शिवमोग्गा। प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा मंत्री मधु बंगारप्पा ने कहा कि कर्नाटक पब्लिक स्कूल (KPS) राज्य सरकार की एक महत्वाकांक्षी परियोजना है। इसका उद्देश्य बच्चों को एलकेजी से लेकर 12वीं कक्षा यानी सेकंड पीयूसी तक एक ही परिसर में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि KPS के माध्यम से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल देने के साथ-साथ कन्नड़ और अंग्रेजी माध्यम में शिक्षा की सुविधा उपलब्ध कराने पर सरकार विशेष जोर दे रही है।
मंत्री नए कर्नाटक पब्लिक स्कूल भवन के शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। प्रस्तावित भवन का निर्माण अजाक्स इंजीनियरिंग चैरिटेबल ट्रस्ट की कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) पहल के तहत किया जा रहा है। भवन के निर्माण पर करीब 13.5 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
एक ही परिसर में शिक्षा की व्यवस्था
मधु बंगारप्पा ने कहा कि कर्नाटक पब्लिक स्कूल की अवधारणा के पीछे मुख्य उद्देश्य बच्चों को अलग-अलग स्तर की शिक्षा के लिए अलग-अलग संस्थानों पर निर्भर होने से बचाना है। KPS में प्रारंभिक शिक्षा से लेकर उच्च माध्यमिक स्तर तक पढ़ाई की व्यवस्था एक ही परिसर में करने की योजना है।
उन्होंने कहा कि एलकेजी से लेकर सेकंड पीयूसी तक एकीकृत शिक्षा व्यवस्था से विद्यार्थियों को निरंतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा। इससे बच्चों को प्राथमिक स्तर से माध्यमिक और फिर उच्च माध्यमिक शिक्षा तक आगे बढ़ने में सुविधा होगी।
मंत्री के अनुसार, KPS में कन्नड़ और अंग्रेजी दोनों माध्यमों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को उनकी जरूरत और रुचि के अनुरूप शिक्षा का बेहतर विकल्प देना है।
13.5 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा भवन
नए कर्नाटक पब्लिक स्कूल भवन का निर्माण करीब 13.5 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। इस पूरी परियोजना के लिए अजाक्स इंजीनियरिंग चैरिटेबल ट्रस्ट की CSR पहल महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने परियोजना से जुड़े अधिकारियों और संस्था के प्रतिनिधियों से निर्माण कार्य की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि बेहतर शैक्षणिक संस्थान तैयार करने के लिए सरकार और निजी क्षेत्र के बीच सहयोग उपयोगी साबित हो सकता है।
CSR के माध्यम से शिक्षा क्षेत्र में होने वाला निवेश सरकारी संस्थानों में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने में मदद करता है। नए भवन के निर्माण से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलने की उम्मीद है।
शिक्षा की गुणवत्ता पर सरकार का जोर
शिक्षा मंत्री ने कहा कि केवल स्कूल भवन बनाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। KPS परियोजना में शैक्षणिक गुणवत्ता के साथ आधुनिक सुविधाओं को विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भी बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध हों। इसके लिए स्कूलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, शिक्षा के स्तर में सुधार करने और विद्यार्थियों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने पर ध्यान दिया जा रहा है।
KPS की अवधारणा इसी व्यापक उद्देश्य का हिस्सा है। एक ही परिसर में विभिन्न स्तरों की शिक्षा उपलब्ध होने से विद्यार्थियों और अभिभावकों दोनों को सुविधा मिलने की उम्मीद है।
जिला प्रशासन समेत कई संस्थाएं रहीं शामिल
नए स्कूल भवन के शिलान्यास कार्यक्रम का आयोजन संयुक्त रूप से जिला प्रशासन, जिला पंचायत, स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, अजाक्स इंजीनियरिंग लिमिटेड (शिवमोग्गा) और अजाक्स इंजीनियरिंग चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से किया गया।
कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के अधिकारियों, जिला प्रशासन के प्रतिनिधियों और संबंधित संस्थाओं के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान KPS परियोजना के उद्देश्य और स्कूल भवन के निर्माण से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई।
कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि शिक्षा के क्षेत्र में सरकारी प्रयासों के साथ सामाजिक और कॉरपोरेट संस्थाओं की भागीदारी से आधारभूत सुविधाओं को तेजी से मजबूत किया जा सकता है।
विद्यार्थियों को मिलेगा बेहतर माहौल
नए भवन के निर्माण के बाद स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलने की उम्मीद है। आधुनिक और पर्याप्त आधारभूत सुविधाओं वाला परिसर बच्चों की पढ़ाई के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने में मदद कर सकता है।
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य सरकारी शिक्षा व्यवस्था को अधिक मजबूत और प्रभावी बनाना है। इसके लिए स्कूल स्तर पर सुविधाओं के विकास के साथ शिक्षा की गुणवत्ता पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
KPS जैसे स्कूलों में एलकेजी से सेकंड पीयूसी तक शिक्षा उपलब्ध होने से विद्यार्थियों की शैक्षणिक यात्रा एक ही संस्थान में आगे बढ़ सकेगी। इससे स्कूल बदलने की जरूरत कम होगी और बच्चों को लगातार एक ही शैक्षणिक वातावरण में पढ़ाई करने का अवसर मिलेगा।
सरकारी और निजी भागीदारी का उदाहरण
अजाक्स इंजीनियरिंग चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा CSR के तहत 13.5 करोड़ रुपये की लागत से स्कूल भवन का निर्माण शिक्षा क्षेत्र में सार्वजनिक और निजी भागीदारी का उदाहरण है। ऐसी पहल से सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
मधु बंगारप्पा ने KPS को सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना बताते हुए गुणवत्तापूर्ण और समावेशी शिक्षा के लक्ष्य को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि बच्चों को शुरुआती शिक्षा से लेकर उच्च माध्यमिक स्तर तक बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
नए KPS भवन के निर्माण के साथ क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा का बेहतर आधार तैयार होने की उम्मीद है। परियोजना पूरी होने के बाद एक ही परिसर में कन्नड़ और अंग्रेजी माध्यम के विद्यार्थियों को एलकेजी से सेकंड पीयूसी तक शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ेगा।