कर्नाटक में 1 करोड़ वोटर ASDDO सूची में चिन्हित

Update: 2026-08-05 07:24 GMT

बेंगलुरु। कर्नाटक में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) के दौरान अब मतदाता ऑनलाइन यह जांच सकेंगे कि उनका नाम ‘ASDDO’ श्रेणी में तो शामिल नहीं किया गया है। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) वी. अंबुकुमार ने मंगलवार को एक ऑनलाइन पोर्टल का लिंक जारी किया, जिसके माध्यम से मतदाता अपने नाम की स्थिति देख सकते हैं।

ASDDO का मतलब Absent (अनुपस्थित), Shifted (स्थानांतरित), Duplicate (डुप्लीकेट), Dead (मृत) और Other (अन्य) श्रेणियों से है। मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान ऐसे नामों को अलग-अलग श्रेणियों में चिह्नित किया जाता है, ताकि सूची को अधिक सटीक और अपडेट किया जा सके।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, कर्नाटक में कुल 5.54 करोड़ पंजीकृत मतदाताओं में से अब तक एक करोड़ से अधिक मतदाताओं को ASDDO श्रेणी में चिह्नित किया जा चुका है। यह प्रक्रिया मतदाता सूची की समीक्षा और उसमें मौजूद संभावित त्रुटियों को दूर करने के उद्देश्य से की जा रही है।

वी. अंबुकुमार ने मतदाताओं की सुविधा के लिए ऑनलाइन सुविधा शुरू की है। अब लोग घर बैठे यह जांच कर सकते हैं कि उनका नाम ASDDO सूची में शामिल है या नहीं। इसके लिए जिलेवार सूची उपलब्ध कराई गई है।

मतदाता कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर जाकर संबंधित जानकारी देख सकते हैं। इसके लिए जारी किए गए पोर्टल पर जिले के अनुसार ASDDO सूची उपलब्ध कराई गई है।

हालांकि, कुछ जिलों की सूची अभी ऑनलाइन उपलब्ध नहीं कराई गई है। इनमें बेलगावी, रायचूर, शिवमोग्गा और बेंगलुरु अर्बन जैसे जिले शामिल हैं। इन जिलों के मतदाताओं को सूची जारी होने का इंतजार करना होगा।

निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार, मतदाता सूची का पुनरीक्षण एक नियमित प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य सही और पात्र मतदाताओं के नाम सूची में बनाए रखना है। इस प्रक्रिया के तहत ऐसे नामों की पहचान की जाती है जो किसी कारण से अब सूची में नहीं होने चाहिए या जिनकी जानकारी में बदलाव की जरूरत है।

अधिकारियों ने मतदाताओं से अपील की है कि वे अपनी जानकारी जरूर जांच लें। यदि किसी मतदाता का नाम गलत तरीके से ASDDO श्रेणी में शामिल किया गया है, तो वह संबंधित प्रक्रिया के माध्यम से आपत्ति या सुधार के लिए आवेदन कर सकता है।

विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान बूथ स्तर के अधिकारियों (BLO) की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। वे मतदाताओं के पते, पहचान और अन्य विवरणों का सत्यापन करते हैं, ताकि मतदाता सूची में सही जानकारी दर्ज हो सके।

निर्वाचन विभाग का कहना है कि पारदर्शिता बढ़ाने के लिए ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इससे मतदाताओं को अपने नाम की स्थिति जानने के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

राजनीतिक दल भी मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया पर नजर बनाए हुए हैं। चुनाव से पहले मतदाता सूची में बदलाव एक महत्वपूर्ण विषय माना जाता है, क्योंकि इसमें मतदाताओं के नाम जुड़ने, हटने और संशोधन की प्रक्रिया शामिल होती है।

विशेषज्ञों के अनुसार, डिजिटल माध्यम से मतदाता सूची की जानकारी उपलब्ध कराने से नागरिकों की भागीदारी बढ़ेगी और गलतियों को समय रहते सुधारा जा सकेगा।

फिलहाल कर्नाटक निर्वाचन विभाग ने मतदाताओं से अपील की है कि वे ASDDO सूची में अपने नाम की स्थिति जांचें और किसी भी प्रकार की गलती पाए जाने पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सुधार के लिए कदम उठाएं।

यह पहल मतदाता सूची को अधिक सटीक, पारदर्शी और अपडेट रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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