JAMMU: सद्भाव और एकता के महत्व पर उपमुख्यमंत्री ने दिया संदेश

Update: 2026-04-09 10:39 GMT
JAMMU.जम्मू: जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री ने शुक्रवार को कहा कि राज्य का सतत विकास और प्रगति सामाजिक सद्भाव और सामूहिक सहयोग पर निर्भर करता है। उन्होंने जोर दिया कि विभिन्न समुदायों के बीच सौहार्द और सहयोग ही क्षेत्र की स्थिरता और विकास की बुनियाद हैं। उपमुख्यमंत्री ने यह बात एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान कही, जिसमें प्रशासनिक अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर को आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से प्रगति के पथ पर आगे बढ़ाने के लिए हर नागरिक का योगदान महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी समुदायों से आग्रह किया कि वे भेदभाव और विभाजन से दूर रहकर सहयोग और भाईचारे के माध्यम से राज्य के विकास में भाग लें।
उन्होंने कहा, “जम्मू-कश्मीर का विकास केवल प्रशासनिक या आर्थिक पहल पर आधारित नहीं है। सामाजिक सद्भाव और आपसी विश्वास ही वह आधार है जिस पर हम स्थायी प्रगति सुनिश्चित कर सकते हैं। जब लोग एक-दूसरे के साथ समझ और सहयोग के आधार पर जुड़ते हैं, तभी समाज और राज्य की प्रगति संभव है।”
उपमुख्यमंत्री ने युवाओं और महिला समूहों से विशेष अपील की कि वे सामाजिक एकता और सह-अस्तित्व की भावना को बढ़ावा दें। उन्होंने कहा कि शिक्षा, रोजगार और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से विभिन्न समुदायों के बीच संवाद और सहयोग को मजबूत किया जा सकता है।
इस अवसर पर उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को भी निर्देश दिया कि वे विकास योजनाओं और परियोजनाओं में सामाजिक समावेशिता को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि विकास केवल इन्फ्रास्ट्रक्चर या औद्योगिक परियोजनाओं तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि यह सभी नागरिकों के जीवन स्तर और सामाजिक सामंजस्य में सुधार लाने में भी योगदान दे।
विशेष रूप से, उपमुख्यमंत्री ने जम्मू-कश्मीर में पिछले वर्षों में हुए सामाजिक और आर्थिक सुधारों का उल्लेख किया और कहा कि राज्य ने कई क्षेत्रों में प्रगति हासिल की है, लेकिन यह विकास तब ही स्थायी होगा जब सभी समुदायों में सहयोग और भरोसा बना रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि स्थानीय जनता का समर्थन और सहभागिता किसी भी परियोजना की सफलता के लिए अनिवार्य है।
कार्यक्रम में नागरिकों ने उपमुख्यमंत्री के संदेश का स्वागत किया और कहा कि सामाजिक सद्भाव और एकता पर जोर देने से राज्य में शांति और स्थिरता बनी रहेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि उपमुख्यमंत्री का यह बयान जम्मू-कश्मीर में सामाजिक और आर्थिक विकास को एक साथ जोड़ने की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है।
अंततः, उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जम्मू-कश्मीर का वास्तविक विकास तभी संभव है जब सभी समुदाय आपसी विश्वास, सहयोग और भाईचारे के साथ राज्य की प्रगति में योगदान दें।
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