CAG ने J&K में वित्तीय अनियमितताओं और फंड खर्च पर चिंता जताई

Update: 2026-04-05 12:29 GMT
Jammu.जम्मू: केंद्रीय लेखा परीक्षक कार्यालय (CAG) की हालिया रिपोर्ट में जम्मू-कश्मीर सरकार पर वित्तीय नियमों के उल्लंघन और पिछली तिमाही में लगभग 49% फंड खर्च करने का आरोप लगाया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ने फंड की उपलब्धता और खर्च के बीच संतुलन बनाए रखने में पर्याप्त सावधानी नहीं बरती।
CAG ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि वित्तीय प्रबंधन के नियमों का पालन न होने से राज्य की विकास योजनाओं और सार्वजनिक परियोजनाओं पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। विशेष रूप से, रिपोर्ट में उल्लेख किया गया कि खर्च का विवरण समय पर प्रस्तुत नहीं किया गया और कुछ मामलों में अनधिकृत खर्च भी दर्ज हुआ।
रिपोर्ट के अनुसार, पिछली तिमाही में फंड का लगभग आधा हिस्सा खर्च किया गया, लेकिन उसके लिए उचित वित्तीय अनुमोदन और निगरानी प्रणाली का पालन नहीं किया गया। CAG ने अधिकारियों से इस संबंध में स्पष्ट जवाब देने और भविष्य में वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की वित्तीय अनियमितताएं राज्य के विकास और जनता की भलाई पर प्रतिकूल असर डाल सकती हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि नियमों का पालन न करने से धन का दुरुपयोग और परियोजनाओं में देरी जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
स्थानीय मीडिया और वित्तीय विश्लेषकों के अनुसार, CAG की रिपोर्ट ने प्रशासन के वित्तीय प्रबंधन की समीक्षा की जरूरत को उजागर किया है। उन्होंने कहा कि सरकारी फंड का प्रभावी और पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित करना किसी भी राज्य के लिए अत्यंत आवश्यक है।
CAG ने यह भी सुझाव दिया कि जम्मू-कश्मीर सरकार को तिमाही खर्च की निगरानी के लिए मजबूत नियंत्रण और रिपोर्टिंग तंत्र लागू करना चाहिए। इससे न केवल वित्तीय नियमों का पालन सुनिश्चित होगा, बल्कि विकास योजनाओं का समय पर क्रियान्वयन भी संभव होगा।
कुल मिलाकर, CAG की रिपोर्ट में जम्मू-कश्मीर सरकार की वित्तीय प्रबंधन क्षमता और नियमों के पालन में कमी पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। रिपोर्ट ने राज्य प्रशासन को वित्तीय अनुशासन बनाए रखने और फंड के प्रभावी उपयोग के लिए चेतावनी दी है।
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