रांची। झारखंड में JPSC-JSSC अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। परीक्षा से जुड़े विवादों और अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों ने अब भूख हड़ताल का रास्ता अपनाया है। आंदोलन के 23वें दिन JPSC-JSSC अभ्यर्थी न्याय मंच के तहत चार और छात्र भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं।

भूख हड़ताल पर बैठने वाले छात्रों में राजबल प्रसाद, उदय मेहता, राजीव कुमार कुशवाहा और उदय मंडल शामिल हैं। छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं की जाती और परीक्षा से जुड़े विवादों का समाधान नहीं किया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

मांगों के समाधान की मांग

आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी समस्याओं को लेकर आवाज उठा रहे हैं, लेकिन अब तक सरकार और संबंधित विभाग की ओर से कोई संतोषजनक पहल नहीं की गई है।

छात्रों की मांग है कि परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े विवादों को जल्द से जल्द दूर किया जाए और अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।

उन्होंने कहा कि उनका आंदोलन किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि छात्रों के भविष्य और परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग को लेकर है।

चार नए छात्रों के शामिल होने से बढ़ा आंदोलन

JPSC-JSSC अभ्यर्थी न्याय मंच के तहत चार और छात्रों के भूख हड़ताल पर बैठने के बाद आंदोलन के और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।

छात्र नेताओं का कहना है कि बड़ी संख्या में अभ्यर्थी इस आंदोलन से जुड़े हुए हैं और वे अपनी मांगों को लेकर लगातार संघर्ष कर रहे हैं।

उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जा सकता है।

2 अगस्त से अनशन पर हैं देवेंद्र नाथ महतो

इस आंदोलन में छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो पहले से ही भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं।

जानकारी के अनुसार, देवेंद्र नाथ महतो ने 2 अगस्त से अनशन शुरू किया था। लगातार भूख हड़ताल के कारण उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

उनके स्वास्थ्य को लेकर आंदोलनकारी छात्रों में चिंता बनी हुई है।

छात्रों ने जताई चिंता

आंदोलन कर रहे छात्रों का कहना है कि देवेंद्र नाथ महतो की हालत खराब होने के बावजूद सरकार की ओर से अपेक्षित कदम नहीं उठाए गए हैं।

छात्रों ने कहा कि वे अपने साथी के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित हैं, लेकिन अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने के लिए तैयार नहीं हैं।

उन्होंने सरकार से जल्द बातचीत कर समाधान निकालने की अपील की है।

परीक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवाल

JPSC और JSSC की परीक्षाओं को लेकर झारखंड में समय-समय पर अभ्यर्थी अपनी मांगें उठाते रहे हैं।

छात्रों का आरोप है कि परीक्षा प्रक्रिया में कई स्तरों पर सुधार की जरूरत है।

उनका कहना है कि निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था से ही योग्य अभ्यर्थियों को उचित अवसर मिल सकता है।

आंदोलन स्थल पर जुट रहे छात्र

आंदोलन के दौरान बड़ी संख्या में छात्र लगातार एकजुट हो रहे हैं।

छात्रों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रख रहे हैं और प्रशासन से बातचीत के लिए तैयार हैं।

हालांकि, मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का फैसला किया गया है।

प्रशासन की नजर आंदोलन पर

JPSC-JSSC अभ्यर्थियों के आंदोलन को देखते हुए प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

अधिकारियों की ओर से अभी तक आंदोलन समाप्त कराने को लेकर कोई बड़ा निर्णय सामने नहीं आया है।

छात्रों और प्रशासन के बीच बातचीत की संभावना बनी हुई है।

आगे की रणनीति पर चर्चा

चार नए छात्रों के भूख हड़ताल पर बैठने के बाद अब आंदोलनकारी छात्र आगे की रणनीति पर चर्चा कर रहे हैं।

छात्र नेताओं का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर एकजुट हैं और जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और मजबूत किया जाएगा।

फिलहाल झारखंड में JPSC-JSSC अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है।

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