झारखंड : सरकारी और सहायता प्राप्त विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए राहत भरी खबर है। कक्षा नौवीं से 12वीं तक के छात्रों को पोशाक खरीदने के लिए मिलने वाली राशि जल्द ही उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी।

वित्तीय वर्ष 2026-27 के तहत विद्यार्थियों को यह राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार ने इसकी प्रक्रिया तेज कर दी है और 15 सितंबर तक राशि हस्तांतरण का लक्ष्य रखा गया है।

शिक्षा परियोजना परिषद ने जारी किए निर्देश

झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के राज्य निदेशक शशि रंजन ने इस संबंध में सभी जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) और जिला शिक्षा अधीक्षक (DSE) को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

निर्देश में कहा गया है कि तय लक्ष्य के अनुसार पात्र विद्यार्थियों की सूची तैयार कर उसे सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (PFMS) पोर्टल पर अपलोड किया जाए।

इसके बाद राज्य कार्यालय के डीबीटी सेल के साथ समन्वय स्थापित कर राशि भेजने की प्रक्रिया पूरी की जाए।

विद्यार्थियों को सीधे मिलेगा लाभ

सरकार की ओर से पोशाक राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे विद्यार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी।

इस व्यवस्था का उद्देश्य राशि वितरण में पारदर्शिता बनाए रखना और छात्रों तक सरकारी सहायता समय पर पहुंचाना है।

डीबीटी प्रणाली के माध्यम से बिचौलियों की भूमिका खत्म होती है और लाभार्थियों को सीधे आर्थिक सहायता मिलती है।

स्कूलों को पूरी करनी होगी प्रक्रिया

शिक्षा विभाग ने स्कूलों और जिला स्तर के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि विद्यार्थियों की जानकारी समय पर उपलब्ध कराई जाए।

बैंक खाते, पात्रता और अन्य जरूरी विवरणों की जांच के बाद ही सूची को अंतिम रूप दिया जाएगा।

किसी भी तरह की गलती के कारण विद्यार्थियों को राशि मिलने में परेशानी न हो, इसके लिए अधिकारियों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।

छात्रों को मिलेगी पोशाक खरीदने में मदद

पोशाक राशि का उद्देश्य विद्यार्थियों को स्कूल ड्रेस खरीदने में आर्थिक सहायता देना है।

कई परिवार आर्थिक कारणों से बच्चों के लिए समय पर पोशाक की व्यवस्था नहीं कर पाते हैं। ऐसे में सरकार की यह योजना छात्रों और उनके परिवारों के लिए मददगार साबित होती है।

इससे विद्यार्थियों में समानता की भावना बढ़ाने और स्कूल आने के लिए प्रोत्साहित करने में भी सहायता मिलती है।

शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की पहल

राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कई योजनाएं चला रही है।

पोशाक राशि के साथ-साथ विद्यार्थियों को अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि आर्थिक स्थिति पढ़ाई में बाधा न बने।

शिक्षा विभाग का कहना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर छात्रों तक पहुंचाना प्राथमिकता है।

अधिकारियों को निगरानी की जिम्मेदारी

जिला शिक्षा अधिकारियों और शिक्षा अधीक्षकों को पूरी प्रक्रिया की निगरानी करने को कहा गया है।

उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी पात्र विद्यार्थियों की जानकारी सही तरीके से दर्ज हो और राशि भेजने की प्रक्रिया तय समय सीमा में पूरी हो।

15 सितंबर तक पूरा होगा भुगतान

विभाग ने स्पष्ट किया है कि पोशाक राशि वितरण की प्रक्रिया 15 सितंबर तक पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।

इससे हजारों विद्यार्थियों को सीधे लाभ मिलेगा और वे अपनी जरूरत के अनुसार पोशाक की व्यवस्था कर सकेंगे।

झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के निर्देश के बाद अब स्कूल और जिला स्तर के अधिकारी लाभार्थी विद्यार्थियों की सूची तैयार करने और उसे पोर्टल पर अपलोड करने की प्रक्रिया में जुट गए हैं।

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