कोयला मंत्रालय का फैसला, संयुक्त सचिव गोपल सिंह को CMPFO आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार
धनबाद। कोयला मंत्रालय ने कोयला खान भविष्य निधि संगठन (CMPFO) के आयुक्त पद का अतिरिक्त प्रभार कोयला मंत्रालय के संयुक्त सचिव गोपल सिंह को सौंप दिया है। मंत्रालय की ओर से जारी कार्यालय ज्ञापन के अनुसार, कोयला मंत्री की मंजूरी के बाद यह जिम्मेदारी गोपल सिंह को दी गई है।
मंत्रालय द्वारा 17 अगस्त 2026 को जारी आदेश के मुताबिक, गोपल सिंह को सीएमपीएफओ आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार उसी दिन से प्रभावी हो गया है। वह नियमित नियुक्ति होने तक या अगले आदेश तक इस पद की जिम्मेदारी संभालेंगे।
भारत सरकार के अवर सचिव संजीव रंजन की ओर से जारी कार्यालय ज्ञापन में इस अतिरिक्त प्रभार की जानकारी दी गई है। आदेश में कहा गया है कि प्रशासनिक जरूरतों को देखते हुए यह जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि संगठन का कामकाज सुचारू रूप से चलता रहे।
सीएमपीएफओ कोयला क्षेत्र से जुड़े कर्मचारियों और श्रमिकों के भविष्य निधि प्रबंधन के लिए एक महत्वपूर्ण संगठन है। ऐसे में आयुक्त पद पर नियुक्ति को काफी अहम माना जाता है। संगठन की जिम्मेदारी लाखों कोयला कर्मचारियों के भविष्य निधि से जुड़े मामलों के संचालन और प्रबंधन की होती है।
गोपल सिंह वर्तमान में कोयला मंत्रालय में संयुक्त सचिव के पद पर कार्यरत हैं। मंत्रालय ने उनके प्रशासनिक अनुभव और जिम्मेदारियों को देखते हुए उन्हें यह अतिरिक्त दायित्व सौंपा है। अब वह संयुक्त सचिव के कार्यों के साथ-साथ सीएमपीएफओ आयुक्त का काम भी संभालेंगे।
आदेश के अनुसार, अतिरिक्त प्रभार सौंपे जाने की जानकारी कोयला मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा संबंधित विभागों को भी भेजी गई है। इसकी प्रतिलिपि कोयला मंत्री, कोयला राज्य मंत्री, कोल इंडिया लिमिटेड और उसकी सहायक कंपनियों के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशकों सहित मंत्रालय के अन्य संबंधित अधिकारियों को भेजी गई है।
सीएमपीएफओ कोयला उद्योग में सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके माध्यम से कोयला क्षेत्र के कर्मचारियों को भविष्य निधि और अन्य संबंधित सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। संगठन में प्रशासनिक निरंतरता बनाए रखना जरूरी होता है, इसलिए आयुक्त पद पर अस्थायी व्यवस्था की गई है।
मंत्रालय के इस फैसले को प्रशासनिक स्थिरता बनाए रखने की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है। नियमित आयुक्त की नियुक्ति तक गोपल सिंह संगठन के कामकाज की निगरानी करेंगे और जरूरी फैसलों को आगे बढ़ाएंगे।
कोयला क्षेत्र भारत की अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में से एक है। इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनके सामाजिक सुरक्षा हितों से जुड़े मामलों का संचालन सीएमपीएफओ करता है। ऐसे में संगठन के शीर्ष पद पर अनुभवी अधिकारी की मौजूदगी महत्वपूर्ण मानी जाती है।
अधिकारियों के अनुसार, अतिरिक्त प्रभार की व्यवस्था सरकारी संस्थानों में सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है। जब तक किसी पद पर स्थायी नियुक्ति नहीं हो जाती, तब तक किसी वरिष्ठ अधिकारी को अतिरिक्त जिम्मेदारी देकर कामकाज जारी रखा जाता है।
गोपल सिंह के सामने अब सीएमपीएफओ की प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने, कर्मचारियों से जुड़े मामलों के प्रभावी निपटारे और संगठन के नियमित कार्यों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी।
फिलहाल कोयला मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यह व्यवस्था नियमित नियुक्ति होने तक जारी रहेगी। आगे आयुक्त पद पर स्थायी नियुक्ति के संबंध में सरकार की ओर से अलग आदेश जारी किया जा सकता है।