गोड्डा: झारखंड के गोड्डा और पाकुड़ को रेल नेटवर्क से जोड़ने वाली प्रस्तावित रेल लाइन को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी से जुड़ी कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं। सांसद के मुताबिक गोड्डा-पाकुड़ रेल लाइन को इसी वर्ष मंजूरी मिलने की उम्मीद है। इस रेल परियोजना को संताल परगना क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। गोड्डा और पाकुड़ के बीच सीधी रेल कनेक्टिविटी होने से यात्रियों के साथ-साथ व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। वर्तमान में इस क्षेत्र के लोगों को कई स्थानों के बीच यात्रा के लिए सड़क परिवहन पर निर्भर रहना पड़ता है।

निशिकांत दुबे ने रेल मंत्री के सामने गोड्डा-पाकुड़ रेल लाइन के अलावा क्षेत्र की रेल सुविधाओं से संबंधित कुल सात प्रमुख मांगें रखीं। सांसद ने रेल परियोजनाओं को गति देने और संताल परगना में कनेक्टिविटी को मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया। गोड्डा-पाकुड़ रेल लाइन को लेकर पहले भी कई बार पहल हो चुकी है। वर्ष 2023 में भी इस परियोजना को आगे बढ़ाने और क्षेत्र को बेहतर रेल कनेक्टिविटी देने की मांग उठी थी। उस समय भी इसे गोड्डा को पाकुड़ और आगे साहिबगंज क्षेत्र से जोड़ने के लिहाज से महत्वपूर्ण बताया गया था।
क्षेत्र के विकास को मिलेगी रफ्तार
प्रस्तावित रेल लाइन से संताल परगना के कई इलाकों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है। रेल संपर्क मजबूत होने से लोगों को रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार के लिए दूसरे शहरों तक पहुंचने में आसानी हो सकती है। साथ ही स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाने में भी रेलवे की भूमिका अहम हो सकती है। गोड्डा में रेल सेवा शुरू होने के बाद क्षेत्र के लोगों को देश के अन्य हिस्सों से सीधा जुड़ाव मिला है। अब गोड्डा-पाकुड़ रेल संपर्क को अगले बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है। गोड्डा रेलवे स्टेशन से पहले ही दिल्ली, रांची, पटना और कोलकाता जैसे प्रमुख शहरों के लिए ट्रेन सेवाएं उपलब्ध हैं।
पहले से चल रही हैं कई रेल परियोजनाएं
गोड्डा क्षेत्र में रेल नेटवर्क के विस्तार की दिशा में पिछले कुछ वर्षों में कई महत्वपूर्ण काम हुए हैं। गोड्डा-पीरपैंती रेल लाइन को भी मंजूरी मिल चुकी है। लगभग 61.6 किलोमीटर लंबी इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 1,384 करोड़ रुपये बताई गई थी। गोड्डा-पाकुड़ रेल लाइन के निर्माण से झारखंड के इस हिस्से को पश्चिम बंगाल की ओर बेहतर रेल संपर्क मिलने की संभावना है। इससे यात्रियों के साथ माल ढुलाई और कारोबार को भी फायदा हो सकता है।
अब सांसद निशिकांत दुबे की रेल मंत्री से मुलाकात के बाद इस परियोजना को लेकर उम्मीदें बढ़ी हैं। यदि इसी वर्ष प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो आगे सर्वे, विस्तृत परियोजना रिपोर्ट, भूमि अधिग्रहण और निर्माण से जुड़ी प्रक्रियाओं को गति मिल सकती है। मंजूरी के बाद परियोजना को जमीन पर उतारने में कई प्रशासनिक और तकनीकी चरण पूरे करने होंगे। फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि प्रस्तावित गोड्डा-पाकुड़ रेल लाइन को लेकर केंद्र स्तर पर पहल तेज होने के संकेत मिले हैं। इससे क्षेत्र के लोगों में लंबे समय से चली आ रही रेल कनेक्टिविटी की मांग पूरी होने की उम्मीद जगी है।
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