35 साल बाद सरला भट्ट हत्याकांड में Chargesheet, यासीन मलिक समेत पांच पर अपहरण और हत्या की साजिश का आरोप
Srinagar। जम्मू-कश्मीर की स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (SIA) ने करीब 35 वर्ष पुराने कश्मीरी पंडित नर्स सरला भट्ट के अपहरण और हत्या मामले में बड़ा कदम उठाते हुए विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है। एजेंसी ने इस मामले में अलगाववादी संगठन जेकेएलएफ के प्रमुख रहे यासीन मलिक समेत पांच लोगों को आरोपी बनाया है। चार्जशीट में अपहरण, हत्या, आपराधिक साजिश, आतंकवादी गतिविधियों, गैरकानूनी हथियार रखने और सबूत मिटाने सहित कई गंभीर धाराएं लगाई गई हैं।
एसआईए ने कहा कि इस कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश जाता है कि आतंकवाद से जुड़े अपराध समय बीतने के साथ खत्म नहीं हो जाते। एजेंसी के अनुसार, चाहे घटना को कई दशक बीत जाएं, लेकिन दोषियों को कानून के दायरे में लाने का प्रयास जारी रहेगा।
जांच एजेंसी ने बताया कि मामले की दोबारा जांच के दौरान संरक्षित गवाहों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए गए। इसके अलावा फोरेंसिक और बैलिस्टिक रिपोर्ट, मेडिकल साक्ष्य, दस्तावेजी रिकॉर्ड, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य तथा अन्य तकनीकी जानकारियों के आधार पर पूरे घटनाक्रम को फिर से जोड़ा गया। जांच में यह भी सामने आया कि सरला भट्ट को “मुखबिर” बताए जाने का दावा तथ्यों से पुष्ट नहीं हुआ। एजेंसी का कहना है कि हत्या को सही ठहराने के लिए यह आरोप गढ़ा गया था।
एसआईए के अनुसार, उपलब्ध साक्ष्य बताते हैं कि यह वारदात जेकेएलएफ की उस संगठित आतंकवादी रणनीति का हिस्सा थी, जिसका उद्देश्य आम नागरिकों, विशेष रूप से कश्मीरी पंडित समुदाय में भय का माहौल पैदा करना और उन्हें घाटी छोड़ने के लिए मजबूर करना था।
चार्जशीट में यासीन मलिक के अलावा जेकेएलएफ के पूर्व सदस्यों अब्दुल हमीद शेख, गुलाम मोहम्मद पटलू, मोहम्मद यूसुफ उर्फ इदरीस और खुर्शीद अहमद चालको के नाम शामिल किए गए हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, अब्दुल हमीद शेख और मोहम्मद यूसुफ की 1990 के दशक में मौत हो चुकी है, जबकि गुलाम मोहम्मद पटलू का 2018 में निधन हुआ था। पांचवें आरोपी खुर्शीद अहमद चालको के पाकिस्तान में होने की आशंका जताई गई है।
मामले के अनुसार, 18 अप्रैल 1990 को सरला भट्ट का श्रीनगर के सौरा स्थित शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (SKIMS) के हॉस्टल से अपहरण किया गया था। अगले दिन उनका शव अस्पताल से कुछ किलोमीटर दूर बरामद हुआ था। शव के पास एक पर्ची मिली थी, जिसमें उन्हें सुरक्षा एजेंसियों का मुखबिर बताया गया था।
घटना के बाद नगीन पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया था, लेकिन उस समय जांच में आरोपियों तक पहुंच नहीं बन सकी। वर्ष 2023 में मामले को दोबारा खोला गया और आगे की जांच एसआईए को सौंपी गई। जांच के दौरान एजेंसी ने 2025 में यासीन मलिक के श्रीनगर स्थित मैसूमा आवास सहित कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया और महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए।
यासीन मलिक पहले से ही आतंकवाद के वित्तपोषण से जुड़े एक मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं और दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद हैं। वहीं राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) उनकी उम्रकैद की सजा को फांसी में बदलने की मांग को लेकर अदालत में कानूनी प्रक्रिया चला रही है।
एसआईए का कहना है कि सरला भट्ट हत्याकांड की जांच अभी भी जारी है और यदि आगे कोई नया साक्ष्य सामने आता है तो उसके आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।