Himachal Pradesh.हिमाचल प्रदेश: कृषि एवं पशुपालन मंत्री चंद्र कुमार ने शुक्रवार को यहां जस्सूर स्थित उप मंडी प्रांगण में नवनिर्मित विश्राम गृह का किसानों, सब्जी एवं फल उत्पादकों को लोकार्पण किया। राज्य कृषि उत्पाद विपणन बोर्ड द्वारा 1.35 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इस विश्राम गृह में नौ कमरे, दो वीआईपी सेट, 12 बिस्तरों वाला शयनगृह तथा एक कैंटीन की सुविधा उपलब्ध है। विश्राम गृह सुविधा का उद्घाटन करते हुए मंत्री ने कहा कि यह विश्राम गृह उप मंडी प्रांगण जस्सूर में अपनी उपज बेचने के लिए आने वाले उत्पादकों एवं किसानों को भोजन एवं आवास की सुविधा प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग ने किसानों के लाभ के लिए फतेहपुर, गंगथ एवं रियाली में तीन अनाज एवं सब्जी मंडियां खोली हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024-25 के दौरान इन मंडियों में उत्पादकों द्वारा 4.05 क्विंटल फल एवं सब्जियां बेची गई हैं। इसके अलावा, 1,738 किसानों ने इन मंडियों में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 1.35 लाख क्विंटल धान तथा 12,795 क्विंटल गेहूं बेचा है।
कृषि मंत्री ने बताया कि मंडी समिति कांगड़ा में 442 व्यापारी तथा मंडी समिति कांगड़ा में राष्ट्रीय कृषि बाजार के तहत 8,444 किसान पंजीकृत हैं, जिन्होंने राष्ट्रीय कृषि बाजार पोर्टल के माध्यम से 6.98 करोड़ रुपये के फल एवं सब्जियों का व्यापार किया है। उन्होंने बताया कि मंडी समिति कांगड़ा के तहत कांगड़ा, पालमपुर, बैजनाथ, धर्मशाला तथा जसूर को राष्ट्रीय कृषि बाजार से जोड़ा गया है, जो किसानों को आकर्षक एवं प्रतिस्पर्धी मूल्य प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कृषि उपज मंडियां न केवल किसानों के लिए व्यापार का माध्यम हैं, बल्कि उनकी आर्थिक सुरक्षा तथा बाजार तक पहुंच का महत्वपूर्ण स्तंभ भी हैं। उन्होंने कहा कि इसीलिए राज्य सरकार मंडी नेटवर्क को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि किसान राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और राज्य सरकार राज्य में किसानों और उत्पादकों के सशक्तिकरण के लिए दृढ़ प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।