Dharamshala धर्मशाला के हनुमान मंदिर में तिब्बती आध्यात्मिक नेता दलाई लामा की लंबी उम्र, अच्छी सेहत और भलाई के लिए एक खास प्रार्थना और यज्ञ का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम धर्मशाला हिंदू चैप्टर ने धार्मिक सद्भाव और विश्व शांति के लिए आयोजित किया था, जिसमें अलग-अलग धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। प्रतिनिधियों ने अपनी-अपनी धार्मिक परंपराओं और रीति-रिवाजों के अनुसार प्रार्थना की और दलाई लामा के अच्छे स्वास्थ्य और लंबी उम्र की कामना की।
इस सभा ने करुणा, भाईचारे, अहिंसा और विश्व शांति का संदेश दिया। अलग-अलग धार्मिक परंपराओं के प्रतिनिधियों का एक मंच पर आना इस कार्यक्रम की खास बात थी, जिसमें वक्ताओं ने आपसी सम्मान और मानव कल्याण की भावना पर ज़ोर दिया। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन और कार्यक्रम के मुख्य मेज़बान डॉ. राजेश शर्मा ने कहा कि दलाई लामा का जीवन करुणा, प्रेम, अहिंसा और मानवता के मूल्यों को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देना और अलग-अलग धार्मिक परंपराओं के बीच सद्भाव बनाए रखना दलाई लामा की मुख्य प्रतिबद्धताओं में से एक है। उन्होंने कहा, "यह कार्यक्रम सिर्फ़ एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि मानवता, धार्मिक सद्भाव और विश्व शांति के प्रति हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है।" 'वसुधैव कुटुंबकम' की भारतीय भावना का ज़िक्र करते हुए डॉ. शर्मा ने कहा कि आस्था और पूजा के तरीके अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन मानवता, प्रेम और करुणा के मूल्य लोगों को एकजुट करते हैं। उन्होंने कहा कि धार्मिक कार्यक्रमों से समाज में भाईचारे और सेवा की भावना मज़बूत होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब दुनिया तनाव और असहिष्णुता का सामना कर रही है, करुणा और शांति का संदेश और भी महत्वपूर्ण हो गया है। डॉ. शर्मा ने युवा पीढ़ी को सभी धर्मों का सम्मान करना सिखाने की ज़रूरत पर भी ज़ोर दिया।
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