रंका। राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 343 को रविवार को तीन घंटे से अधिक समय तक कथित रूप से अनधिकृत तरीके से जाम कर यातायात बाधित करने के मामले में रंका थाना पुलिस ने कार्रवाई की है। थाना प्रभारी रविकुमार केशरी ने इस मामले में 14 नामजद और 40 अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस के अनुसार, सड़क जाम किए जाने के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
थाना प्रभारी ने बताया कि यह कार्रवाई रविवार को हुए एक सड़क हादसे के बाद की गई। हादसे में रंका थाना क्षेत्र के पिंडरा गांव निवासी सुरेश साव के पुत्र अनूप कुमार गुप्ता की मौत हो गई थी। बताया गया कि अनूप कुमार गुप्ता मोटरसाइकिल से गढ़वा से रंका लौट रहे थे। इसी दौरान एक मालवाहक ट्रक की चपेट में आने से उनकी मौत हो गई।
हादसे की सूचना मिलने के बाद स्थानीय लोगों और मृतक के परिजनों में आक्रोश फैल गया। इसके बाद राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 343 को जाम कर दिया गया। पुलिस का आरोप है कि सड़क को तीन घंटे से अधिक समय तक बिना पूर्व सूचना और अनुमति के जाम रखा गया, जिससे यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई।
सड़क हादसे के बाद हुआ जाम
पुलिस के अनुसार, अनूप कुमार गुप्ता मोटरसाइकिल से गढ़वा की ओर से रंका लौट रहे थे। इसी दौरान वह एक मालवाहक ट्रक की चपेट में आ गए। हादसे में उन्हें गंभीर चोटें आईं और उनकी मौत हो गई।
घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग मौके पर जुटने लगे। मृतक की पहचान होने के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ गई। इसके बाद लोगों ने सड़क पर विरोध जताते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर दिया।
सड़क जाम होने के कारण दोनों ओर वाहनों की कतार लगने लगी। राष्ट्रीय राजमार्ग होने के कारण इस मार्ग से गुजरने वाले यात्रियों और वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
तीन घंटे से अधिक बाधित रहा यातायात
थाना प्रभारी रविकुमार केशरी के अनुसार, राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 343 को तीन घंटे से अधिक समय तक जाम रखा गया। पुलिस ने इसे अनधिकृत जाम बताते हुए यातायात बाधित करने का मामला दर्ज किया है।
पुलिस का कहना है कि किसी भी सड़क दुर्घटना के बाद लोगों को अपनी शिकायत और मांग प्रशासन के सामने रखने का अधिकार है, लेकिन राष्ट्रीय राजमार्ग को लंबे समय तक बाधित करने से आम लोगों की आवाजाही प्रभावित होती है।
इसी आधार पर पुलिस ने सड़क जाम करने में शामिल बताए जा रहे लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
14 लोग नामजद
रंका थाना पुलिस की ओर से दर्ज प्राथमिकी में 14 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है। इनके अलावा 40 अन्य अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है।
पुलिस अब प्राथमिकी में नामजद लोगों के साथ-साथ घटना के दौरान मौजूद अन्य लोगों की पहचान करने की कोशिश कर सकती है। इसके लिए मौके पर मौजूद लोगों के बयान, वीडियो फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की मदद ली जा सकती है।
अज्ञात आरोपियों की पहचान होने के बाद उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
यातायात बाधित करने का आरोप
पुलिस ने आरोप लगाया है कि प्रदर्शनकारियों द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग को अनधिकृत तरीके से बंद किया गया। इसके कारण सामान्य यातायात प्रभावित हुआ।
राष्ट्रीय राजमार्ग पर लंबे समय तक जाम रहने से यात्री वाहन, मालवाहक वाहन और अन्य जरूरी सेवाओं से जुड़े वाहनों को भी परेशानी हो सकती है। इसी वजह से पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्राथमिकी दर्ज की।
हालांकि प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होगी। जिन लोगों को आरोपी बनाया गया है, उन्हें अपना पक्ष रखने का कानूनी अधिकार है।
हादसे में युवक की मौत से आक्रोश
सड़क जाम के पीछे मुख्य कारण अनूप कुमार गुप्ता की सड़क हादसे में हुई मौत बताई गई है। परिवार और स्थानीय लोगों के लिए यह घटना बेहद दुखद थी। हादसे के बाद लोगों में दुर्घटना को लेकर नाराजगी भी सामने आई।
ऐसे मामलों में स्थानीय लोग अक्सर सड़क सुरक्षा, वाहन चालकों की लापरवाही और दुर्घटना के बाद प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर सवाल उठाते हैं। इसी तरह की नाराजगी के बाद रविवार को NH-343 पर विरोध प्रदर्शन और जाम की स्थिति बनी।
पुलिस ने बाद में यातायात व्यवस्था सामान्य कराने की दिशा में कार्रवाई की।
ट्रक की भूमिका की भी जांच
अनूप कुमार गुप्ता की मौत मालवाहक ट्रक की चपेट में आने से हुई। ऐसे में हादसे की परिस्थितियों की जांच भी महत्वपूर्ण है।
पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर सकती है कि दुर्घटना किस तरह हुई और इसमें ट्रक चालक की क्या भूमिका थी। हादसे के बाद वाहन की स्थिति, घटनास्थल और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान जांच में महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
सड़क दुर्घटना से जुड़े मामले और सड़क जाम से संबंधित प्राथमिकी अलग-अलग कानूनी पहलुओं के तहत आगे बढ़ सकती है।
पुलिस ने दर्ज की प्राथमिकी
रंका थाना प्रभारी रविकुमार केशरी ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि 14 नामजद और 40 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पुलिस के मुताबिक, मामला सड़क को बिना पूर्व सूचना और अनुमति के जाम कर यातायात बाधित करने से संबंधित है। अब पुलिस प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों के आधार पर आगे की जांच करेगी।
जांच के दौरान यह भी स्पष्ट किया जा सकता है कि जाम में कौन-कौन लोग शामिल थे और सड़क कितने समय तक बाधित रही।
वीडियो और स्थानीय साक्ष्य बन सकते हैं आधार
घटना के दौरान सड़क पर मौजूद लोगों ने यदि वीडियो बनाए होंगे तो वे जांच में महत्वपूर्ण हो सकते हैं। पुलिस ऐसे वीडियो के जरिए प्रदर्शन में शामिल लोगों की पहचान करने का प्रयास कर सकती है।
इसके अलावा स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी जांच का हिस्सा हो सकते हैं। नामजद आरोपियों की भूमिका के बारे में भी पुलिस साक्ष्य जुटाएगी।
40 अज्ञात आरोपियों की पहचान के लिए भी इसी तरह उपलब्ध साक्ष्यों का इस्तेमाल किया जा सकता है।
सड़क जाम से आम लोगों को हुई परेशानी
NH-343 पर तीन घंटे से अधिक समय तक यातायात प्रभावित होने से आम यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगने से वाहनों को आगे बढ़ने में कठिनाई हुई और कई यात्रियों की यात्रा प्रभावित हुई।
पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ यातायात को सुचारु रखना भी उसकी जिम्मेदारी है। इसी वजह से सड़क जाम करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
जांच के बाद स्पष्ट होगी जिम्मेदारी
फिलहाल रंका पुलिस ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 14 नामजद और 40 अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज मामले में पुलिस घटना से जुड़े साक्ष्य जुटाएगी।
वहीं, अनूप कुमार गुप्ता की मौत से जुड़े सड़क हादसे की परिस्थितियों की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह स्पष्ट करने की कोशिश करेगी कि दुर्घटना कैसे हुई और इसमें संबंधित वाहन की क्या भूमिका रही।
राष्ट्रीय राजमार्ग को तीन घंटे से अधिक समय तक जाम करने के आरोप में दर्ज प्राथमिकी के बाद अब पुलिस की जांच पर नजर रहेगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि नामजद और अज्ञात आरोपियों में से किन लोगों की भूमिका सामने आती है और उनके खिलाफ आगे क्या कानूनी कार्रवाई की जाती है।