Jharkhand:झारखंड हाईकोर्ट का गुमला के गिरजा टंगराटोली मामले में सख्त रुख, जलापूर्ति और आंगनबाड़ी सुधार के निर्देश
रांची से मिली जानकारी के अनुसार झारखंड हाईकोर्ट ने गुमला जिले के पालकोट प्रखंड स्थित गिरजा टंगराटोली गांव में खराब जलापूर्ति व्यवस्था और जर्जर आंगनबाड़ी केंद्र को लेकर दायर जनहित याचिका पर महत्वपूर्ण आदेश जारी किए हैं। मुख्य न्यायाधीश एम.एस. सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए प्रशासन को कई सख्त निर्देश दिए हैं।
जनहित याचिका में उठे अहम मुद्दे:याचिका में गांव में पेयजल संकट और आंगनबाड़ी केंद्र की खराब स्थिति को प्रमुख रूप से उठाया गया था। इसमें स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने और आंगनबाड़ी भवन की मरम्मत के साथ बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने की मांग की गई थी।
सोलर जलापूर्ति व्यवस्था पर कोर्ट की टिप्पणी:सुनवाई के दौरान बताया गया कि गांव में पहले से सोलर आधारित जल टैंक लगाया गया था, लेकिन हाल की बारिश और तेज आंधी से सोलर प्लेटें क्षतिग्रस्त हो गईं, जिससे जलापूर्ति ठप हो गई। इस पर अदालत ने कहा कि यदि व्यवस्था मौजूद है तो उसका सुचारू संचालन सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
उपायुक्त को तीन माह का समय:हाईकोर्ट ने गुमला के उपायुक्त को निर्देश दिया कि वह तकनीकी टीम के साथ स्थल का निरीक्षण कर सोलर जल टैंक की मरम्मत कराएं और तीन महीने के भीतर पेयजल आपूर्ति बहाल करें। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि ग्रामीणों को किसी तरह की असुविधा न हो।
डीडीसी को आंगनबाड़ी पर निर्देश :आंगनबाड़ी केंद्र की स्थिति को लेकर अदालत ने याचिकाकर्ता को डीडीसी के समक्ष आवेदन देने की अनुमति दी है। इसके बाद डीडीसी स्थल निरीक्षण कर भवन की मरम्मत और स्वच्छता सुविधाओं पर निर्णय लेंगे।
जनहित याचिका का निपटारा :अदालत ने कहा कि यह निर्देश जनहित को ध्यान में रखते हुए दिए गए हैं और इन्हीं के साथ याचिका का निपटारा कर दिया गया।
इस फैसले से ग्रामीणों को जल संकट और आंगनबाड़ी सुविधा में सुधार की उम्मीद जगी है।