JAMMU.जम्मू: कश्मीर घाटी के पहलगाम में हुए नरसंहार की बरसी पर स्थानीय प्रशासन और समाजिक संगठनों ने भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर पीड़ित परिवारों, वरिष्ठ अधिकारियों और स्थानीय नागरिकों ने समारोह में भाग लिया और शहीदों को याद किया। श्रद्धांजलि कार्यक्रम में अधिकारियों और नागरिकों ने कहा कि यह नरसंहार कश्मीर की दुखद इतिहास की वह घटना है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। इस अवसर पर पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की गई और उनकी याद में मौन धारण किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ताओं में स्थानीय प्रशासन के प्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल थे। उन्होंने कहा कि नरसंहार की पीड़ा पीड़ित परिवारों के जीवन में आज भी गहरी छाया बनाए हुए है। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की घटनाओं को याद करना न केवल पीड़ितों के सम्मान के लिए जरूरी है, बल्कि समाज में शांति और सहिष्णुता को बढ़ावा देने के लिए भी महत्वपूर्ण है।
पीड़ितों के परिजन और स्थानीय नागरिकों ने समारोह में अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि इस दिन की याद में समाज को एकजुट रहने और हिंसा के विरुद्ध जागरूक रहने की प्रेरणा मिलती है। कई लोगों ने कहा कि यह आयोजन युवाओं को शांति और सद्भाव का संदेश देने में मदद करता है।
स्थानीय प्रशासन ने इस अवसर पर शहीदों के परिवारों के लिए विशेष सहायता और राहत योजना का भी जिक्र किया। अधिकारियों ने कहा कि राज्य सरकार पीड़ित परिवारों के कल्याण के लिए हमेशा प्रयासरत है और उनके सामाजिक एवं आर्थिक समर्थन को सुनिश्चित करती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे श्रद्धांजलि कार्यक्रम इतिहास को याद रखने और पीड़ितों के सम्मान के लिए आवश्यक हैं। यह समाज में एकता और संवेदनशीलता को बढ़ावा देता है और हिंसा के प्रभावों को आने वाली पीढ़ियों तक याद रखने में मदद करता है।
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