रांची में विशेष गहन पुनरीक्षण अंतिम चरण में, 6.97 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम सूची से हटे
रांची। झारखंड की राजधानी रांची में निर्वाचन आयोग द्वारा चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन-एसआईआर) अभियान का कार्य अंतिम चरण में पहुंच गया है। जिला प्रशासन के अनुसार, मतदाता सूची के सत्यापन के दौरान अब तक 6,97,936 मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। इसके साथ ही जिले के अधिकांश विधानसभा क्षेत्रों में एन्यूमरेशन फॉर्म का वितरण, संग्रहण और डिजिटाइजेशन का कार्य लगभग पूरी तरह संपन्न हो चुका है। प्रशासन का कहना है कि अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को त्रुटिरहित, अद्यतन और पारदर्शी बनाना है, ताकि केवल पात्र मतदाता ही सूची में शामिल रहें।
जिला प्रशासन की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, 29 जुलाई की शाम छह बजे तक जिले के सात विधानसभा क्षेत्रों में से तमाड़, हटिया, कांके और मांडर विधानसभा क्षेत्रों में एन्यूमरेशन फॉर्म का 100 प्रतिशत वितरण और संग्रहण पूरा कर लिया गया है। इन क्षेत्रों में घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन किया गया और आवश्यक दस्तावेजों के आधार पर जानकारी का मिलान किया गया।
वहीं सिल्ली, खिजरी और रांची विधानसभा क्षेत्र में भी फॉर्म वितरण और संग्रहण का कार्य लगभग शत-प्रतिशत पूरा हो चुका है। प्रशासन का कहना है कि इन क्षेत्रों में शेष बचे कुछ मामलों का भी शीघ्र निस्तारण कर लिया जाएगा, जिसके बाद पूरे जिले में यह प्रक्रिया पूर्ण हो जाएगी।
मतदाता सत्यापन अभियान के साथ-साथ फॉर्मों के डिजिटाइजेशन का कार्य भी तेजी से किया गया है। जिला प्रशासन के अनुसार, सभी सात विधानसभा क्षेत्रों में प्राप्त एन्यूमरेशन फॉर्मों का डिजिटाइजेशन लगभग 100 प्रतिशत पूरा कर लिया गया है। डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होने से मतदाता सूची को अद्यतन करने की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और तेज होगी। साथ ही भविष्य में मतदाता सूची से संबंधित जानकारी का सत्यापन और संशोधन भी आसान होगा।
प्रशासन के अनुसार, विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे नाम सामने आए जो विभिन्न कारणों से मतदाता सूची में बने हुए थे। इनमें स्थायी रूप से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित हो चुके मतदाता, मृतक मतदाता, एक से अधिक स्थानों पर दर्ज नाम तथा अन्य अपात्र प्रविष्टियां शामिल हैं। ऐसे मामलों की जांच के बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार संबंधित नामों को मतदाता सूची से हटाया गया है।
अधिकारियों का कहना है कि मतदाता सूची का शुद्धिकरण निर्वाचन प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यदि सूची में अपात्र या दोहराए गए नाम बने रहते हैं तो चुनाव की निष्पक्षता और पारदर्शिता प्रभावित हो सकती है। इसी उद्देश्य से निर्वाचन आयोग समय-समय पर विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान चलाता है, ताकि मतदाता सूची को वास्तविक और अद्यतन बनाया जा सके।
अभियान के दौरान बड़ी संख्या में बूथ स्तर के अधिकारियों (बीएलओ) और अन्य कर्मियों को लगाया गया। इन अधिकारियों ने घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन किया, आवश्यक दस्तावेजों का मिलान किया और एन्यूमरेशन फॉर्म भरवाए। कई स्थानों पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों का भी सहयोग लिया गया, जिससे सत्यापन प्रक्रिया समय पर पूरी हो सकी।
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी पात्र मतदाता का नाम सूची में शामिल नहीं हुआ है या किसी प्रकार की त्रुटि रह गई है, तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवश्यक आवेदन देकर उसे ठीक कराया जा सकता है। इसी प्रकार यदि किसी मतदाता को लगता है कि उसका नाम गलत तरीके से हटाया गया है, तो वह भी निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार दावा या आपत्ति दर्ज करा सकता है।
निर्वाचन विशेषज्ञों का मानना है कि मतदाता सूची का नियमित पुनरीक्षण लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत बनाने के लिए आवश्यक है। सही और अद्यतन मतदाता सूची न केवल निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करती है, बल्कि मतदान प्रतिशत बढ़ाने और चुनावी विवादों को कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
हालांकि, एक साथ बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने के बाद यह भी जरूरी होगा कि संबंधित सभी मामलों का रिकॉर्ड पारदर्शी रहे और जिन मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, उन्हें नियमों के तहत अपनी बात रखने का अवसर मिले। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम अनजाने में सूची से बाहर न रह जाए।
फिलहाल रांची जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान अपने अंतिम चरण में है। फॉर्मों के वितरण, संग्रहण और डिजिटाइजेशन का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। अब प्रशासन अंतिम सत्यापन और आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर अद्यतन मतदाता सूची तैयार करने में जुटा है। अधिकारियों का कहना है कि निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ संपन्न की जा रही है, ताकि आगामी चुनावों के लिए शुद्ध और प्रमाणिक मतदाता सूची उपलब्ध हो सके।