BMTC में 26 महीने का एरियर भुगतान गलती से ट्रांसफर, 100 कर्मचारियों के खाते में गड़बड़ी
Karnataka कर्नाटक: बेंगलुरु में बेंगलुरु मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (BMTC) के कर्मचारियों के सैलरी रिवीजन एरियर भुगतान में बड़ी प्रशासनिक चूक सामने आई है। यशवंतपुर यूनिट के करीब 100 कर्मचारियों के खातों में 11 महीने के एरियर की जगह गलती से पूरे 26 महीने की राशि ट्रांसफर कर दी गई।
जानकारी के अनुसार, यह गड़बड़ी सैलरी रिवीजन बैक पे प्रोसेस के दौरान हुई डेटा एंट्री त्रुटि के कारण हुई। BMTC यशवंतपुर डिपो-26 में कार्यरत ऑपरेटरों के भुगतान में यह गलती सामने आई, जिसके बाद कर्मचारियों के खातों में अपेक्षा से अधिक राशि क्रेडिट हो गई।
सरकारी मंजूरी के तहत कर्मचारियों को 26 महीने के सैलरी एरियर का भुगतान किया जाना है, लेकिन पहले चरण में केवल 11 महीने का ही भुगतान किया जाना तय था। इसके बावजूद, कुछ कर्मचारियों के खातों में पूरी 26 महीने की राशि भेज दी गई, जिससे विभाग में हड़कंप मच गया।
BMTC अधिकारियों ने बताया कि यह त्रुटि बिलिंग क्लर्क द्वारा पेरोल प्रोसेस के दौरान गलत डेटा एंटर करने के कारण हुई। इसी वजह से भुगतान प्रणाली में गड़बड़ी हो गई और तय राशि से अधिक पैसा ट्रांसफर हो गया।
घटना के तुरंत बाद जैसे ही अतिरिक्त राशि खातों में क्रेडिट हुई, डिपो अधिकारियों ने इसकी जानकारी मुख्यालय को दी। इसके बाद BMTC प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई शुरू करते हुए मामले की जांच प्रारंभ कर दी है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह पूरी तरह तकनीकी और मानवीय त्रुटि का परिणाम है। फिलहाल यह भी देखा जा रहा है कि अतिरिक्त राशि की रिकवरी कैसे की जाएगी और किस प्रक्रिया के तहत इसे सुधारा जाएगा।
इस घटना ने BMTC के वित्तीय और पेरोल सिस्टम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। कर्मचारियों के बीच भी इस गड़बड़ी को लेकर चर्चा तेज हो गई है, क्योंकि कई लोगों को पहले से अधिक राशि प्राप्त हुई है, जबकि यह भुगतान निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार नहीं था।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, आगे की प्रक्रिया में भुगतान रिकॉर्ड की विस्तृत जांच की जाएगी और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि भविष्य में ऐसी त्रुटियां दोबारा न हों। साथ ही संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों की भूमिका की भी समीक्षा की जा रही है।
BMTC ने कहा है कि स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया है और मामले की गंभीरता को देखते हुए आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं।
कुल मिलाकर, BMTC की इस भुगतान गड़बड़ी ने प्रशासनिक व्यवस्था और डेटा प्रबंधन प्रणाली में सुधार की आवश्यकता को उजागर कर दिया है।