धनबाद: झारखंड के धनबाद जिले में भू-धंसान, कथित अवैध खनन और हेवी ब्लास्टिंग को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ गई है। झरिया से भाजपा विधायक रागिनी सिंह ने नई दिल्ली में केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी किशन रेड्डी से मुलाकात कर इन मुद्दों को उनके सामने रखा। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को ज्ञापन सौंपते हुए खनन क्षेत्रों में मौजूदा परिस्थितियों की उच्चस्तरीय जांच कराने और सुरक्षा मानकों की समीक्षा की मांग की। केंद्रीय मंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मंत्रालय की टीम को जल्द धनबाद भेजने का भरोसा दिया है। रागिनी सिंह ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि झरिया समेत धनबाद के विभिन्न खनन क्षेत्रों में लगातार भू-धंसान की घटनाएं सामने आ रही हैं। इन घटनाओं के कारण कई इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। कई मकानों में दरारें आने और जमीन प्रभावित होने की शिकायतें भी सामने आई हैं।
अवैध खनन की तकनीकी जांच की मांग
विधायक ने कहा कि कथित अवैध और अनधिकृत खनन से जमीन के नीचे की भूगर्भीय स्थिति पर क्या असर पड़ रहा है, इसकी विशेषज्ञों से तकनीकी जांच कराई जानी चाहिए। यदि जांच में खनन नियमों या सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। धनबाद में अवैध कोयला खनन का मुद्दा पहले से केंद्र सरकार के स्तर पर भी उठता रहा है। जुलाई 2026 में केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी किशन रेड्डी की मौजूदगी में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में धनबाद और आसपास के क्षेत्रों में अवैध कोयला खनन के खिलाफ कार्रवाई तथा संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय पर चर्चा की गई थी।
हेवी ब्लास्टिंग से मकानों में दरार की शिकायत
रागिनी सिंह ने झरिया में खनन के दौरान होने वाली हेवी ब्लास्टिंग का मामला भी केंद्रीय मंत्री के सामने रखा। उनका कहना है कि ब्लास्टिंग के कारण आसपास के क्षेत्रों में कंपन महसूस होने और मकानों में दरारें पड़ने की शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने ब्लास्टिंग के निर्धारित मानकों, सुरक्षा प्रावधानों और इसकी निगरानी की पूरी व्यवस्था की जांच कराने की मांग की। विधायक ने कहा कि भू-धंसान, खनन गतिविधियों, कथित अवैध खनन और ब्लास्टिंग के बीच किसी संभावित संबंध की जांच विशेषज्ञों से कराई जानी चाहिए। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि प्रभावित इलाकों में जमीन की स्थिति बिगड़ने के पीछे कौन-कौन से कारण जिम्मेदार हैं।
प्रभावित परिवारों के पुनर्वास पर जोर
रागिनी सिंह ने भू-धंसान प्रभावित परिवारों के पुनर्वास का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि जिन मकानों और क्षेत्रों को असुरक्षित माना गया है, वहां लोगों को खतरे के बीच रहने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। ऐसे परिवारों को जल्द सुरक्षित स्थानों पर बसाने की व्यवस्था की जानी चाहिए। इसके साथ ही प्रभावित रैयतों की जमीन, मकान और आजीविका से जुड़े मामलों की समीक्षा कर उचित मुआवजा और पुनर्वास सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की गई है।
धनबाद पहुंचेगी मंत्रालय की टीम
केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी ने विधायक की शिकायत और मांगों को गंभीरता से लिया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि मंत्रालय की एक टीम जल्द धनबाद भेजी जाएगी। यह टीम खनन क्षेत्रों में जाकर वस्तुस्थिति का जायजा लेगी और भू-धंसान, ब्लास्टिंग तथा खनन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी जुटाएगी। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आवश्यक कदम उठाने का भरोसा भी दिया गया है। मंत्रालय की टीम के प्रस्तावित दौरे के बाद अब प्रभावित इलाकों के लोगों की नजर जांच और उसके आधार पर होने वाली कार्रवाई पर टिकी है।
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