रांची। झारखंड में सरकारी नियुक्तियों को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। JPSC और JSSC की नियुक्तियों में कथित अनियमितता, नौकरी के नाम पर पैसों की वसूली और आंदोलन करने वाले युवाओं पर दर्ज प्राथमिकी रद्द करने की मांग को लेकर मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया।
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ताओं ने समाहरणालय का घेराव किया और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं ने नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग उठाई और पूरे मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी से कराने की मांग की।
यज्ञ मैदान से निकाला गया जुलूस
भाजपा कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को शहर के यज्ञ मैदान से विरोध मार्च निकाला। जुलूस में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए।
कार्यकर्ता हाथों में पार्टी के झंडे और मांगों से जुड़े बैनर लेकर शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए समाहरणालय पहुंचे।
समाहरणालय पहुंचने के बाद कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया और नियुक्तियों में कथित गड़बड़ी को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया।
सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
समाहरणालय के मुख्य द्वार पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार पर निशाना साधा।
उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड में पिछले पांच-छह वर्षों के दौरान हुई नियुक्तियों में बड़े स्तर पर अनियमितताएं हुई हैं।
मरांडी ने कहा कि राज्य में सरकारी नौकरियों को लेकर युवाओं में निराशा बढ़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने रोजगार देने के बजाय नौकरी बेचने का काम किया है।
सभी नियुक्तियों की CBI जांच की मांग
बाबूलाल मरांडी ने मांग की कि पिछले पांच वर्षों में हुई सभी सरकारी नियुक्तियों की जांच सीबीआई से कराई जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि जांच होने से ही सच्चाई सामने आ सकेगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई संभव होगी।
भाजपा नेता ने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती।
आंदोलन कर रहे युवाओं पर दर्ज प्राथमिकी का मुद्दा
भाजपा ने प्रदर्शन के दौरान उन युवाओं पर दर्ज प्राथमिकी को भी रद्द करने की मांग उठाई, जो नियुक्तियों से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन कर रहे थे।
पार्टी नेताओं का कहना है कि अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने वाले युवाओं पर मुकदमे दर्ज करना उचित नहीं है।
उन्होंने सरकार से युवाओं के खिलाफ दर्ज मामलों की समीक्षा कर उन्हें वापस लेने की मांग की।
JPSC और JSSC पर उठे सवाल
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाएं और नियुक्तियां लंबे समय से राजनीतिक बहस का विषय रही हैं।
अभ्यर्थी कई बार परीक्षा प्रक्रिया, परिणाम में देरी और पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाते रहे हैं।
भाजपा ने इसी मुद्दे को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला है।
युवाओं के मुद्दे पर सरकार को घेरा
भाजपा नेताओं ने कहा कि झारखंड में बड़ी संख्या में युवा सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे हैं और नियुक्तियों में देरी या अनियमितता से उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है।
पार्टी ने सरकार से जल्द से जल्द निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था रही तैनात
समाहरणालय घेराव को देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा के इंतजाम किए गए थे।
प्रदर्शन स्थल और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस बल की तैनाती की गई ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
राजनीतिक टकराव बढ़ने के संकेत
नियुक्तियों का मुद्दा झारखंड की राजनीति में लगातार गर्माता जा रहा है।
भाजपा जहां इसे युवाओं से जुड़ा बड़ा मुद्दा बता रही है, वहीं सरकार की ओर से इन आरोपों पर अलग रुख सामने आ सकता है।
आने वाले दिनों में यह मुद्दा राजनीतिक बहस का केंद्र बना रह सकता है।