रांची: झारखंड पुलिस ने पिछले साढ़े सात महीने की अपनी उपलब्धियों का रिपोर्ट कार्ड जारी किया है। पुलिस के अनुसार, राज्य में माओवाद के खिलाफ चलाए गए अभियान में बड़ी सफलता मिली है और 10 बड़े माओवाद प्रभावित क्षेत्रों को माओवाद मुक्त घोषित किया गया है। इसके साथ ही संगठित अपराध, साइबर अपराध और अन्य आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ भी बड़े स्तर पर कार्रवाई की गई है। पुलिस का कहना है कि लगातार अभियान, सुरक्षाबलों की सक्रियता, माओवादी कैडरों की गिरफ्तारी और आत्मसमर्पण की नीति के चलते नक्सली गतिविधियों में कमी आई है। पहले जिन इलाकों में माओवादी प्रभाव मजबूत माना जाता था, वहां अब सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है और आम लोगों में विश्वास बढ़ा है।

माओवाद के खिलाफ अभियान में बड़ी सफलता
झारखंड लंबे समय से माओवादी गतिविधियों से प्रभावित राज्यों में शामिल रहा है। पुलिस के अनुसार, विशेष अभियान चलाकर संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई गई और लगातार तलाशी अभियान चलाए गए। इन प्रयासों के कारण कई ऐसे क्षेत्र, जहां पहले माओवादियों की सक्रियता थी, अब सामान्य स्थिति की ओर बढ़ रहे हैं। पुलिस ने इसे राज्य में शांति और विकास के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।
संगठित गिरोह और अपराधियों पर शिकंजा
रिपोर्ट कार्ड में सिर्फ माओवादी अभियान ही नहीं, बल्कि संगठित अपराध के खिलाफ कार्रवाई का भी उल्लेख किया गया है। पुलिस ने आपराधिक गिरोहों के खिलाफ अभियान चलाकर कई मामलों में कार्रवाई की है। इसके अलावा साइबर अपराध, मादक पदार्थों की तस्करी और पॉक्सो एक्ट से जुड़े मामलों में भी कार्रवाई तेज करने का दावा किया गया है।
साइबर अपराध पर भी बढ़ी निगरानी
झारखंड पुलिस ने साइबर अपराध को बड़ी चुनौती मानते हुए विशेष अभियान चलाए हैं। ऑनलाइन ठगी, डिजिटल फ्रॉड और साइबर अपराधियों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए तकनीकी निगरानी बढ़ाई गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आधुनिक तकनीक और बेहतर जांच प्रक्रिया के जरिए अपराधियों तक पहुंचने में मदद मिल रही है।
विकास कार्यों के लिए बेहतर माहौल
पुलिस का मानना है कि माओवादी प्रभाव कम होने से प्रभावित इलाकों में विकास कार्यों को गति मिल रही है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य सुविधाओं को बेहतर तरीके से पहुंचाने के लिए सुरक्षित माहौल तैयार हो रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस और जनता के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने पर भी जोर दिया जा रहा है, ताकि लोगों का भरोसा सुरक्षा व्यवस्था पर मजबूत हो सके।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
झारखंड पुलिस ने साफ किया है कि माओवाद और संगठित अपराध के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बलों की निगरानी बनी रहेगी और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का लक्ष्य राज्य को पूरी तरह माओवादी प्रभाव से मुक्त करना और कानून व्यवस्था को और मजबूत बनाना है।
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