सांस्कृतिक और सामाजिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि मैसूरु दशहरा ऐसा मंच बनना चाहिए, जहां दक्षिण भारत की संस्कृति और परंपराओं की झलक दिखाई दे।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आयोजन में दक्षिण भारत की विविध सांस्कृतिक परंपराओं को शामिल करने के प्रयास किए जाएं, ताकि देशभर से आने वाले पर्यटक इस उत्सव को यादगार अनुभव के रूप में महसूस कर सकें।
दशहरा समारोह को अलग अंदाज में आयोजित करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस बार दशहरा कार्यक्रमों में कुछ नया और विशेष जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि आयोजन की योजना इस तरह बनाई जाए कि यह पिछले वर्षों की तुलना में अधिक आकर्षक और भव्य नजर आए।
उन्होंने तैयारियों से जुड़े सभी विभागों को आपसी तालमेल के साथ काम करने को कहा। साथ ही आयोजन स्थल, सुरक्षा व्यवस्था, सांस्कृतिक कार्यक्रम और पर्यटकों की सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
मैसूरु दशहरा की ऐतिहासिक पहचान
मैसूरु दशहरा कर्नाटक के सबसे प्रसिद्ध त्योहारों में से एक है। इसकी परंपरा कई वर्षों पुरानी है और इसे देश-विदेश में पहचान मिली हुई है।
हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक इस भव्य आयोजन को देखने के लिए मैसूरु पहुंचते हैं। राजमहल की सजावट, सांस्कृतिक कार्यक्रम, जंबू सवारी और विभिन्न धार्मिक आयोजनों के कारण यह त्योहार आकर्षण का केंद्र रहता है।
सरकार का प्रयास है कि इस बार आयोजन को और अधिक अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाया जाए।
पर्यटकों की सुविधा पर भी ध्यान
मुख्यमंत्री शिवकुमार ने अधिकारियों से कहा कि दशहरा के दौरान आने वाले पर्यटकों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए यातायात व्यवस्था, साफ-सफाई, सुरक्षा और अन्य नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि आयोजन के दौरान बड़ी संख्या में लोग शहर में पहुंचते हैं, इसलिए प्रशासन को पहले से तैयारी करनी होगी।
निमंत्रण भेजने की प्रक्रिया शुरू
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अधिकारियों ने दक्षिणी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को निमंत्रण भेजने की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी कर ली है।
इस बार तमिलनाडु सहित आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, केरल और अन्य दक्षिणी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भी आमंत्रित किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य है कि सभी राज्यों की भागीदारी से दशहरा समारोह को और व्यापक बनाया जाए।
राजनीतिक और सांस्कृतिक महत्व
मैसूरु दशहरा में दक्षिणी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को आमंत्रित करने के फैसले के राजनीतिक और सांस्कृतिक दोनों मायने निकाले जा रहे हैं। यह पहल क्षेत्रीय सहयोग और सांस्कृतिक जुड़ाव को बढ़ावा देने के रूप में देखी जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे आयोजनों के जरिए राज्यों के बीच बेहतर संबंध और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलता है।
इस साल मैसूरु दशहरा को लेकर कर्नाटक सरकार ने बड़े स्तर पर तैयारी शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के निर्देशों के बाद अब प्रशासन आयोजन को भव्य, आधुनिक और यादगार बनाने की दिशा में तेजी से काम करेगा।