Himachal Pradesh.हिमाचल प्रदेश: प्रदेश के आबकारी आयुक्त ने हाल ही में आबकारी विभाग के विभिन्न कार्यों और संचालन की विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक का उद्देश्य विभाग की कार्यकुशलता, नियमों के पालन और आने वाली चुनौतियों का मूल्यांकन करना था। आयुक्त ने विभागीय अधिकारियों को कार्य में पारदर्शिता, जवाबदेही और सुधार के महत्व पर विशेष जोर देने के लिए निर्देश दिए।
आबकारी आयुक्त ने बैठक में कहा कि विभाग का मुख्य लक्ष्य राजस्व संग्रह को बढ़ाना, शराब और मद्य पदार्थों के वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करना और उपभोक्ताओं की सुरक्षा है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कानून और नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए और किसी भी प्रकार की अनियमितताओं को तुरंत रिपोर्ट किया जाए।
बैठक में विभागीय अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें राजस्व संग्रह, लाइसेंसिंग, दुकानों की निगरानी, और आबकारी नियमों के पालन की स्थिति का विस्तृत विवरण था। आयुक्त ने प्रत्येक अधिकारी की रिपोर्ट की समीक्षा की और आवश्यक सुधारात्मक कदम सुझाए। उन्होंने कहा कि तकनीकी और डिजिटल उपकरणों का उपयोग करके विभागीय प्रक्रियाओं को और अधिक कुशल और पारदर्शी बनाया जा सकता है।
इसके अलावा, आयुक्त ने कर्मचारियों की प्रशिक्षण आवश्यकताओं पर भी चर्चा की। उन्होंने सुझाव दिया कि कर्मचारियों को समय-समय पर नए नियमों और कानूनों के बारे में जागरूक किया जाना चाहिए ताकि वे अपनी जिम्मेदारियों को प्रभावी ढंग से निभा सकें।
बैठक में यह भी चर्चा हुई कि आबकारी विभाग को लोकप्रिय और सुरक्षित सेवा प्रदान करने के लिए उपभोक्ताओं की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करनी होगी। आयुक्त ने अधिकारियों से कहा कि ग्राहकों की शिकायतों और सुझावों को गंभीरता से लिया जाए और उनके समाधान के लिए संगठित प्रक्रिया अपनाई जाए।
आबकारी आयुक्त ने विभागीय अधिकारियों से आग्रह किया कि वे सख्त अनुशासन और पारदर्शिता के साथ कार्य करें और किसी भी प्रकार की भ्रष्टाचार या अनियमितता को सहन न किया जाए। उन्होंने कहा कि इसका मुख्य लाभ राज्य की जनता और सरकार को होगा और यह विभाग की विश्वसनीयता और प्रतिष्ठा को भी मजबूत करेगा।
बैठक के अंत में आयुक्त ने कहा कि विभागीय समीक्षा नियमित अंतराल पर आयोजित की जाएगी ताकि सुधार और उत्कृष्टता के लिए सतत प्रयास सुनिश्चित किए जा सकें। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विभाग की कार्यप्रणाली को मॉडर्न तकनीकी और डिजिटल उपायों से सुदृढ़ किया जाए ताकि आबकारी विभाग में कार्यकुशलता, पारदर्शिता और जनता की संतुष्टि सुनिश्चित की जा सके।
इस प्रकार, आबकारी आयुक्त की यह समीक्षा बैठक विभाग की प्रभावी कार्यप्रणाली, सुधार और पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।