Himachal Pradesh.हिमाचल प्रदेश: इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IIIT) ऊना के डायरेक्टर ने हाल ही में कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) भविष्य में एंट्री-लेवल जॉब्स को पूरी तरह से खत्म नहीं करेगा, लेकिन यह काम करने के तरीके को बदलने का काम करेगा। डायरेक्टर ने कहा कि AI तकनीक के तेजी से विकास के बावजूद शुरुआती स्तर के रोजगार अभी भी सुरक्षित हैं, खासकर उन नौकरियों में जिनमें मानवीय संपर्क, रचनात्मकता और निर्णय लेने की क्षमता आवश्यक है। उन्होंने बताया कि हालांकि AI रूटीन और दोहराए जाने वाले कार्यों को स्वचालित कर देगा, जिससे कर्मचारियों को अपने कौशल में नए बदलाव और उन्नयन करने की आवश्यकता होगी।
उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं को AI के बदलते परिदृश्य के अनुसार तैयार रहना होगा। उन्हें न केवल तकनीकी कौशल में दक्ष होना चाहिए, बल्कि रचनात्मक सोच, समस्या समाधान और टीम वर्क जैसे कौशल भी विकसित करने होंगे। AI को समझना और इसका सही उपयोग करना भविष्य में नौकरी पाने और टिकाऊ करियर बनाने के लिए जरूरी होगा। डायरेक्टर ने कहा कि शिक्षण संस्थान और उद्योगों को मिलकर AI और मशीन लर्निंग के क्षेत्र में प्रशिक्षण और शिक्षा को बढ़ावा देना चाहिए। इससे युवा एंट्री-लेवल जॉब्स में भी अधिक प्रभावी और उत्पादक बन सकेंगे। उन्होंने यह भी जोर दिया कि AI के आने से नई नौकरियों के अवसर भी पैदा होंगे, जैसे डेटा एनालिटिक्स, AI ट्रेनिंग और एथिकल AI विशेषज्ञता।
विशेषज्ञों का कहना है कि AI ने दुनिया भर में कार्यशैली को बदल दिया है। लेकिन केवल वही कार्य जो उच्च स्तर की तकनीकी समझ और मानवीय निर्णय पर निर्भर हैं, सुरक्षित रहेंगे। इसलिए एंट्री-लेवल कर्मचारियों को अपने काम में AI टूल्स और तकनीक के साथ तालमेल बैठाना सीखना होगा। IIIT-ऊना के डायरेक्टर ने युवाओं से आग्रह किया कि वे परिवर्तन को अवसर के रूप में देखें। उन्होंने कहा कि AI नौकरियों को खत्म करने के बजाय उन्हें अधिक चुनौतीपूर्ण और रोचक बनाने का माध्यम बनेगा। युवाओं के लिए यह समय है कि वे अपने कौशल में नवाचार और उन्नयन करें ताकि भविष्य में उद्योग की बदलती आवश्यकताओं को पूरा कर सकें।