जम्मू-कश्मीर में AAY परिवारों को हर साल 6 मुफ्त LPG सिलेंडर, 8.79 लाख लाभार्थियों को मिलेगा लाभ
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर सरकार ने अंत्योदय अन्न योजना (AAY) के तहत आने वाले परिवारों के लिए बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने ऐसे परिवारों को हर साल छह मुफ्त घरेलू एलपीजी सिलेंडर देने की योजना को मंजूरी दी है। इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के घरेलू ईंधन के खर्च को कम करना है। जम्मू-कश्मीर विधानसभा में 24 सितंबर को खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री सतीश शर्मा ने इसकी जानकारी दी।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 1 जनवरी 2025 तक जम्मू-कश्मीर में अंत्योदय अन्न योजना के तहत कुल 8,79,112 लाभार्थी दर्ज किए गए थे। इनमें जम्मू संभाग के 2,74,695 और कश्मीर संभाग के 6,04,417 लाभार्थी शामिल हैं। इस तरह प्रदेश के करीब 8.79 लाख AAY लाभार्थी परिवारों को योजना के दायरे में लाया गया है।
सरकार के अनुसार, योजना के तहत पात्र AAY परिवारों को साल में छह घरेलू LPG सिलेंडरों की रिफिलिंग लागत का लाभ दिया जाएगा। इससे गरीब परिवारों के लिए खाना पकाने के ईंधन पर होने वाले खर्च को कम करने में मदद मिलेगी। इससे पहले सरकार ने योजना के लिए आधार-सक्षम डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर यानी DBT के जरिए लाभार्थियों के बैंक खातों में राशि पहुंचाने का प्रस्ताव रखा था।
जम्मू संभाग में 2.74 लाख से ज्यादा लाभार्थी
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक जम्मू संभाग में कुल 2,74,695 AAY लाभार्थी दर्ज हैं। जिलेवार आंकड़ों में राजौरी में 40,063 और पुंछ में 39,917 लाभार्थी शामिल हैं। जम्मू जिले में 32,104, सांबा में 7,445, कठुआ में 26,477, उधमपुर में 19,482, रियासी में 30,000, डोडा में 34,532, रामबन में 17,047 और किश्तवाड़ में 19,782 AAY लाभार्थी दर्ज किए गए हैं।
इन आंकड़ों से पता चलता है कि जम्मू संभाग के विभिन्न जिलों में बड़ी संख्या में परिवार AAY श्रेणी में शामिल हैं। योजना के लागू होने के बाद इन परिवारों को सालाना छह LPG सिलेंडरों के लिए आर्थिक राहत मिलने की व्यवस्था होगी।
कश्मीर संभाग में 6 लाख से ज्यादा लाभार्थी
कश्मीर संभाग में AAY लाभार्थियों की संख्या जम्मू संभाग की तुलना में अधिक है। यहां 1 जनवरी 2025 तक कुल 6,04,417 लाभार्थी दर्ज किए गए थे। सरकारी आंकड़ों के अनुसार कुपवाड़ा में 1,20,671, बारामूला में 1,09,815, बांदीपोरा में 40,307, गांदरबल में 22,613 और श्रीनगर में 26,450 लाभार्थी दर्ज हैं।
इसी तरह बडगाम में 68,785, पुलवामा में 59,063, शोपियां में 28,149, कुलगाम में 48,619 और अनंतनाग में 79,945 AAY लाभार्थी दर्ज किए गए हैं। इन आंकड़ों के आधार पर कश्मीर संभाग में बड़ी संख्या में परिवार इस कल्याणकारी योजना के संभावित लाभार्थी हैं।
पहले योजना की प्रक्रिया पर चल रहा था काम
छह मुफ्त LPG सिलेंडर देने की घोषणा के बाद योजना के क्रियान्वयन को लेकर सरकार ने विधानसभा में बताया था कि इसके विभिन्न पहलुओं और तौर-तरीकों पर काम चल रहा है। उस समय सरकार ने कहा था कि योजना की वास्तविक वित्तीय लागत इसके अंतिम रूप लेने के बाद निर्धारित की जाएगी।
अब 24 सितंबर को विधानसभा में सरकार ने छह मुफ्त LPG सिलेंडर उपलब्ध कराने की योजना को मंजूरी दिए जाने की जानकारी दी है। इससे योजना को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ने का रास्ता साफ हुआ है। हालांकि, लाभार्थियों तक राशि या सिलेंडर पहुंचाने की व्यावहारिक प्रक्रिया से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश अलग से महत्वपूर्ण होंगे।
घरेलू खर्च कम करने पर जोर
सरकार ने योजना को कमजोर और जरूरतमंद परिवारों के लिए घरेलू ऊर्जा खर्च कम करने से जोड़कर पेश किया है। LPG की कीमतों में बदलाव का सीधा असर घरेलू बजट पर पड़ता है। ऐसे में AAY श्रेणी के परिवारों को सालाना छह सिलेंडरों का लाभ मिलने से उनके खाना पकाने के ईंधन पर होने वाले खर्च में राहत मिलने की उम्मीद है।
योजना का लाभ केवल AAY श्रेणी में दर्ज पात्र परिवारों को ही मिलेगा। यानी प्रदेश के सभी LPG उपभोक्ता इस सुविधा के दायरे में नहीं होंगे। सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़े 1 जनवरी 2025 की स्थिति पर आधारित हैं, जबकि योजना का क्रियान्वयन और लाभार्थियों की वर्तमान सूची प्रशासनिक प्रक्रिया के अनुसार निर्धारित की जाएगी।
जम्मू-कश्मीर सरकार की ओर से यह घोषणा ऐसे समय हुई है जब विधानसभा में AAY लाभार्थियों की संख्या और मुफ्त LPG योजना के क्रियान्वयन से जुड़े सवाल उठाए गए थे। विधायक सज्जाद गनी लोन के सवाल के जवाब में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामलों के विभाग ने AAY लाभार्थियों से संबंधित आंकड़े सदन के सामने रखे थे।
इस योजना से जम्मू-कश्मीर के AAY परिवारों को साल में छह LPG सिलेंडरों की रिफिलिंग लागत का लाभ मिलेगा। 1 जनवरी 2025 के सरकारी आंकड़ों के आधार पर प्रदेश में 8,79,112 AAY लाभार्थी दर्ज थे। इनमें जम्मू संभाग के 2,74,695 और कश्मीर संभाग के 6,04,417 लाभार्थी शामिल हैं। सरकार की मंजूरी के बाद अब योजना के क्रियान्वयन से जुड़ी प्रक्रिया और लाभार्थियों तक इसका वास्तविक लाभ पहुंचना अगला महत्वपूर्ण चरण होगा।