धनबाद: झारखंड के धनबाद जिले में भूमिगत कोयला खदानों की आग और भू-धंसान से प्रभावित झरिया क्षेत्र के पुनर्वास को लेकर झरिया मास्टर प्लान की समीक्षा की गई। प्रधानमंत्री के सलाहकार तरुण कपूर ने अधिकारियों के साथ बैठक कर पुनर्वास कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। इस दौरान आग और भू-धंसान वाले खतरनाक क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर बसाने के साथ उनके लिए रोजगार और आजीविका के अवसर सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।

समीक्षा के दौरान झरिया पुनर्वास एवं विकास प्राधिकरण (JRDA), भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) और जिला प्रशासन से जुड़े अधिकारियों ने मास्टर प्लान के तहत चल रहे कार्यों की जानकारी दी। प्रभावित परिवारों को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने, पुनर्वास स्थलों पर जरूरी बुनियादी सुविधाएं विकसित करने और पुनर्वास प्रक्रिया में आ रही समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। झरिया कोयला क्षेत्र में दशकों से भूमिगत आग की समस्या बनी हुई है। कई स्थानों पर जमीन धंसने की घटनाएं भी सामने आती रही हैं। ऐसे इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा को देखते हुए उन्हें जल्द से जल्द सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करना मास्टर प्लान की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। समीक्षा बैठक में पुनर्वास की प्रक्रिया को तेज करने और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया।
बैठक में इस बात पर भी विशेष ध्यान दिया गया कि प्रभावित परिवारों का पुनर्वास केवल मकान उपलब्ध कराने तक सीमित न रहे। नए स्थान पर बसने वाले लोगों के सामने रोजगार और नियमित आय की समस्या भी महत्वपूर्ण है। इसलिए कौशल विकास, स्वरोजगार और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में योजनाबद्ध तरीके से काम करने की आवश्यकता बताई गई। पुनर्वास स्थलों पर सड़क, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता भी महत्वपूर्ण मुद्दा है। अधिकारियों से कहा गया कि नए स्थानों पर लोगों को ऐसी सुविधाएं मिलनी चाहिए जिससे उन्हें रोजमर्रा की जरूरतों के लिए परेशानी का सामना न करना पड़े। प्रभावित परिवारों की समस्याओं को समझते हुए पुनर्वास प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने पर भी चर्चा हुई।
झरिया मास्टर प्लान केंद्र और राज्य सरकार के साथ कोयला क्षेत्र से जुड़ी एजेंसियों के लिए लंबे समय से महत्वपूर्ण परियोजना रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य भूमिगत आग और भू-धंसान के खतरे वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाना और प्रभावित क्षेत्रों की समस्याओं का दीर्घकालिक समाधान करना है। प्रधानमंत्री के सलाहकार की समीक्षा के बाद संबंधित एजेंसियों से कार्यों में तेजी लाने की उम्मीद है। आने वाले समय में प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के साथ रोजगार और आजीविका को जोड़ने की रणनीति झरिया मास्टर प्लान की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
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