बेंगलुरु। बेंगलुरु में युवा पीढ़ी खासकर ‘जेन ज़ी’ (Gen Z) को लेकर एक बड़ा इंटरैक्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया। पैलेस ग्राउंड्स के पास जयामहल स्थित ‘चमारा वज्रा’ ऑडिटोरियम में आयोजित इस कार्यक्रम में हजारों युवाओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान राजनीतिक नेताओं ने भविष्य से जुड़े महत्वपूर्ण फैसलों में युवा पीढ़ी की भागीदारी बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया।

कार्यक्रम में युवाओं की भूमिका, बदलती राजनीति, सामाजिक मुद्दों और भविष्य की नीतियों में नई पीढ़ी की भागीदारी को लेकर चर्चा हुई। नेताओं ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी केवल दर्शक नहीं है, बल्कि वह समाज और राजनीति की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

युवाओं को निर्णय प्रक्रिया में शामिल करने की अपील

कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) के अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि जेन ज़ी पीढ़ी ने अपनी क्षमता साबित कर दी है। उन्होंने कहा कि युवा अब केवल अपनी बात रखने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे राजनीतिक और सामाजिक बहस को प्रभावित करने की ताकत रखते हैं।

हरिप्रसाद ने कहा कि युवाओं को महत्वपूर्ण फैसले लेने की प्रक्रिया से दूर नहीं रखा जा सकता। उन्होंने कहा कि सरकार और राजनीतिक दलों को नई पीढ़ी की सोच और सुझावों को महत्व देना होगा।

उन्होंने कहा, “जेन-ज़ी ने अपनी ताकत दिखाई है और यह साबित किया है कि वे बदलाव लाने की क्षमता रखते हैं। उन्हें निर्णय प्रक्रिया से बाहर नहीं रखा जा सकता। हमें उन्हें साथ लेकर आगे बढ़ना होगा।”

राजनीति में युवाओं की बढ़ती भूमिका

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि डिजिटल युग में पली-बढ़ी जेन ज़ी पीढ़ी की सोच पिछली पीढ़ियों से अलग है। यह पीढ़ी तेजी से जानकारी हासिल करती है और सामाजिक मुद्दों पर अपनी राय खुलकर रखती है।

राजनीतिक नेताओं का कहना था कि युवाओं की भागीदारी केवल चुनावों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि नीति निर्माण और सामाजिक विकास में भी उनकी सक्रिय भूमिका होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि युवाओं के विचारों को समझे बिना भविष्य की योजनाएं बनाना मुश्किल होगा।

हजारों युवाओं ने लिया हिस्सा

आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवा पहुंचे। युवाओं ने शिक्षा, रोजगार, तकनीक, सामाजिक बदलाव और राजनीतिक भागीदारी जैसे विषयों पर अपनी राय रखी।

कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं और राजनीतिक नेतृत्व के बीच संवाद को बढ़ावा देना था। आयोजकों का कहना है कि ऐसे कार्यक्रमों से नई पीढ़ी की सोच और उनकी अपेक्षाओं को समझने में मदद मिलती है।

Gen Z की सोच और चुनौतियों पर चर्चा

कार्यक्रम में जेन ज़ी पीढ़ी के सामने मौजूद चुनौतियों पर भी चर्चा हुई। इनमें रोजगार के अवसर, कौशल विकास, तकनीकी बदलाव और सामाजिक जिम्मेदारियां जैसे मुद्दे शामिल रहे।

वक्ताओं ने कहा कि युवाओं के पास नई सोच और नई ऊर्जा है, जिसका उपयोग समाज और देश के विकास में किया जाना चाहिए।

हरिप्रसाद का राजनीतिक संदेश

KPCC अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद के बयान को युवाओं को राजनीति में अधिक सक्रिय भूमिका देने की अपील के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी ने अपनी क्षमता दिखा दी है और अब राजनीतिक व्यवस्था को भी उनके लिए अधिक स्थान बनाना होगा।

उन्होंने कहा कि जेन ज़ी को केवल वोटर के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि उन्हें नीति निर्माण और फैसलों में भागीदार बनाया जाना चाहिए।

भविष्य की राजनीति में युवाओं की अहम भूमिका

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में युवा मतदाता और युवा नेतृत्व राजनीति में बड़ी भूमिका निभाएंगे। सोशल मीडिया, तकनीक और वैश्विक मुद्दों से जुड़े होने के कारण जेन ज़ी पीढ़ी की राजनीतिक समझ और भागीदारी लगातार बढ़ रही है।

ऐसे में राजनीतिक दल भी युवाओं से संवाद बढ़ाने पर ध्यान दे रहे हैं।

बेंगलुरु में आयोजित यह कार्यक्रम इसी दिशा में एक प्रयास माना जा रहा है। इसमें नेताओं ने स्पष्ट संदेश दिया कि भविष्य के भारत और कर्नाटक के निर्माण में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी और उन्हें फैसलों से अलग नहीं रखा जा सकता।

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