Srinagar। PDP नेता इल्तिजा मुफ्ती ने जम्मू-कश्मीर में अपनी पार्टी के खिलाफ कथित कार्रवाई को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि PDP के खिलाफ “क्रैकडाउन” किया जा रहा है और पार्टी से जुड़े लोगों को परेशान किया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा बहाल करने की मांग दोहराई।

इल्तिजा मुफ्ती ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक गतिविधियों और विपक्षी आवाजों को लेकर जिस तरह का माहौल बनाया जा रहा है, वह चिंता का विषय है। उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों के राजनीतिक अधिकारों और उनकी आकांक्षाओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। PDP नेता ने जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे की बहाली को लेकर भी अपना रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी इस मुद्दे को लगातार उठाती रहेगी। उनके मुताबिक, जम्मू-कश्मीर के लोगों के अधिकारों और पहचान से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक और लोकतांत्रिक तरीके से उठाना जरूरी है।

इल्तिजा मुफ्ती का बयान ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक दल लगातार राज्य के भविष्य, संवैधानिक स्थिति और राजनीतिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी मांगें रखते रहे हैं। PDP लंबे समय से केंद्र सरकार द्वारा अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 के प्रावधानों में किए गए बदलाव का विरोध करती रही है।PDP नेता ने पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं के खिलाफ कथित कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। हालांकि, “क्रैकडाउन” के आरोपों को लेकर संबंधित अधिकारियों या सरकार की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया का इंतजार है। मामले में आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि भी आवश्यक है।

विशेष दर्जे की बहाली जम्मू-कश्मीर की राजनीति में एक प्रमुख मुद्दा बना हुआ है। क्षेत्रीय राजनीतिक दल इसे राज्य की पहचान और अधिकारों से जोड़कर देखते हैं, जबकि केंद्र सरकार का रुख रहा है कि 2019 के संवैधानिक बदलावों के बाद जम्मू-कश्मीर में विकास, सुशासन और सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है।इल्तिजा मुफ्ती ने अपनी मांग दोहराते हुए कहा कि PDP जम्मू-कश्मीर के लोगों से जुड़े मुद्दों को उठाती रहेगी। उन्होंने राजनीतिक गतिविधियों के लिए लोकतांत्रिक माहौल सुनिश्चित करने और पार्टी के खिलाफ कथित कार्रवाई रोकने की मांग की। फिलहाल, इल्तिजा मुफ्ती के आरोपों के बाद जम्मू-कश्मीर की राजनीति में इस मुद्दे को लेकर बहस तेज होने की संभावना है। आने वाले दिनों में सरकार और प्रशासन की प्रतिक्रिया से यह स्पष्ट होगा कि PDP द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधिकारिक तौर पर क्या रुख सामने आता है।

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