श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर कांग्रेस में संगठनात्मक पुनर्गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है। पार्टी के जम्मू-कश्मीर प्रभारी नासिर हुसैन शुक्रवार को दो दिवसीय दौरे पर श्रीनगर पहुंचे। पिछले दस दिनों में उनका यह दूसरा जम्मू-कश्मीर दौरा है। उनके दौरे का मुख्य उद्देश्य प्रदेश कांग्रेस की नई कार्यकारिणी के गठन को लेकर पार्टी नेताओं के साथ विस्तृत चर्चा करना और संगठन के विभिन्न स्तरों पर नई जिम्मेदारियों को अंतिम रूप देना है।

नासिर हुसैन के श्रीनगर पहुंचने के साथ ही कांग्रेस के भीतर संगठनात्मक गतिविधियां तेज हो गई हैं। पार्टी ने सभी जिला अध्यक्षों और वरिष्ठ नेताओं को श्रीनगर बुलाया है। इन नेताओं के साथ बैठक कर नए ब्लॉक अध्यक्षों और जिला कमेटियों के गठन पर चर्चा की जाएगी। इसके बाद प्रदेश कांग्रेस की नई कार्यकारिणी को अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है।

संगठन को नए सिरे से मजबूत करने की तैयारी

पार्टी सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस हाईकमान ने नई प्रदेश कार्यकारिणी में पदाधिकारियों की संख्या सीमित रखने के निर्देश दिए हैं। माना जा रहा है कि पार्टी संगठन में जिम्मेदारियों का बंटवारा करते समय सक्रियता, अनुभव और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखा जाएगा।

कांग्रेस लंबे समय से जम्मू-कश्मीर में अपने संगठन को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। नई कार्यकारिणी के गठन को इसी प्रक्रिया का अहम हिस्सा माना जा रहा है। संगठन में पदाधिकारियों की संख्या सीमित रखने के फैसले के पीछे जिम्मेदारियों को अधिक स्पष्ट और प्रभावी बनाने की कोशिश बताई जा रही है।

प्रदेश अध्यक्ष से की मुलाकात

श्रीनगर पहुंचने के बाद नासिर हुसैन ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा समेत पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक की। बैठक में संगठनात्मक गतिविधियों और आगामी रणनीति पर चर्चा की गई।

बैठक में पार्टी की जमीनी स्थिति, जिला और ब्लॉक स्तर पर संगठन की सक्रियता तथा नए पदाधिकारियों के चयन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया गया। नई कार्यकारिणी को लेकर वरिष्ठ नेताओं से सुझाव भी लिए जा रहे हैं।

पार्टी सूत्रों का कहना है कि नई टीम के गठन में ऐसे नेताओं और कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता देने पर जोर है, जो संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने में सक्रिय भूमिका निभा सकें।

जिला अध्यक्षों और वरिष्ठ नेताओं से होगा मंथन

नई कार्यकारिणी के गठन की प्रक्रिया में जिला अध्यक्षों और वरिष्ठ नेताओं की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसी वजह से पार्टी ने सभी जिला प्रधानों को श्रीनगर बुलाया है। उनके साथ अलग-अलग स्तर पर चर्चा कर स्थानीय संगठन की स्थिति और संभावित पदाधिकारियों के बारे में जानकारी ली जाएगी।

ब्लॉक स्तर पर नए अध्यक्षों की नियुक्ति और जिला कमेटियों के गठन पर भी चर्चा होगी। इसके बाद प्रस्तावित नामों पर पार्टी नेतृत्व अंतिम निर्णय ले सकता है।

कांग्रेस की कोशिश है कि संगठनात्मक ढांचे में ऐसे लोगों को जिम्मेदारी दी जाए, जो पार्टी की गतिविधियों को नियमित रूप से आगे बढ़ा सकें और कार्यकर्ताओं के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर सकें।

दस दिन में दूसरा दौरा

नासिर हुसैन का पिछले दस दिनों में जम्मू-कश्मीर का यह दूसरा दौरा है। लगातार हो रहे दौरों से साफ है कि पार्टी नेतृत्व संगठन के पुनर्गठन को लेकर गंभीरता से काम कर रहा है।

उनके पिछले दौरे के दौरान भी पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ संगठनात्मक विषयों पर चर्चा हुई थी। अब दूसरे दौरे में प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए नई कार्यकारिणी और जिला-ब्लॉक स्तर के ढांचे को अंतिम रूप देने की कोशिश की जा रही है।

सीमित पदाधिकारियों वाली टीम पर जोर

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस हाईकमान चाहता है कि नई कार्यकारिणी में पदाधिकारियों की संख्या जरूरत से अधिक न हो। इसके पीछे संगठन को अधिक चुस्त और प्रभावी बनाने का उद्देश्य बताया जा रहा है।

बड़ी कार्यकारिणी की जगह सीमित संख्या में जिम्मेदार पदाधिकारियों को शामिल करने से निर्णय लेने और संगठनात्मक गतिविधियों के संचालन में तेजी आने की उम्मीद है। साथ ही, पदाधिकारियों की जिम्मेदारियां भी स्पष्ट रूप से तय की जा सकती हैं।

आगामी राजनीतिक गतिविधियों की तैयारी

जम्मू-कश्मीर में कांग्रेस के लिए संगठनात्मक मजबूती महत्वपूर्ण है। नई कार्यकारिणी के गठन के बाद पार्टी को प्रदेश में अपनी राजनीतिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

नई टीम के सामने पार्टी कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना, जिला और ब्लॉक स्तर पर संगठन को मजबूत करना तथा जनता से जुड़े मुद्दों को प्रभावी तरीके से उठाना प्रमुख चुनौती होगी। इसके अलावा विभिन्न क्षेत्रों में पार्टी की गतिविधियों के बीच बेहतर तालमेल कायम करना भी नई कार्यकारिणी की जिम्मेदारी होगी।

फिलहाल नासिर हुसैन के दौरे के दौरान होने वाली बैठकों पर पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं की नजर है। जिला प्रधानों और वरिष्ठ नेताओं से चर्चा के बाद नई कार्यकारिणी के गठन की प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है। श्रीनगर में चल रहे मंथन के बाद कांग्रेस जम्मू-कश्मीर में अपनी नई संगठनात्मक टीम को अंतिम रूप देने की दिशा में आगे बढ़ेगी।

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