झिलिया पुल निर्माण का डायवर्सन बहा, जलापूर्ति संकट के बीच बढ़ी लोगों की परेशानी
धनबाद। मैथन रोड स्थित झिलिया पुल के निर्माण कार्य के दौरान बनाया गया डायवर्सन एक बार फिर भारी बारिश की चपेट में आ गया है। सोमवार से रुक-रुककर हो रही तेज बारिश के कारण डायवर्सन का बड़ा हिस्सा पानी के तेज बहाव में बह गया, जिससे क्षेत्र में आवागमन व्यवस्था प्रभावित हो गई है।
डायवर्सन के क्षतिग्रस्त होने से मैथन, कुमारधुबी और चिरकुंडा क्षेत्र के बीच लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है। स्थानीय लोगों को अब आने-जाने के लिए अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। वहीं, दूसरी ओर पहले से क्षतिग्रस्त जलापूर्ति पाइपलाइन की मरम्मत का काम भी प्रभावित हो गया है।
जानकारी के अनुसार, झिलिया पुल के निर्माण के दौरान वाहनों और आम लोगों की आवाजाही के लिए वैकल्पिक रास्ते के रूप में डायवर्सन तैयार किया गया था। लेकिन लगातार बारिश और पानी के तेज बहाव के कारण यह डायवर्सन टिक नहीं पाया और इसका एक बड़ा हिस्सा बह गया।
डायवर्सन बहने के बाद स्थानीय लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। खासकर स्कूल जाने वाले बच्चों, कामकाजी लोगों और मजदूरों को अब रोजाना करीब पांच किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। इससे समय और खर्च दोनों बढ़ गए हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि बारिश के मौसम में डायवर्सन की मजबूती को लेकर पहले से ही चिंता जताई जा रही थी। लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य और वैकल्पिक रास्ते की व्यवस्था में पर्याप्त सावधानी नहीं बरती गई, जिसका खामियाजा अब आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
इस समस्या के साथ क्षेत्र में जलापूर्ति संकट भी गंभीर बना हुआ है। बताया जा रहा है कि करीब तीन दिन पहले झिलिया पुल निर्माण कार्य के दौरान मुख्य जलापूर्ति पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। पाइपलाइन टूटने से मैथन और आसपास के कई इलाकों में पानी की आपूर्ति प्रभावित हो गई।
पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने के बाद मरम्मत का काम शुरू किया गया था, लेकिन अब डायवर्सन बह जाने के कारण इस काम में भी बाधा उत्पन्न हो गई है। पानी की समस्या से जूझ रहे लोगों को उम्मीद थी कि जल्द ही पाइपलाइन की मरम्मत पूरी हो जाएगी, लेकिन अब उन्हें और इंतजार करना पड़ सकता है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, पानी की कमी के कारण घरों में रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं। कई परिवारों को पानी की व्यवस्था के लिए वैकल्पिक साधनों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से जल्द समाधान की मांग की है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि झिलिया पुल निर्माण जरूरी है, लेकिन निर्माण कार्य के दौरान आम लोगों की सुविधा और सुरक्षा का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। उनका कहना है कि यदि डायवर्सन की व्यवस्था मजबूत होती तो बारिश के बाद ऐसी स्थिति नहीं बनती।
प्रशासन और संबंधित विभाग की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, डायवर्सन की मरम्मत और जलापूर्ति पाइपलाइन को ठीक करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि, बारिश के कारण काम में बाधा आ रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के दौरान निर्माण कार्यों में विशेष सावधानी की जरूरत होती है। अस्थायी रास्तों और डायवर्सन को इस तरह तैयार किया जाना चाहिए कि तेज बारिश और पानी के बहाव को सहन कर सकें।
झिलिया पुल का निर्माण क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है, लेकिन फिलहाल निर्माण कार्य के कारण लोगों को असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है। डायवर्सन टूटने और पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने से लोगों की परेशानी दोहरी हो गई है।
फिलहाल मैथन, कुमारधुबी और चिरकुंडा क्षेत्र के लोग प्रशासन से जल्द राहत की उम्मीद लगाए बैठे हैं। लोगों की मांग है कि डायवर्सन को तत्काल दुरुस्त किया जाए और जलापूर्ति व्यवस्था को जल्द सामान्य किया जाए, ताकि आम जनजीवन पटरी पर लौट सके।