हिमाचल प्रदेश कामगार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष व भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष राकेश बबली का पार्थिव देह (himachal workers board chairman rakesh babli) अंतिम संस्कार के लिए रविवार को उनके पैतृक गांव बुडान में लाया गया. राकेश बबली बड़सर के सकरोह पंचायत के बुडान गांव के रहने वाले थे. शनिवार को देर शाम किन्नौर में हार्टअटैक से उनकी अचानक मौत हो गई थी. उनका पार्थिक दे पैतृक गांव में सुबह 10:00 बजे के करीब पहुंचा.
यहां पर पार्थिव देह पहुंचते ही गांव में मातम का माहौल छा गया. पार्टी नेताओं पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ ही कांग्रेस विधायक इंद्र दत्त लखन पाल ने भी परिजनों को सांत्वना देने के लिए यहां पर पहुंचे थे. हिमाचल पथ परिवहन निगम के प्रदेश उपाध्यक्ष विजय अग्निहोत्री कौशल विकास निगम के प्रदेश समन्वयक नवीन शर्मा घर पर पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दी.
विद्यार्थी परिषद और संघ से था गहरा नाता:
राकेश शर्मा बबली का अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और भारतीय स्वयंसेवक संघ से गहरा नाता रहा है. वह भारतीय जनता पार्टी के प्रमुख नेताओं में शुमार थे तथा हमीरपुर जिला के बड़सर विधानसभा क्षेत्र के भारतीय जनता पार्टी के संभावित प्रत्याशियों में से एक थे. उन्होंने प्रदेश तथा देश के अन्य राज्यों में भी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के लिए कार्य किया. वह पार्टी के लिए भी बड़ी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर चुके हैं. वह भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा (BJP National President JP Nadda) के बेहद करीबी माने जाते रहे हैं. राकेश शर्मा बबली अपने पीछे पत्नी रमना शर्मा दो बच्चे 6 वर्षीय बेटा आदि शर्मा और बेटी नंदिता शर्मा को छोड़ गए हैं.
इंद्र दत्त लखनपाल ने जताई संवेदना: इस अवसर पर बड़सर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक इंद्र दत्त लखन पाल ने कहा कि राकेश शर्मा बबली के निधन से क्षेत्र में एक बड़ा नेता खोया है. उन्होंने कहा कि पिछली रात ही यह दुखदाई समाचार मिला था. उन्होंने कहा कि राकेश शर्मा का एक संघर्ष में जीवन रहा है. उन्होंने कामगार कल्याण बोर्ड का जिम्मा मिलने के बाद इसे आगे ले जाने का भरपूर प्रयास किया. बड़सर विधानसभा क्षेत्र के लोगों को उनके निधन से गहरा आघात पहुंचा है. उन्होंने कहा कि भगवान परिवार को इस दुख को सहने की क्षमता प्रदान करे.
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